अग्नि सुरक्षा हेतु फायर सेप्टी मॉक ड्रिल का आयोजन, पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को आग से बचाव और नियंत्रण का दिया गया प्रशिक्षण। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे अधिकारियो/कर्मचारियों को आग बुझाने, नियंत्रण करने और आपात स्थिति मे त्वरित कार्यवाही के सिखाए गए गुर। रक्षित केंद्र अंबिकापुर मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के उपस्थिति मे मॉकड्रिल किया गया आयोजित। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के दौरान पुलिस की क्षमता को मजबूत करना और विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयार करना था। अधिकारियो/कर्मचारियों को आग लगने के कारण एवं शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित करने के उपायों की विस्तार से दीं गई जानकारी। दिनांक 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक जिले मे अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे आपदा प्रबंधन के दौरान पुलिस की कार्यक्षमता को मजबूत करने और आगजनी जैसी विपरीत परिस्थितियों मे भी अधिकारियो/कर्मचारियों द्वारा मौक़े पर त्वरित कार्यवाही कर आमनागरिकों को राहत दिलाये के उद्देश्य से मॉकड्रिल का आयोजन कर उपलब्ध आधुनिक उपयोगी संसाधनों से प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य मे रक्षित केंद्र अंबिकापुर मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लो एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के उपस्थिति मे अग्निशमन दस्ता द्वारा अग्नि सुरक्षा का मॉकड्रिल आयोजित किया गया। मॉकड्रिल की शुरुवात से पूर्व वर्ष 1944 में अग्नि हादसे के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 फायर कर्मियों को सरगुजा पुलिस द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गर्ईु। उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर बलिदान को याद किया गया तथा कृतज्ञता अर्पित की गई। तत्पश्चात अग्निशमन विभाग की फायर टीम द्वारा फायर एक्सटिंग्विशर समेत अन्य उपकरणों कें इस्तेमाल का लाईव डेमो देकर अधिकारियो/कर्मचारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, गैस सिलेंडर की आग को बुझाने के तरीको का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, अधिकारियो/कर्मचारियों मे मौक़े पर गैस सिलेंडर की आग को बुझाकर देखा, प्रशिक्षण में बताया गया कि आग लगने पर सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना चाहिए और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देनी चाहिए शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पा लिया जाए तो बड़े हादसे से बचा जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आग से बचाव के लिए जागरूकता और त्वरित निर्णय बेहद जरूरी है छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना और आपात स्थिति में सूझबूझ से काम लेना जरुरी है। इस तरह के मॉकड्डिल से अधिकारियो/कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आपदा प्रबंधन की स्थिति मे की बेहतर ढंग से कार्यवाही कर नागरिकों को राहत दिलाई जा सकती है। अधिकारी कर्मचारी इस प्रशिक्षण का लाभ ले एवं आपदा प्रबंधन के समय प्राप्त सीखलाई का बेहतर ढंग से उपयोग करें। मॉकड्रिल के दौरान रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपूत, नगर सेना उप निरीक्षक (एम) संजय गुप्ता, फायरमैन अंजनी तिवारी, फायर टीम से चंद्रप्रताप सिंह, गुलशन तिवारी, सुशील खलखो सैनिक अनवर साय, अजय लकड़ा एवं काफी संख्या मे पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।
अग्नि सुरक्षा हेतु फायर सेप्टी मॉक ड्रिल का आयोजन, पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को आग से बचाव और नियंत्रण का दिया गया प्रशिक्षण। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे अधिकारियो/कर्मचारियों को आग बुझाने, नियंत्रण करने और आपात स्थिति मे त्वरित कार्यवाही के सिखाए गए गुर। रक्षित केंद्र अंबिकापुर मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के उपस्थिति मे मॉकड्रिल किया गया आयोजित। