भीषण अग्निकांड से तबाही: 300 बीघा भूसा राख, 20 किसानों की कमर टूटी कौशाम्बी के भवनसुरी गांव में दोपहर की आग ने मचाया कहर, मवेशियों पर भी संकट के बादल रिपोर्ट अजय पाण्डेय कौशाम्बी। जिले के मंझनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम भवनसुरी (पोस्ट रानीपुर, थाना महेवाघाट) में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। चंद मिनटों में आग इतनी फैल गई कि करीब 250 से 300 बीघा तक रखा भूसा जलकर पूरी तरह राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया, जिससे आसपास के खेतों में रखा भूसा भी चपेट में आ गया। इस अग्निकांड में करीब 20 किसानों का भारी नुकसान बताया जा रहा है। महीनों की मेहनत से तैयार किया गया पशुओं का चारा जल जाने से किसानों के सामने अब मवेशियों के पालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि लापरवाही या चिंगारी से यह हादसा हुआ। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कड़ी मशक्कत की, तब जाकर किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद प्रभावित किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यह नुकसान उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं है और वे अब पूरी तरह प्रशासन की मदद पर निर्भर हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे अपने मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कर सकें और आर्थिक रूप से संभल सकें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बड़ी आपदा पर कितनी तेजी और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करता है, या फिर किसान यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिए जाएंगे।
भीषण अग्निकांड से तबाही: 300 बीघा भूसा राख, 20 किसानों की कमर टूटी कौशाम्बी के भवनसुरी गांव में दोपहर की आग ने मचाया कहर, मवेशियों पर भी संकट के बादल रिपोर्ट अजय पाण्डेय कौशाम्बी। जिले के मंझनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम भवनसुरी (पोस्ट रानीपुर, थाना महेवाघाट) में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। चंद मिनटों में आग इतनी फैल गई कि करीब 250 से 300 बीघा तक रखा भूसा जलकर पूरी तरह राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवाओं ने आग को और भड़का दिया, जिससे आसपास के खेतों में रखा भूसा भी चपेट में आ गया। इस अग्निकांड में करीब 20 किसानों का भारी नुकसान बताया जा रहा है। महीनों की मेहनत से तैयार किया गया पशुओं का चारा जल जाने से किसानों के सामने अब मवेशियों के पालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि लापरवाही या चिंगारी से यह हादसा हुआ। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर कड़ी मशक्कत की, तब जाकर किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद प्रभावित किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यह नुकसान उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं है और वे अब पूरी तरह प्रशासन की मदद पर निर्भर हैं। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे अपने मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कर सकें और आर्थिक रूप से संभल सकें। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बड़ी आपदा पर कितनी तेजी और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करता है, या फिर किसान यूं ही अपने हाल पर छोड़ दिए जाएंगे।
- चित्रकूट - संभावित बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा बाढ़ से निपटने हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर अग्रिम तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं तथा तटबंधों की नियमित निगरानी करते हुए मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के दृष्टिगत नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट आदि संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा SDRF/NDRF टीमों से सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की स्थापना कर खाद्यान्न, पेयजल एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित करते हुए संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखी जाएं। पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए क्लोरीन टैबलेट का वितरण एवं जल स्रोतों की नियमित जांच कराई जाए। जिलाधिकारी ने पशुधन की सुरक्षा हेतु पर्याप्त चारा एवं पशु चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत एवं लोक निर्माण विभाग को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही हेतु पूर्णतः तैयार रहने को कहा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखने एवं किसी भी आपदा से संबंधित सूचना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0), समस्त उप जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।4
- Post by संजय राणा पत्रकार चित्रकूट2
- Post by Abhay TV News2
- Satna Shahar ki road hai Jaha bhi Dekho vahan bhi aisi Doli pari1
- Post by प्रखर प्रवक्ता न्यूज1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- Post by Shobhit tiwari2
- Post by Abhay TV News2