माकपा द्वारा 1 जून से पखवाड़े भर चले राजनीतिक अभियान का समापन 21 जून को सबलगढ़ की पुरानी अदालत के चौराहे पर एक विशाल आम सभा के साथ हुआ। इस सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने केंद्र सरकार पर खेती, किसानी, उद्योग-धंधों और रोजगार को तबाह करने वाली जन विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार “खेती किसानी उद्योग रोजगार सबको चौपट करने पर आमादा है” और अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी है, देश के हितों को दांव पर लगाकर मुक्त व्यापार समझौतों को आगे बढ़ा रही है, जिससे देश की संप्रभुता खतरे में है और भारत अमेरिका का पिछलग्गू बनता जा रहा है। सरोज ने जनता से “जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्षों में उतरने की अपील” करते हुए इसे देश को बचाने का संघर्ष बताया, जिसमें अंग्रेजों से पहले भी लड़ा गया था और अब “साम्राज्यवाद के पिछलग्गुओं” से लड़ने की बात कही, जिसमें जनता की जीत निश्चित बताई। इस आम सभा में मकपा नेता, किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, वरिष्ठ किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़, तहसील सचिव अशोक राठौर, सहायक सचिव इसराइल खान, पूर्व पार्षद इब्राहिम शाह और किसान नेता नरेश गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। सभा की अध्यक्षता पूर्व पार्षद तथा माकपा के जिला समिति सदस्य आदिराम आर्य ने की। अभियान के दौरान और आम सभा में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं, जिनमें महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, आवारा पशुओं का उचित प्रबंध, शक्कर कारखाना चालू कराना, किसान व कर्मचारियों का बकाया भुगतान, जमीन की लूट पर रोक, चंबल के बीहड़ों की जमीन का उद्योग विभाग को आवंटन रद्द कराना, बिजली का निजीकरण रोकना, स्मार्ट मीटर योजना बंद करना, सबलगढ़ को जिला बनाना, मेमू ट्रेन को सबलगढ़ तक चालू कराना, आवास के पट्टे और आवास उपलब्ध कराना, नगर पालिका की मनमानी पर रोक तथा बेहतर सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराना शामिल था। इस विशाल आम सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों ने सक्रिय भागीदारी की, और सभी ने मिलकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
माकपा द्वारा 1 जून से पखवाड़े भर चले राजनीतिक अभियान का समापन 21 जून को सबलगढ़ की पुरानी अदालत के चौराहे पर एक विशाल आम सभा के साथ हुआ। इस सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज ने केंद्र सरकार पर खेती, किसानी, उद्योग-धंधों और रोजगार को तबाह करने वाली जन विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार “खेती किसानी उद्योग रोजगार सबको चौपट करने पर आमादा है” और अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी है, देश के हितों को दांव पर लगाकर मुक्त व्यापार समझौतों को आगे बढ़ा रही है, जिससे देश की संप्रभुता खतरे में है और भारत अमेरिका का पिछलग्गू बनता जा रहा है। सरोज ने जनता से “जन विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्षों में उतरने की अपील” करते हुए इसे देश को बचाने का संघर्ष बताया, जिसमें अंग्रेजों से पहले भी लड़ा गया था और अब “साम्राज्यवाद के पिछलग्गुओं” से लड़ने की बात कही, जिसमें जनता की जीत निश्चित बताई। इस आम सभा में मकपा नेता, किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, वरिष्ठ किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़, तहसील सचिव अशोक राठौर, सहायक सचिव इसराइल खान, पूर्व पार्षद इब्राहिम शाह और किसान नेता नरेश गोस्वामी ने भी अपने विचार रखे। सभा की अध्यक्षता पूर्व पार्षद तथा माकपा के जिला समिति सदस्य आदिराम आर्य ने की। अभियान के दौरान और आम सभा में कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं, जिनमें महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, आवारा पशुओं का उचित प्रबंध, शक्कर कारखाना चालू कराना, किसान व कर्मचारियों का बकाया भुगतान, जमीन की लूट पर रोक, चंबल के बीहड़ों की जमीन का उद्योग विभाग को आवंटन रद्द कराना, बिजली का निजीकरण रोकना, स्मार्ट मीटर योजना बंद करना, सबलगढ़ को जिला बनाना, मेमू ट्रेन को सबलगढ़ तक चालू कराना, आवास के पट्टे और आवास उपलब्ध कराना, नगर पालिका की मनमानी पर रोक तथा बेहतर सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराना शामिल था। इस विशाल आम सभा में बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों ने सक्रिय भागीदारी की, और सभी ने मिलकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