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन के दौरान पुलिस की क्षमता को मजबूत करना और विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयार करना था। अधिकारियो/कर्मचारियों को आग लगने के कारण एवं शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित करने के उपायों की विस्तार से दीं गई जानकारी। दिनांक 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक जिले मे अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे आपदा प्रबंधन के दौरान पुलिस की कार्यक्षमता को मजबूत करने और आगजनी जैसी विपरीत परिस्थितियों मे भी अधिकारियो/कर्मचारियों द्वारा मौक़े पर त्वरित कार्यवाही कर आमनागरिकों को राहत दिलाये के उद्देश्य से मॉकड्रिल का आयोजन कर उपलब्ध आधुनिक उपयोगी संसाधनों से प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य मे रक्षित केंद्र अंबिकापुर मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लो एवं नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के उपस्थिति मे अग्निशमन दस्ता द्वारा अग्नि सुरक्षा का मॉकड्रिल आयोजित किया गया। मॉकड्रिल की शुरुवात से पूर्व वर्ष 1944 में अग्नि हादसे के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 फायर कर्मियों को सरगुजा पुलिस द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गर्ईु। उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर बलिदान को याद किया गया तथा कृतज्ञता अर्पित की गई। तत्पश्चात अग्निशमन विभाग की फायर टीम द्वारा फायर एक्सटिंग्विशर समेत अन्य उपकरणों कें इस्तेमाल का लाईव डेमो देकर अधिकारियो/कर्मचारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, गैस सिलेंडर की आग को बुझाने के तरीको का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, अधिकारियो/कर्मचारियों मे मौक़े पर गैस सिलेंडर की आग को बुझाकर देखा, प्रशिक्षण में बताया गया कि आग लगने पर सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना चाहिए और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देनी चाहिए शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पा लिया जाए तो बड़े हादसे से बचा जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने पुलिस अधिकारियो/कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आग से बचाव के लिए जागरूकता और त्वरित निर्णय बेहद जरूरी है छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना और आपात स्थिति में सूझबूझ से काम लेना जरुरी है। इस तरह के मॉकड्डिल से अधिकारियो/कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और आपदा प्रबंधन की स्थिति मे की बेहतर ढंग से कार्यवाही कर नागरिकों को राहत दिलाई जा सकती है। अधिकारी कर्मचारी इस प्रशिक्षण का लाभ ले एवं आपदा प्रबंधन के समय प्राप्त सीखलाई का बेहतर ढंग से उपयोग करें। मॉकड्रिल के दौरान रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपूत, नगर सेना उप निरीक्षक (एम) संजय गुप्ता, फायरमैन अंजनी तिवारी, फायर टीम से चंद्रप्रताप सिंह, गुलशन तिवारी, सुशील खलखो सैनिक अनवर साय, अजय लकड़ा एवं काफी संख्या मे पुलिस अधिकारी कर्मचारी सक्रिय रहे।
- डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने राजपत्रित पुलिस अधिकारियो समेत थाना/चौकी प्रभारियों की ली समीक्षा बैठक। बैठक मे लम्बित अपराध, शिकायत, लम्बित मर्ग, चालान, म्यूल एकाउंट एवं पीओएस के लाम्बित मामलो की समीक्षा कर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश। गुमशुदा व्यक्तियों की खोज का अभियान मुस्कान एवं तलाश को गंभीरता से लेकर दौरान थाना/चौकी प्रभारियों को अधिक से अधिक गुमशुदा की तलाश करने किया गया निर्देशित। सड़क दुर्घटना के मामलो मे प्रभावी कमी लाने, यातायात के नियमो की अवहेलना कर शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्यवाही हेतु किया गया निर्देशित। बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की लगातार औचक चेकिंग कर सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने थाना/चौकी प्रभारियों को किया गया निर्देशित, थाना/चौकी प्रभारी स्वयं रहे फिल्ड मे मौजूद। थाना आये फरियादियो को धैर्य पूर्वक सुनकर उनकी समस्या का समाधान करने डीआईजी एवं एसएसपी के सख्त निर्देश, गुम मोबाइल एवं स्थाई वारंटी तमिली अभियान की भी बैठक मे की गई समीक्षा। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा आज दिनांक को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष मे राजपत्रित पुलिस अधिकारियो समेत थाना/चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, समीक्षा बैठक मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा थानावार लंबित अपराध, चालान, शिकायत, मर्ग की जानकारी थाना/चौकी प्रभारियों से प्राप्त कर समीक्षा की गई साथ ही म्यूल एकाउंट एवं पीओएस के लाम्बित मामले मे आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विवेचको कों प्रकरण कों अनावश्यक लंबित ना रखने की सख्त समझाईस दी गई, इस दौरान थाना/चौकी प्रभारियों को फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ़्तारी हेतु सख्त दिशा निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान थाना/चौकी प्रभारियों को NAFIS मे एंट्री बढ़ाने एवं गिरफ्तार शुदा व्यक्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम मे अधतन करने के निर्देश दिए गए, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा थाना/चौकी