जो लोग फैसले से नाराज़ नहीं हैं, वे रिव्यू की मांग कर सकते हैं, या उसे चुनौती दे सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट जो लोग फैसले से नाराज़ नहीं हैं, वे भी रिव्यू की मांग कर सकते हैं, या उसे चुनौती दे सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली न्यूज-10/03/2026 -सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि जो लोग किसी केस में पक्षकार नहीं थे, लेकिन फैसले से उन पर बुरा असर पड़ा है,उनके पास भी उपाय है, और वे सही फोरम के सामने फैसले का रिव्यू कर सकते हैं या उसे चुनौती दे सकते हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने केरल टेक्निकल एजुकेशन सर्विस में प्रमोशन को लेकर हुए विवाद से जुड़ी अपील पर फैसला सुनाते हुए यह बात कही। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्विस मामलों में कभी-कभी अदालती फैसले उन कर्मचारियों पर भी असर डाल सकते हैं, जो कार्रवाई में पक्षकार नहीं थे। ऐसी स्थितियों में वे लोग जो प्रभावित हुए, फैसले का रिव्यू कर सकते हैं या उसे चुनौती देने के लिए सही फोरम में जा सकते हैं। के.अजीत बाबू बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया (1997) 6 SCC 473 के फैसले का ज़िक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि हालांकि रिव्यू आमतौर पर सिर्फ़ केस की पार्टियों के लिए ही उपलब्ध होता है, लेकिन जो लोग अपने अधिकारों पर असर डालने वाले फैसले से नाराज़ हैं, वे भी कुछ खास वजहों से रिव्यू की मांग कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि सर्विस ज्यूरिस्प्रूडेंस में कुछ फैसले सिर्फ पक्षकारों के बीच ही लागू नहीं हो सकते, बल्कि उसी कैडर या सर्विस में दूसरों पर असर डालने वाले बड़े असर भी हो सकते हैं। बेंच ने आगे रामा राव बनाम एम.जी. महेश्वर राव (2007) 14 SCC 54 पर भरोसा किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना सुने दिए गए फैसले से प्रभावित लोग अपनी शिकायतें बताने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में नए सिरे से जा सकते हैं। इसने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम नरेशकुमार बद्रीकुमार जगद (2019) 18 SCC 586 का भी ज़िक्र किया, जिसमें माना गया कि कार्रवाई में शामिल न होने वाला व्यक्ति भी ऑर्डर के रिव्यू की मांग कर सकता है,अगर वह यह दिखा सके कि वह भी"पीड़ित व्यक्ति"है। Case :Dr Jiji KS v Shibu K
जो लोग फैसले से नाराज़ नहीं हैं, वे रिव्यू की मांग कर सकते हैं, या उसे चुनौती दे सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट जो लोग फैसले से नाराज़ नहीं हैं, वे भी रिव्यू की मांग कर सकते हैं, या उसे चुनौती दे सकते हैं:सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली न्यूज-10/03/2026 -सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा कि जो लोग किसी केस में पक्षकार नहीं थे, लेकिन फैसले से उन पर बुरा असर पड़ा है,उनके पास भी उपाय है, और वे सही फोरम के सामने फैसले का रिव्यू कर सकते हैं या उसे चुनौती दे सकते हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने केरल टेक्निकल एजुकेशन सर्विस में प्रमोशन को लेकर हुए विवाद से जुड़ी अपील पर फैसला सुनाते हुए यह बात कही। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्विस मामलों में कभी-कभी अदालती फैसले उन कर्मचारियों पर भी असर डाल सकते हैं, जो कार्रवाई में पक्षकार नहीं थे। ऐसी स्थितियों में वे लोग जो प्रभावित हुए, फैसले का रिव्यू कर सकते हैं या उसे चुनौती देने के लिए सही फोरम में जा सकते हैं। के.अजीत बाबू बनाम यूनियन ऑफ़ इंडिया (1997) 6 SCC 473 के फैसले का ज़िक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि हालांकि रिव्यू आमतौर पर सिर्फ़ केस की पार्टियों के लिए ही उपलब्ध होता है, लेकिन जो लोग अपने अधिकारों पर असर डालने वाले फैसले से नाराज़ हैं, वे भी कुछ खास वजहों से रिव्यू की मांग कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि सर्विस ज्यूरिस्प्रूडेंस में कुछ फैसले सिर्फ पक्षकारों के बीच ही लागू नहीं हो सकते, बल्कि उसी कैडर या सर्विस में दूसरों पर असर डालने वाले बड़े असर भी हो सकते हैं। बेंच ने आगे रामा राव बनाम एम.जी. महेश्वर राव (2007) 14 SCC 54 पर भरोसा किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना सुने दिए गए फैसले से प्रभावित लोग अपनी शिकायतें बताने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल में नए सिरे से जा सकते हैं। इसने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम नरेशकुमार बद्रीकुमार जगद (2019) 18 SCC 586 का भी ज़िक्र किया, जिसमें माना गया कि कार्रवाई में शामिल न होने वाला व्यक्ति भी ऑर्डर के रिव्यू की मांग कर सकता है,अगर वह यह दिखा सके कि वह भी"पीड़ित व्यक्ति"है। Case :Dr Jiji KS v Shibu K
- Post by Govind Singj1