- श्योपुर जिले के विजयपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। यह आयोजन कलेक्टर महोदया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महोदय के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें सभी अधिकारीगण, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद किरार ने उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया और योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। डॉ. किरार ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान तनावपूर्ण और व्यस्त जीवनशैली में योग स्वस्थ जीवन का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है, जिसके नियमित अभ्यास से अनेक बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ सकारात्मक सोच और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान, बीईई साहिब कुरैशी ने जानकारी दी कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) है। यह थीम सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए योग के महत्व को दर्शाती है। आयोजन में उपस्थित सभी ने यह संकल्प लिया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएंगे और समाज में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, इस संदेश के साथ कि “करें योग, रहें निरोग”।4
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने एक साथ योगाभ्यास किया। इस आयोजन के माध्यम से उन्होंने शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। दिल्ली पुलिस ने इस दौरान ‘योग से ऊर्जा, अनुशासन से सेवा’ के महत्व पर जोर दिया।1
- पूरे प्रदेशभर में इस साल 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' की थीम के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में योगमय माहौल देखने को मिला, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी योग किया। दोनों नेताओं ने इस मौके पर कहा कि भारत ने योग के रूप में पूरे विश्व को मानव कल्याण का एक अनमोल उपहार प्रदान किया है।1
- धौलपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र स्थित गांव भैरों का नगला में 24 जून 2026, बुधवार को एक भव्य दशहरा मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के संबंध में समाजसेवी सोनू सिंह परमार ने ABM NEWS से बातचीत करते हुए क्षेत्रवासियों से समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। सोनू सिंह परमार ने बताया कि इस समारोह का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। इसमें विभिन्न राज्यों के राजघरानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होंगी। कार्यक्रम को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और क्षेत्र के लोगों में इसे लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों ने सभी अतिथियों और आम जनता से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने का आग्रह किया है।1
- धौलपुर में जयपुर डिस्कॉम के SE विवेक शर्मा ने मच कुंड रोड उपखंड व्रत कार्यालय पर एक जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान कुल 62 बिजली संबंधी प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 42 मामलों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। जनसुनवाई में बिजली बिल से संबंधित 26 प्रकरण, VCR से जुड़े 25 प्रकरण और बिजली के अन्य 11 मामले शामिल थे। वे कटे हुए और नियमित बिजली उपभोक्ता, जिन्हें अपने बिलों में गड़बड़ी का अंदेशा था, उन्होंने इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुना और रिकॉर्ड के अनुसार निर्णय लिए गए, जिसके बाद बिलों में संशोधन किया गया और संशोधित बिलों का भुगतान उपभोक्ताओं द्वारा किया गया।1
- महाराजपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम चकरायपुर में खेत में क्रिकेट खेल रहे कुछ बच्चों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद, पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय का रुख किया है।1
- कैलारस थाना क्षेत्र के नैपरी गांव में नेशनल हाईवे NH552 के पास एक यात्री प्रतीक्षालय में 30 वर्षीय युवक सतीश रजक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी पर लटका मिला। सतीश रजक पुत्र पंचम रजक, ग्राम प्रभूसिंह का पुराक (खनेता), सुमावली का निवासी था। युवक करीब 10 दिन पहले अपने शाले की शादी के सिलसिले में अपनी ससुराल नैपरी गांव आया हुआ था। आज सोमवार को शाले की शादी का मंडप था, लेकिन इससे पहले ही मध्य रात्रि में यह घटना घटित हो गई। सुबह जब राहगीरों ने शव देखा तो उन्होंने परिजनों और कैलारस पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कैलारस थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह कुशवाहा और एसडीओपी उमेश मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद एसएफएल जांच टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। कैलारस पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।1