प्रभारियों को सड़क दुर्घटना के मामलो मे प्रभावी कमी लाने हेतु यातायात के नियमो की अवहेलना कर शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। गुमशुदा व्यक्तियों की खोज हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा वर्तमान मे जारी अभियान मुस्कान एवं तलाश को गंभीरता से लेकर अधिक से अधिक गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश करने हेतु निर्देशित किया गया। वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के क्रम मे एवं आपराधिक घटनाओं की प्रभावी रोकथाम हेतु थाना/चौकी प्रभारियों को आभूषण की दुकानों राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों, एटीएम एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की लगातार चेकिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने निर्देशित किया गया। थाना/चौकी प्रभारियों को स्वयं फिल्ड मे मौजूद रहकर विजीबल पेट्रोलिंग करने दिशा निर्देश दिए गए। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा सभी थाना/चौकी प्रभारियों को थाना आने वाले फरियादियाें से बेहतर व्यवहार करने व शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करने के लिए निर्देशित किया। समीक्षा बैठक मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.), उप पुलिस अधीक्षक श्री राकेश बघेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण श्री तूल सिंह पट्टावी, स्टेनो फबियानुस तिर्की, समस्त थाना/चौकी प्रभारी, रीडर अमित पाण्डेय एवं पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- :- डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना मणीपुर पुलिस टीम द्वारा मामले मे की गई सख्त कार्यवाही। :- आरोपी द्वारा पीड़िता कों बहला फुसला कर शादी का झांसा देकर जम्मू ले जाकर कारित की गई थीं घटना, नाबालिग को पुलिस टीम द्वारा किया गया बरामद। :- नाबालिग सम्बन्धी अपराधों मे पुलिस टीम द्वारा की जा रही त्वरित कार्यवाही। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि प्रार्थिया दिनांक 09/04/26 को थाना मणीपुर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रार्थिया कि नाबालिग लड़की दिनांक 24/01/26 को किराये के रूम से बिना बताये कही चली गयी है, आस पास एवं रिश्तेदारों मे पत्ता तलाश किये लेकिन नहीं मिल रही है, मामले मे प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना मणीपुर मे अपराध क्रमांक 70/26 धारा 137(2) बी. एन. एस. का अपराध दर्ज कर विवेचना मे लिया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा नाबालिग की दस्तयाबी हेतु पुलिस टीम का गठन कर नाबालिग को बरामद करने के निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा नाबालिग बालिका का पत्ता तलाश किया जा रहा था, जो पुलिस टीम को सूचना मिला कि पीड़िता संदेही अजय शंकर तिवारी के साथ जम्मू के विजयपुर मे है। नाबालिग की दस्तयाबी हेतु पुलिस टीम को जम्मू रवाना किया गया था, जो पुलिस टीम के सतत प्रयास से नाबालिग बालिका को जम्मू के विजयपुर से संदेही अजय शंकर तिवारी के कब्जे से बरामद कर महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष पूछताछ किया गया जो पीड़िता बताई कि आरोपी अजय शंकर तिवारी पीड़िता को बहला फुसला कर जम्मू भगा ले जाकर शादी करने का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म की घटना कारित किया है, पुलिस टीम द्वारा प्रकरण के आरोपी अजय शंकर तिवारी को पकड़कर हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम *अजय शंकर तिवारी आत्मज स्व भागवत तिवारी उम्र 26 वर्ष साकिन डोरला थाना बलौदा जिला जांजगीर चापा* का होंना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपी को गिरफ्तार कर प्रकरण मे धारा 64(2)(ड़) बी.एन.एस. एवं पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6 जोड़कर आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी पी तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय महिला प्रधान आरक्षक अंजू एक्का, आरक्षक सत्येंद्र दुबे, राजेंद्र लकड़ा, अनिल सिंह, निरंजन बड़ा, रामकेश्वर सक्रिय रहे।1
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- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- कोरिया/ब्राह्मण समाज के द्वारा आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर प्रेमाबाग स्थित परशुराम मंदिर में बड़े धूमधाम से पूजन संपन्न किया गया इसके बाद रामायण पाठ की प्रारंभ की गई इस कार्यक्रम में ब्राह्मण संस्कार समिति के सभी सदस्य गण विप्र गण उपस्थित रहे आईए देखते हैं वीडियो1
- बलरामपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह शुरू से ही महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, जबकि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक भाजपा यह प्रचारित कर रही है कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जिससे संसद में बिल पारित नहीं हो सका। जबकि कांग्रेस का दावा है कि पार्टी लगातार महिला आरक्षण के समर्थन में रही है। कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा है कि भाजपा द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। इसके बावजूद भाजपा परिशीमन (Delimitation) को आधार बनाकर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी करना चाहती है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिए भाजपा परिशीमन को आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसमें लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव शामिल था। इसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें प्रस्तावित थीं। वही कहा गया कि परिशीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गई थी, जबकि सरकार 2026-27 में नई जनगणना की बात कर चुकी है। ऐसे में पुराने आंकड़ों के आधार पर परिशीमन करने का औचित्य सवालों के घेरे में है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि महिला आरक्षण को तुरंत लागू करना है, तो बिना परिशीमन के भी वर्तमान सीटों में आरक्षण दिया जा सकता है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि सरकार चाहती, तो 2023 के कानून में संशोधन कर महिला आरक्षण को तत्काल लागू कर सकती थी। कांग्रेस का दावा पहले से समर्थक रही पार्टी कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का श्रेय भी कांग्रेस सरकारों को जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी.वी. नरसिम्हा राव के प्रयासों से पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीटों के परिशीमन का भाजपा का प्रयास विफल हो गया है, इसलिए अब वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है।1
- बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) बलरामपुर जिले में जिला कांग्रेस कमेटी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला मुख्यालय स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष हरिहर यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में ‘परिसीमन का गुप्त एजेंडा’ लागू करना चाहती थी। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा का असली मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि सीटों के गणित को बदलना है। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर देशभर में भ्रम फैला रही है। नेताओं का कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर एक नया राजनीतिक दांव चलने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक भाजपा इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 करना चाहती थी, जिसमें राज्यों की 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, तो फिर 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन कराने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1989 में पंचायतों में आरक्षण की नींव रखकर की थी। बाद में पी. वी. नरसिम्हा राव की सरकार में इसे कानून का रूप दिया गया और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा से पारित हुआ। कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा की नीयत साफ होती तो मौजूदा सीटों पर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तुरंत लागू किया जा सकता था। इस दौरान प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष रिपुजित सिंह देव, जिला उपाध्यक्ष प्रशांत विश्वास (छोटू बंगाली), जिला महामंत्री मुन्ना गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष समीर सिंह देव, संजीत राजा चौबे, विवेक सिंह, कृपा शंकर, प्रेमसागर सिंह, वसीम खान, मुमताज खान, अशरफ अंसारी सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- एसडीएम और तहसीलदारों के बाद सरगुजा कलेक्टर ने नायब तहसीलदारों का भी किया तबादला.. सरगुजा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कलेक्टर द्वारा कुछ देर पहले ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, जिसके तुरंत बाद अब जिले में पदस्थ नायब तहसीलदारों की भी तबादला सूची जारी कर दी गई है। जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सीतापुर से हटाकर मैनपाट भेजा गया है, जबकि संजय कुमार अब मैनपाट से उदयपुर का कार्यभार संभालेंगे। इसी प्रकार अजय कुमार गुप्ता को दरिमा से बतौली और कृष्ण कुमार कंवर को बतौली से दरिमा स्थानांतरित किया गया है। आकाश गौतम को उदयपुर से लखनपुर तथा उमेश तिवारी को लखनपुर से सीतापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को अपनी नवीन पदस्थापना पर तुरंत उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।1