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रमेश, दांगी
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- रायपुर 10 मार्च। राजस्थान में सरसों व चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू की जा रही है। राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से व खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। राजफेड के 4 क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर एवं श्रीगंगानगर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से व खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि, शेष 4 क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकानेर नें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च एवं खरीद 1 अप्रेल से शुरू होगी। सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर ख़रीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर ख़रीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए। भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख महेश मेहर ने बताया है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है।उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें।1
- झालावाड़। समाज में सेवा और संस्कारों की भावना को बढ़ावा देने वाली एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। गौपुत्र सेना द्वारा संचालित नवीन गौशाला में नरेंद्र जी स्वामी की पुत्री जीविका स्वामी का जन्मदिन सादगी और गौसेवा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिवारजनों और गौसेवकों की मौजूदगी में गौमाताओं को हरी सब्जियां और चारा खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा की गईं। जन्मदिन के इस खास अवसर पर जीविका स्वामी अपने परिवार के साथ गौशाला पहुंचीं, जहां उन्होंने गौमाताओं की सेवा कर उन्हें हरी सब्जियां और पौष्टिक चारा खिलाया। इस दौरान गौशाला का वातावरण भक्ति और सेवा भावना से ओत-प्रोत नजर आया। गौसेवकों और उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जहां जन्मदिन अक्सर केवल केक और पार्टियों तक सीमित रह गए हैं, वहीं इस तरह के आयोजन समाज को एक सकारात्मक और संस्कारपूर्ण संदेश देते हैं।कार्यक्रम के दौरान गौपुत्र सेना से जुड़े गौसेवकों ने गौसंरक्षण और गौसेवा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौमाताओं की सेवा करना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में करुणा, सेवा और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।इस मौके पर गौपुत्र विनीत पोरवाल ने सभी अभिभावकों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों के जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों को समाजसेवा से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे बचपन से ही गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों से जुड़ते हैं तो उनके भीतर अच्छे संस्कार और संवेदनशीलता का विकास होता है।उन्होंने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर हो सकता है। यदि अधिक से अधिक लोग अपने बच्चों का जन्मदिन गौशालाओं, अनाथालयों, वृद्धाश्रमों या अन्य सेवा कार्यों के साथ मनाएं तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सकता है और आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बन सकती है।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जीविका स्वामी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही गौसेवा और सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया। संदेश: आइए, हम भी अपने बच्चों का जन्मदिन केवल उत्सव तक सीमित न रखकर सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्यों के साथ मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाएं।1
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- मन्दसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि रिपोर्ट जिसका जीवन नेतिक मूल्यों पर टिका हो ,वह मानव होता है। जिसके हृदय में दया, करुणा, समाहित हो वह महा मानव होता है।।। जो अपने कुटुम्ब के प्रति जवाबदारी निभाये वह आदर्श इंसान होता है।। लेकिन जो पर पीड़ा से विह्वल हो जाये, वह धरा पर मानों भगवान होता है।। आज ऐसा ही आदर्श प्रस्तुत किया है ओर आदर्श पब्लिक स्कूल बडवन फंटा के स्कूल संचालक, श्री पुष्कर लाल जी धाकड़ एवं बस संचालक श्री गोपाल जी धनगर सरपंच महोदय ग्राम पंचायत लसुडावन शाला शिक्षक परिवार, एवं बस स्टाफ परिवार ने। दिनांक 03/03/2026 कों आदर्श पब्लिक स्कूल बडवन के बस चालक एवं लसुडावन के आदर्श नागरिक सौम्य स्वभाव एवं मृदुल मुस्कान के धनी राम रतन जी सूर्यवंशी जो मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। लेकिन जीवन की सबसे कड़वी सच्चाई है "मोत" जिसके तहत माननीय का हृदय घात से अल्पायु में दुखद निधन हो गया । मानों आज़ एक निर्धन परिवार पर पहाड़ के समतुल्य वज्रपात होगया। आज़ इसी परिवार में रोती बिलखती आपकी अर्धांगिनी श्रीमती नर्मदा बाई,ओर गम के थपेड़ो से सामना करती हुई तीन मासूम बिटिया ज्योति,रविना, रंजना, जिनके शीश पर पिता का हाथ एवं जीवन संगिनी नर्मदा बाई का सिंदूर हमेशा के लिए अलविदा हों गया, ऐसे अपार दुःख की घड़ी में आज़ आदर्श पब्लिक स्कूल बडवन फंटा के संचालक एवं स्टाफ परिवार,बस स्टाफ परिवार एवं बस संचालक इस प्रकार पुरा परिवार देव दूत बनकर आया और स्वर्गीय रामरतन जी सूर्य वंशी की तीनो लाडली बिटिया के आंसू पौछते हुए एवं नन्ही सी उंगली थामकर तीनों बेटियां शिक्षा जगत में कामयाबी की पताका लहराये ओर माता पिता के सपनो को साकार करे इसी उद्देश्य से दानदाताओं ने मानव जीवन की मिसाल प्रस्तुत की, और कक्षा बारहवीं तक शिक्षा संबंधित पुरा खर्चा वहन करने का संकल्प लिया। जिसके तहत् शिक्षा का पुरा खर्च शाला संचालक श्री पुष्कर लाल जी धाकड़ एवं वाहन खर्च वाहन संचालक एवं गांव लसुडावन के सरपंच महोदय श्री श्री गोपाल जी धनगर वहन करेगे।इसी तारतम्य में आप सभी ने भामाशाह बनकर आर्थिक सहयोग करते हुए नकद राशि 29150 रुपये ( शब्दों में उन्तीस हजार एक सो पचास रुपये) प्रदान किये। इसके लिए सूर्यवंशी परिवार एवं गांव लसुडावन आप सभी दानदाताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता है3
- durlabh Kashyap1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- रामगंजमंडी क्षेत्र के चेचट माइंस इलाके में सरेण्डर हो चुकी खदानों को भरवाने की मांग को लेकर गौ सेवकों और ग्रामीणों ने खान एवं भू-विज्ञान विभाग के खनि अभियंता को ज्ञापन सौंपा। मंगलवार शाम करीब 4 बजे गौ सेवकों ने बताया कि क्षेत्र में करीब 815 बीघा चरागाह भूमि माइंस क्षेत्र में आती है, जिसमें से लगभग 450 बीघा जमीन में खनन हो चुका है और करीब 300 बीघा भूमि की माइंस सरेण्डर भी हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि नियम अनुसार खदान सरेण्डर होने के बाद उसे मिट्टी डालकर समतल किया जाना चाहिए, ताकि वहां घास उग सके और भूमि चरागाह के रूप में उपयोग हो सके। लेकिन खेडली रोड से कोटड़ी रोड तक कई खदानें अब भी खुली पड़ी हैं, जिनमें पानी भरा हुआ है। खदानों के किनारे ही सड़क और बस्ती होने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगह चरागाह भूमि पर भी मलबा डाल दिया गया है, जिससे गौवंश के चरने में परेशानी हो रही है। इस संबंध में वर्ष 2021 से अब तक कई बार जिला कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2022 में तत्कालीन एसडीएम राजेश डागा द्वारा भूमि का सीमांकन भी कराया गया था, जिसमें करीब 400 बीघा भूमि खनन से प्रभावित पाई गई थी। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन खदानों का खनन हो चुका है, उन्हें तुरंत भरवाकर मिट्टी डाली जाए और भूमि को चरने योग्य बनाकर ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। साथ ही दोषी खनन पट्टाधारकों को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य में उन्हें माइंस लीज नहीं देने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- durlabh Kashyap1