मुरैना जिले में शनिवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ सांप पकड़ने के लिए बुलाए गए एक युवक को ही सांप ने डस लिया। इस घटना के बाद युवक की हालत गंभीर हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, हाथी का पुरा गाँव निवासी रविंद्र सिंह तोमर के मकान में एक सांप निकल आया था। इस सांप को पकड़ने के लिए बड़ापुरा निवासी धर्म सिंह, जो सुमेर सिंह के पुत्र हैं, को बुलाया गया था। धर्म सिंह जैसे ही सांप को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी सांप ने उनके हाथ में काट लिया। सांप के डसते ही धर्म सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया। वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए शनिवार दोपहर करीब 3 बजे 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल धर्म सिंह का उपचार ग्वालियर में जारी है। घटना के बाद यह मामला गाँव में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ ग्रामीण इस बात पर हैरान हैं कि जिस युवक को सांप पकड़ने बुलाया गया था, वही सांप का शिकार बन गया।
मुरैना जिले में शनिवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ सांप पकड़ने के लिए बुलाए गए एक युवक को ही सांप ने डस लिया। इस घटना के बाद युवक की हालत गंभीर हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, हाथी का पुरा गाँव निवासी रविंद्र सिंह तोमर के मकान में एक सांप निकल आया था। इस सांप को पकड़ने के लिए बड़ापुरा निवासी धर्म सिंह, जो सुमेर सिंह के पुत्र हैं, को बुलाया गया था। धर्म सिंह जैसे ही सांप को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी सांप ने उनके हाथ में काट लिया। सांप के डसते ही धर्म सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों एवं ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया। वहाँ डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए शनिवार दोपहर करीब 3 बजे 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल धर्म सिंह का उपचार ग्वालियर में जारी है। घटना के बाद यह मामला गाँव में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ ग्रामीण इस बात पर हैरान हैं कि जिस युवक को सांप पकड़ने बुलाया गया था, वही सांप का शिकार बन गया।
- दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मौसम ने करवट ली है, जहां ओलावृष्टि के साथ मौसम का स्वागत किया गया। इस बदलाव के कारण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली है।1
- अम्बाह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड का सामूहिक श्रवण भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम अम्बाह नगर मंडल अध्यक्ष श्री सचिन बच्चूलाल गुप्ता के नेतृत्व में बूथ क्रमांक 11 पर भाजपा नगर मंडल मंत्री श्री प्रद्युमन सियाराम जी के निवास पर आयोजित किया गया, जहाँ भाजपा के अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री द्वारा देशहित, सामाजिक जागरूकता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा जनभागीदारी से जुड़े विषयों पर व्यक्त विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के उपरांत, सभी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान, भाजपा पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे।1
- किसानों के लिए मूंग खरीदी की पंजीयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस खरीदी के तहत, सरकार ने प्रति क्विंटल ₹600 का बोनस देने का वादा किया है।1
- हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नगर निगम चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल चार में से तीन निगमों में जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ प्रदेश में एक बार फिर कमल खिल उठा है। चुनाव परिणामों के अनुसार, भाजपा ने मंडी में 14 में से 12 सीटें, धर्मशाला में 17 में से 11 सीटें और सोलन में 17 में से 10 सीटें हासिल की हैं। पार्टी के मुताबिक, ये परिणाम भाजपा के विकास मॉडल और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में जनता के अटूट विश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।1
- पोरसा में बघेल समाज द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर में एक भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और वरिष्ठजन शामिल हुए। पूरे मार्ग में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों और उनके गौरवशाली जीवन का स्मरण किया गया, साथ ही समाजजनों ने उनके जयघोष लगाते हुए सामाजिक, धार्मिक और लोककल्याणकारी कार्यों को याद किया। यह चल समारोह राधिका पैलेस धर्मशाला से शुरू हुआ और अटेर रोड, भिंड रोड, अंबा रोड, जोटई रोड तथा बायपास रोड से होते हुए पुनः राधिका पैलेस पहुंचा। समारोह के समापन के बाद राधिका पैलेस में समाज की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जहाँ वक्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासनिक कौशल, न्यायप्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था। वे भारतीय इतिहास की उन महान महिला शासकों में शामिल हैं जिन्होंने अपने शासनकाल में मालवा क्षेत्र को समृद्धि और सुशासन का नया आयाम दिया। पति खंडेराव होल्कर और ससुर मल्हारराव होल्कर के निधन के बाद उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली और अपनी दूरदर्शिता, कुशल प्रशासन तथा न्यायप्रिय नीतियों से जनता का विश्वास जीता। उन्होंने देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और तीर्थस्थलों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया, जिसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, सोमनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके शासनकाल को न्याय, सेवा, धर्म और जनकल्याण का आदर्श माना जाता है, इसी कारण उन्हें "लोकमाता" की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में रजौधा पंचायत की सरपंच श्रीमती भानुवति बघेल, राम प्रकाश बघेल, सियाराम बघेल, मायाराम बघेल, डॉक्टर पंचम सिंह बघेल, कमलेश सिंह बघेल, राम लखन सिंह बघेल, पूर्व सरपंच निरपक्ष सिंह, जनपद सदस्य करबीर सिंह और रामधुन बघेल सहित बघेल समाज के अनेक समाज बंधु उपस्थित रहे। समाज के वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन त्याग, सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनहित के कार्यों की प्रेरणा देता है, और उनके आदर्शों को अपनाकर समाज तथा राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता, सामाजिक जागरूकता और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।2
- अंबाह के पोरसा चौराहे पर रविवार को बस का इंतजार कर रहे नावली (थरा) निवासी एक युवा को अचानक दौरा पड़ा और वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। यह देख वहां मौजूद स्थानीय लोगों, राहगीरों और रिक्शा चालकों ने तुरंत जिंदादिली और इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने फुर्ती दिखाते हुए युवक को धूप से उठाकर छांव में लिटाया और उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में वह युवा स्वस्थ हो गया और परिजन उसे अपने साथ घर ले गए। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चंबल अंचल के लोगों में आज भी सहयोग और मानवता का भाव पूरी तरह से संजोया हुआ है।2