उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित शाहगंज तहसील गेट पर शुक्रवार (24 जुलाई) को वाराणसी विजिलेंस (एंटी करप्शन) टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही शाहगंज तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। यह मामला खुटहन थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मान सिंह (पुत्र स्व. तीर्थराज) से जुड़ा है, जिनका चकबंदी से संबंधित एक मामला लंबित था। आरोप है कि मामले में अनुकूल रिपोर्ट लगाने के नाम पर कानूनगो अनिल कुमार लगातार टालमटोल कर रहे थे और उनसे ₹10,000 रिश्वत की मांग कर रहे थे। परेशान होकर मान सिंह ने वाराणसी स्थित सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में शिकायत दर्ज कराई। विजिलेंस टीम ने शिकायत की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद विजिलेंस ने कानूनगो को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। शुक्रवार को शाहगंज तहसील गेट के पास जैसे ही कानूनगो ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के रूप में ₹10,000 लिए, विजिलेंस टीम ने उन्हें तुरंत मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित शाहगंज तहसील गेट पर शुक्रवार (24 जुलाई) को वाराणसी विजिलेंस (एंटी करप्शन) टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही शाहगंज तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। यह मामला खुटहन थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मान सिंह (पुत्र स्व. तीर्थराज) से जुड़ा है, जिनका चकबंदी से संबंधित एक मामला लंबित था। आरोप है कि मामले में अनुकूल रिपोर्ट लगाने के नाम पर कानूनगो अनिल कुमार लगातार टालमटोल कर रहे थे और उनसे ₹10,000 रिश्वत की मांग कर रहे थे। परेशान होकर मान सिंह ने वाराणसी स्थित सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) में शिकायत दर्ज कराई। विजिलेंस टीम ने शिकायत की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद विजिलेंस ने कानूनगो को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। शुक्रवार को शाहगंज तहसील गेट के पास जैसे ही कानूनगो ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के रूप में ₹10,000 लिए, विजिलेंस टीम ने उन्हें तुरंत मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
- जौनपुर के बदलापुर में पेपर लीक मामले को लेकर जागरूक नागरिक मंच द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया।1
- जौनपुर में एक डांसर के हाथ में लाइसेंसी असलहा होने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए केस दर्ज कर लिया है।1
- जौनपुर जिले में शासन-प्रशासन सच्चाई जानते हुए भी पूरी तरह अनजान बना बैठा है, जिससे गरीब, कमजोर और पीड़ित जनता की कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। मछलीशहर का राजस्व विभाग चोरों, बेईमानों, चमचों, दबंगों और माफियाओं का गुलाम बना हुआ है। वहीं ऊपरी प्रशासन भी इन अधिकारियों की करतूतों, झूठी बातों और फर्जी आख्या का गुलाम बनकर रह गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बदलापुर में पेपरलीक मामले को लेकर 'जागरूक नागरिक मंच बदलापुर' ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी बदलापुर को सौंपा है। इस पूरे मामले की जानकारी नागेंद्र माली द्वारा दी गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में जौनपुर में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है। NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुए दमन के खिलाफ भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और बड़ी संख्या में छात्रों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में छात्र और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा करने और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। वहीं मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।1
- जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जंतर-मंतर प्रदर्शन के माहौल के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की यह खबर सामने आई है।1