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💫 शुभ शुक्रवार 💫 🌺 श्री रामनवमी🌺 शोभायात्रा 🌹🚩 स्पेशल 🤗 बिहार शरीफ नालंदा 😊 राम दूत हनुमान नारा 🌺💫♥️🚩🚩
Rajesh Kumar
💫 शुभ शुक्रवार 💫 🌺 श्री रामनवमी🌺 शोभायात्रा 🌹🚩 स्पेशल 🤗 बिहार शरीफ नालंदा 😊 राम दूत हनुमान नारा 🌺💫♥️🚩🚩
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- रामनवमी के अवसर पर बिहारशरीफ में श्रम कल्याण केंद्र मैदान से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इस शोभा यात्रा का नेतृत्व स्थानीय विधायक Sunil Kumar द्वारा किया गया, जिसमें शहर के हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शोभा यात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं, जिन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और जय श्रीराम के नारों से वातावरण गूंज उठा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। प्रशासन की पैनी नजर पूरे शहर में बनी हुई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। वहीं शहर के Bhainsasur Chauraha Kali Sthan पर पहली बार काली मां की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा दुर्गा पूजा के अवसर पर भी शहर के कई स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सकें।1
- दिनांक: 26 मार्च 2026 स्थान: बिहारशरीफ, नालंदा चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बिहारशरीफ के आनंद मार्ग ब्लॉक चौक पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सम्राट अशोक के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि सम्राट अशोक का जन्म लगभग 304 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में हुआ था। वे मौर्य वंश के राजा बिंदुसार और रानी सुभद्रांगी (धर्मा) के पुत्र तथा चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र थे। अपनी प्रतिभा और प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्हें उज्जैन का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध में भारी रक्तपात देखकर सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने युद्ध की नीति त्याग कर बौद्ध धम्म को अपनाया। उन्होंने अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता, बड़ों के सम्मान और सभी जीवों के प्रति दया का संदेश दिया। बौद्ध धम्म के प्रसार के लिए उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा। उनके शासनकाल में पूरे भारत में स्तूप, विहार और अनेक शिलालेख स्थापित किए गए तथा सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों और नहरों का निर्माण कराया गया। सम्राट अशोक का साम्राज्य आधुनिक भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश तक फैला हुआ था। वे आज भी एक महान और जनकल्याणकारी शासक के रूप में याद किए जाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सम्राट अशोक के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव उमेश पंडित, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव सादिक अजहर, महेंद्र प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, अजय कुमार, अवधेश कुमार, चंदन कुमार, छोटे पंडित, सकलदेव महतो, कपिल पासवान, प्रकाश कुमार, शिव शंकर पासवान सहित अन्य लोग उपस्थित थे। रामदेव चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष, अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा जिला अध्यक्ष, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा1
- समृद्धि यात्रा में जब जनता बोली अभी आपको बिहार में जरूरत है तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी हो गए भावुक1
- रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के नेतृत्व में बिहारशरीफ के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।1
- Post by Nitish Kumar2
- रामनवमी के पावन अवसर पर बिहार शरीफ एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आ रहा है। शहर के श्रम कल्याण मैदान से निकली भव्य शोभायात्रा श्रद्धालुओं के उत्साह और उल्लास के बीच पूरे अनुशासन के साथ आगे बढ़ रही है। प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से अपने निर्धारित मार्गों से गुजर रही है। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे पूरे आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्था का संतुलन साफ दिखाई दे रहा है।1
- माता प्रकट हो दूर संकट हो ♥️🙏🌺🙏1
- दिनांक: 26 मार्च 2026 स्थान: बिहारशरीफ, नालंदा चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई बिहारशरीफ के आनंद मार्ग ब्लॉक चौक पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सम्राट अशोक के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि सम्राट अशोक का जन्म लगभग 304 ईसा पूर्व पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) में हुआ था। वे मौर्य वंश के राजा बिंदुसार और रानी सुभद्रांगी (धर्मा) के पुत्र तथा चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र थे। अपनी प्रतिभा और प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्हें उज्जैन का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि 261 ईसा पूर्व के कलिंग युद्ध में भारी रक्तपात देखकर सम्राट अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने युद्ध की नीति त्याग कर बौद्ध धम्म को अपनाया। उन्होंने अहिंसा, धार्मिक सहिष्णुता, बड़ों के सम्मान और सभी जीवों के प्रति दया का संदेश दिया। बौद्ध धम्म के प्रसार के लिए उन्होंने अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा। उनके शासनकाल में पूरे भारत में स्तूप, विहार और अनेक शिलालेख स्थापित किए गए तथा सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों और नहरों का निर्माण कराया गया। सम्राट अशोक का साम्राज्य आधुनिक भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश तक फैला हुआ था। वे आज भी एक महान और जनकल्याणकारी शासक के रूप में याद किए जाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सम्राट अशोक के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के जिला महासचिव उमेश पंडित, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव सादिक अजहर, महेंद्र प्रसाद, शैलेंद्र कुमार, अजय कुमार, अवधेश कुमार, चंदन कुमार, छोटे पंडित, सकलदेव महतो, कपिल पासवान, प्रकाश कुमार, शिव शंकर पासवान सहित अन्य लोग उपस्थित थे। जारीकर्ता: रामदेव चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष, अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा जिला अध्यक्ष, फुटपाथ संघर्ष मोर्चा1
- Post by Nitish Kumar2