नवरंगपुर जिले में शराब विरोधी अभियान ने अब तीव्र रूप ले लिया है, जहां हजारों की संख्या में महिलाएं देसी शराब की भट्टी बंद करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई हैं। पापादहांडी ब्लॉक के धनसुलि गांव में स्थित देसी शराब भट्टी का नारी महासंघ की सदस्यों ने घेराव किया और उस पर ताला जड़ दिया। हाथों में लाठियां लिए और शराब विरोधी नारे लगाते हुए, पापादहांडी और तेंतुलिखुंटी ब्लॉक के नारी महासंघ से जुड़ी लगभग दो हजार महिलाओं ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने न केवल भट्टी पर ताला लगाया, बल्कि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी आग लगाकर नष्ट कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और लोगों का जीवन भी नष्ट हो रहा है। उन्होंने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से भट्टी बंद करने की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने यह भी शिकायत की है कि शिक्षा संस्थानों और मंदिरों के 500 मीटर के दायरे में ऐसी भट्टी नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां इस नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। घटनास्थल पर पहुंचे पापादहांडी आबकारी अधिकारी समीर कुमार स्वाईं ने महिलाओं से बातचीत की और भट्टी पर लगाए गए ताले की चाबियां स्वीकार कीं। उन्होंने वादा किया कि समस्या का समाधान होने तक शराब भट्टी बंद रहेगी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। हालांकि, नारी संघ की सदस्यों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर भट्टी को दोबारा खोला गया, तो उनका आंदोलन और भी तेज होगा और वे कानून को अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर हो जाएंगी।
नवरंगपुर जिले में शराब विरोधी अभियान ने अब तीव्र रूप ले लिया है, जहां हजारों की संख्या में महिलाएं देसी शराब की भट्टी बंद करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई हैं। पापादहांडी ब्लॉक के धनसुलि गांव में स्थित देसी शराब भट्टी का नारी महासंघ की सदस्यों ने घेराव किया और उस पर ताला जड़ दिया। हाथों में लाठियां लिए और शराब विरोधी नारे लगाते हुए, पापादहांडी और तेंतुलिखुंटी ब्लॉक के नारी महासंघ से जुड़ी लगभग दो हजार महिलाओं ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने न केवल भट्टी पर ताला लगाया, बल्कि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी आग लगाकर नष्ट कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और लोगों का जीवन भी नष्ट हो रहा है। उन्होंने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से भट्टी बंद करने की मांग की जा रही थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने यह भी शिकायत की है कि शिक्षा संस्थानों और मंदिरों के 500 मीटर के दायरे में ऐसी भट्टी नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां इस नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। घटनास्थल पर पहुंचे पापादहांडी आबकारी अधिकारी समीर कुमार स्वाईं ने महिलाओं से बातचीत की और भट्टी पर लगाए गए ताले की चाबियां स्वीकार कीं। उन्होंने वादा किया कि समस्या का समाधान होने तक शराब भट्टी बंद रहेगी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। हालांकि, नारी संघ की सदस्यों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर भट्टी को दोबारा खोला गया, तो उनका आंदोलन और भी तेज होगा और वे कानून को अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर हो जाएंगी।
- Post by குமார் பவுண்டேஷன்2
- वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर स्थित चामुंडा मोड़ पर एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत्त एक व्यक्ति ने अपनी गाड़ी एक यात्री पर चढ़ा दी। इस घटना ने परिक्रमा मार्ग पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही को रोकने में पुलिस प्रशासन की कथित नाकामी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- एक गली में पिछले दो महीने से नाली की सफाई नहीं की गई है।1
- एक स्थान पर आरसीसी (रेनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) बिछाने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में उस जगह से निकलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जिससे आवाजाही बाधित होती है।1
- प्रेस क्लब सानखेमुंडी द्वारा सुवर्णगढ़ गांव में एक वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान क्लब ने छोटे बच्चों को पाठ्यपुस्तक सामग्री प्रदान की, जबकि गांव के वृद्ध पुरुषों और महिलाओं को छाते वितरित किए गए।4
- कासगंज जनपद के थाना सोरों क्षेत्र के ग्राम नगला पटियन में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे भीषण विस्फोट हो गया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज आसपास के कई गांवों तक सुनाई दी। इस हादसे में 5 से 6 लोगों के झुलसने की खबर है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में बारूद रखा होने के कारण किसी ने भी आग बुझाने का जोखिम नहीं उठाया। घटना की सूचना मिलते ही थाना सोरों पुलिस, पीआरवी-112 और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुँचीं। मौके पर पुलिस और अग्निशमन विभाग द्वारा राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन पूरे मामले की गहनता से जाँच में जुट गया है, और घायलों की सही संख्या तथा उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।1
- Post by குமார் பவுண்டேஷன்1
- त्रिपुरा में एक बड़े फैसले में, साढ़े पांच करोड़ रुपये के PIPSL चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले में तीन अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है। यह फैसला स्वयं केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की अदालत ने सुनाया है। अदालत ने इन दोषी पाए गए अधिकारियों के लिए कठोर सजा का निर्देश दिया है।1