- आम आदमी पार्टी (आप) के जिला अध्यक्ष (ST प्रकोष्ठ), सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान से भरत सिंह मीणा ने देश और राज्य प्रशासन से तीखा सवाल उठाया है कि आखिर दो मिनट की देरी के कारण किसी छात्र या छात्रा का पूरा भविष्य कैसे छीना जा सकता है। उन्होंने हाल ही में सामने आए एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें एक छात्रा और उसके पिता को NEET परीक्षा केंद्र के बाहर मात्र दो मिनट की देरी के कारण प्रवेश न मिलने पर रोते-बिलखते देखा गया। मीणा के अनुसार, जहाँ एक तरफ सरकार 'शिक्षा' और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' की बात करती है, वहीं दूसरी ओर वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और गरीब माता-पिता के सपनों को महज दो मिनट की देरी के नाम पर कुचल दिया जाता है। मीणा ने इस घटना को लेकर कई प्रमुख सवाल उठाए हैं, जिनमें नियमों की इंसानियत से बड़ी अहमियत, ग्रामीण विद्यार्थियों की परिस्थितियों को समझने की व्यवस्था का अभाव, दो मिनट की देरी का एक वर्ष की मेहनत से अधिक महत्वपूर्ण होना, अधिकारियों पर भी इतनी ही कठोर कार्रवाई का न होना और गरीब-साधारण परिवारों के बच्चों के लिए न्याय की अनुपस्थिति शामिल हैं। इस अन्याय के समाधान हेतु, उनकी प्रमुख माँगें हैं कि संबंधित छात्रा को न्याय दिलाने के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जाए, भविष्य में 10-15 मिनट का मानवीय ग्रेस पीरियड निर्धारित हो, परीक्षा केंद्रों पर मानवता और संवेदनशीलता वाले दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, इस घटना की उच्चस्तरीय जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और गरीब, ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए नई नीति बनाई जाए। भरत सिंह मीणा ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी और समाज के सभी जागरूक नागरिक इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे किसी भी छात्र या छात्रा का भविष्य केवल कुछ मिनटों की देरी के कारण बर्बाद नहीं होने देंगे, क्योंकि उनकी मांग है कि 'न्याय चाहिए, नियम नहीं इंसानियत पहले चाहिए।'1
- आज, 22 जून 2026 को धौलपुर की भार्गव वाटिका में दतिया वाले स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ पंडित हरिओम शास्त्री द्वारा स्वामी जी महाराज और भगवती पीतांबरा मैया का विधिवत पूजन और मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। पूजन के दौरान सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से स्वामीअष्टक, बगलामुखी चालीसा, शतनाम स्तोत्र एवं बगलामुखी मैया की महा आरती की। भक्तों ने स्वामी जी महाराज को चंदन तिलक लगाकर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसके बाद एक विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ। दतिया पीठ से दीक्षा प्राप्त श्रवण कुमार वर्मा ने बताया कि स्वामी जी महाराज की असीम अनुकंपा धौलपुर के लोगों पर है और धौलपुर के लोग स्वामी जी महाराज एवं माई में गहरी आस्था रखते हैं। इसी आस्था का परिणाम है कि पीतांबरा भक्त मंडल धौलपुर द्वारा पिछले 15 वर्षों से धौलपुर में लगातार स्वामी जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दतिया पूरे भारतवर्ष की आस्था का केंद्र है और धौलपुर में स्वामी एवं माई के बहुत अधिक भक्त होने के कारण ऐसे आयोजनों में भक्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, जिसे माई की कृपा बताया गया, क्योंकि माई सभी भक्तों का ख्याल रखती हैं। पीतांबरा भक्त मंडल के वरिष्ठ सदस्य चंद्रकांत सक्सेना ने जानकारी दी कि स्वामी जी महाराज ने सन् 1962 में राष्ट्र रक्षा के लिए छत्तीस दिनों का एक तांत्रिक अनुष्ठान कराया था, जिसकी पूर्णाहुति होते ही युद्ध विराम की घोषणा हुई थी। भक्त मंडल के सदस्यों ने उपस्थित अतिथियों को पीतांबरा माई की तस्वीर भेंटकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश प्रवक्ता रानू पाराशर, पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल, डॉ. शिवचरण कुशवाहा, राजाखेड़ा विधानसभा प्रत्याशी नीरजा शर्मा, जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, पूर्व प्रधान राम हेतु कुशवाहा, बांकेलाल लोधा, दुर्ग सिंह अंधन, जितेंद्र सिंह राजोरिया, प्रशांत हुंडवाल जैसे कई गणमान्य व्यक्तियों सहित पीतांबरा भक्त मंडल के अश्वनी श्रीवास्तव, राजकुमार शर्मा, राज बहादुर सिसोदिया, मुकेश सक्सेना, बाबू बंसल, लोकेंद्र सिंह, कमलजीत सिंह, अजय राठौर, सचिन जादौन, कमल पहाड़िया, नंदकिशोर शुक्ला, मोहित अग्रवाल, केदार सिंह, रामकुमार दुबे, प्रह्लाद महावर, नर्मदा शर्मा, राम त्रिवेदी और सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे। हजारों लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की।2