- *सिक्किम राज्यपाल माथुर ने ओम आश्रम में किये भगवान के दर्शन* रिपोर्टर रामलाल चौहान पाली पाली, 09 मार्च। सिक्किम राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने सोमवार को जिले के जाडन स्थित ओम आश्रम जाकर अक्लोकन किया और भगवान शिव के दर्शन कर जलाअभिषेक कर सबकी खुशहाली की कामना की । इस अवसर पर उन्होंने मंदिर को देखा व वहां कलाकृति और नक्काशी को निहारा व संतो से भी मुलाकात कर बातचीत की। इस अवसर पर पूर्व सांसद पुष्प जैन, गिरवर सिंह, संतजन आदि मौजूद रहे।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- पाली,मनीष राठौड़। जिला कलेक्टर एल एन मंत्री के निर्देशानुसार अति. जिला कलक्टर सीलिंग ओम प्रभा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलक्टर कार्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुयी। बैठक में अति. जिला कलक्टर सीलिंग ओम प्रभा ने राजउन्नति योजना, बजट घोषणाओं, भूखंड आवंटन, केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न फलैगशिप योजनाओं के बारे में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सम्पर्क पर लागिन व पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण विभिन्न विभागों के, मेडिकल, सार्वजनिक निर्माण विभाग, वन, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, पीएचईडी, शिक्षा विभाग खेल मैदानों के बारे में, रसद में राष्ट्रीय खा़ध सुरक्षा योजना के बारे में, नगरीय निकाय व नगर निगम के बकाया कामो के लिये सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के पेशन सत्यापन, कृषि विभाग की योजनाओं, पशुपालन मंगला पशु बीमा योजना, उधोग, आदि विभागों की योजनाओ ंकी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस बीरजु गोपाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सीलिंग ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, उपखण्ड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत व अन्य सभी विभागो ंके अधिकारी मौजूद रहे।4
- 🐄 गौभक्त श्री रामकांत जी पंडित साहब ( गुरुदेव जी ) के स्वास्थ्य में लाभ की कामना हेतु 🙏🏻 गौमाताओं जी जिमाया एक 🛻 टेंपो हरा चारा1
- Post by Purshotam Pareek1
- जोधपुर में बकाया नगरीय विकास कर जमा नहीं कराने पर 5 बिल्डिंग को किया सीज - नगरनिगम ने बकायेदारों पर कसा शिकंजा जोधपुर नगर निगम की ओर से बकाया नगरीय विकास कर जमा नहीं करने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान शुरू किया है और सोमवार को पांच बिल्डिंग को सीज करने की कार्रवाई की। आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से बकायेदारों को समय-समय पर नोटिस जारी किए, साथ ही कई बकायेदारों को अंतिम नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद भी कई बकायेदारों की ओर से बकाया नगरीय विकास कर जमा नहीं करवाया जा रहा है। इसको लेकर विशेष अभियान चलाकर बकायदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को उपायुक्त राजस्व द्वितीय स्वरुप सिह के निर्देशानुसार जोन 6 राजस्व अधिकारी रेखा ने दो बिल्डिंग को और जोन 7 राजस्व अधिकारी निरंजन चौधरी ने 3 बिल्डिंग को सीज करने की पत्रावली को पूरा किया इसके बाद राजस्व निरीक्षक अजय शेखावत, अतिक्रमण प्रभारी सुरेश हंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिल्डिंग को सीज करने की कारवाही की। नगरनिगम ने आमजन से अपील की है कि वह समय पर अपना बकाया नगरीय विकास कर जमा करवरकर शहर के विकास में अपनी सहभागिता निभाएं। उन्होंने कहा कि बकाया नगरीय विकास जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ सीज की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- मृतक के आरोपियों पर कानूनी कार्यवाही करने की मांग को लेकर खटीक समाज विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रतन चंदेल के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन,,,, पाली,,, खटीक समाज विकास सेवा समिति के जिला अध्यद रतन चन्देल के नेतृत्व में पाली के नर्सिंग कर्मी कैलाश नागौरा एवं दिल्ली में हुवे तरूण खटीक के हत्यारो को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर श्री मति रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार के नाम पाली जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रतन चंदेल ने बतायां की समस्त खटीक समाज के समाजबंधुओ की और से आपसे आग्रह है कि 04 मार्च को हिन्दु धर्म के बडे होली पर्व एक छोटी सी 7 वर्ष की बच्ची के हाथो से गुब्बारा नीचे गिरने पर विशेष समुदाय की एक महिला पर कलर लग जाने से माहौल गरम हो गया ओर तरूण खटीक के परिवार घरवालो ने माफी मांगी उसके बाद भी उक्त समुदाय के करीब 30-40 लौगो के द्वारा षडयंत्र रचकर आस पास के घर के मुख्य दरवाजो को बाहर से बंद करके पर तरूण खटीक के घर में घुसकर विशेष समुदाय के लौगो के द्वारा तरूण खटीक के घर में अनाधिकृत घुसकर लाठी डण्डो से तरूण खटीक को पीट पीटकर जान ले ली जिससे हमारा खटीक समाज काफी गुस्से में है तरूण खटीक के पीछे उसके वृद्ध माता पिता है जिसका सहारा तरूण खटीक था। हमारे समाज द्वारा मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार से मांग करती है कि तरूण खटीक के हत्यारो को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर दोषियो को फांसी की सजा दिलावें व तरूण खटीक के परिवार को उचिच से उचित सहायता प्रदान करावें साथ ही जोधपुर में सरकारी अस्पताल में नर्सिंग कर्मी कैलाश नागौरा पर अन्य नर्सिंग महिला कर्मी द्वारा मानसिक दबाव डालने पर कैलाश ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन घटना के लिप्त आरोपी अभी भी पुलिस की गिरपत से बाहर है। ज्ञापन के जरिए दोनों की घटना में लिप्त आरोपियों को कानूनी सजा दिलाने की मांग रखी। पाली से रामलाल चौहान की रिपोर्ट,,,2
- Post by District.reporter.babulaljogaw1