टीकमगढ़ में अमर शहीद श्री मदन यादव की प्रतिमा स्थापना के मामले में प्रशासन की उदासीनता के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने जनसहयोग से एक माह के भीतर इस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। क्षेत्र में सामाजिक चेतना और जनभावनाओं के प्रति प्रशासन के टालमटोल रवैये का यह एक स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों और चुनौतियों के बावजूद प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, तथा चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव सपा, रूपसिंह यादव, योगेन्द्र प्रजापति सहित अन्य युवा शामिल थे। महासभा के इस स्वावलंबी कदम को अन्य राजनीतिक दलों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस निर्णय की सराहना की और हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) व सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुहिम को गति देने के लिए सपा कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी गई। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के इस रवैये पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है, और कड़े शब्दों में कहा है कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।
टीकमगढ़ में अमर शहीद श्री मदन यादव की प्रतिमा स्थापना के मामले में प्रशासन की उदासीनता के बाद, ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने जनसहयोग से एक माह के भीतर इस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया है। क्षेत्र में सामाजिक चेतना और जनभावनाओं के प्रति प्रशासन के टालमटोल रवैये का यह एक स्पष्ट उदाहरण है, क्योंकि लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों और चुनौतियों के बावजूद प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। इस महत्वपूर्ण निर्णय के दौरान ओबीसी महासभा के शीर्ष पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति
रही। इनमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविन्द्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, तथा चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, नीलेश यादव सपा, रूपसिंह यादव, योगेन्द्र प्रजापति सहित अन्य युवा शामिल थे। महासभा के इस स्वावलंबी कदम को अन्य राजनीतिक दलों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस निर्णय की सराहना की और हर संभव 'ताहफ्फुज' (समर्थन) व सहयोग देने का आश्वासन दिया। मुहिम को गति
देने के लिए सपा कार्यकर्ताओं द्वारा तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि संगठन को सौंपी गई। ओबीसी महासभा के जिला पदाधिकारियों ने प्रशासन के इस रवैये पर भारी आक्रोश व्यक्त किया है, और कड़े शब्दों में कहा है कि अब यह कार्य जनता के स्वाभिमान और 'शफ्फाफियत' (पारदर्शिता) के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रतिमा निर्माण के लिए एक महीने की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए संपर्क किया जाएगा, ताकि जनभावनाओं के अनुरूप इस पावन कार्य को समय पर पूरा किया जा सके।
- टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर स्थित बस स्टैंड परिसर में टैक्सी वाहनों का बढ़ता दबदबा बस ऑपरेटरों के लिए चिंता का विषय बन गया है। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि बड़ी संख्या में टैक्सियां बस स्टैंड पर खड़ी होकर सवारियां भर रही हैं, जिससे बसों के सुचारु संचालन पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, कई टैक्सियों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ओवरलोड संचालन किए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे नियमों की अनदेखी के कारण अव्यवस्था बढ़ रही है। बस संचालकों का कहना है कि यह बस स्टैंड यात्रियों की सुविधा और बसों के लिए बनाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह टैक्सी स्टैंड का रूप ले चुका है। टैक्सियों की वजह से बसों को खड़े होने तथा यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि ओवरलोड टैक्सियों के संचालन से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और कई बार यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। बस ऑपरेटरों ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन से बस स्टैंड परिसर में व्यवस्था बनाए रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो बस स्टैंड पर अव्यवस्था और अधिक बढ़ सकती है। इसलिए, उन्होंने प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाकर बस स्टैंड की स्थिति को सुधारने का आग्रह किया है।1
- आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन सेवाओं के विस्तार, आधारभूत संरचना को मजबूत करने और नागरिकों को आसान, सुरक्षित तथा बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- खरगापुर (टीकमगढ़) में जतारा-खरगापुर मार्ग पर मंडी रोड के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर (ऑटो) के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के काफी देर बाद तक भी पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुँची, जिससे घायल बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे। इसी बीच, वहाँ से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने मानवता का परिचय देते हुए पुलिस का इंतजार किए बिना, घायल बुजुर्ग को तुरंत अपने निजी वाहन में बिठाकर अस्पताल पहुँचाया। पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने घायल बुजुर्ग को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खरगापुर में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका आपातकालीन इलाज किया जा रहा है। बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना में जहाँ एक तरफ पुलिस की लापरवाही देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार धर्मेंद्र लोधी की तत्परता और नेकदिली ने बुजुर्ग की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके लिए क्षेत्र में उनके इस कार्य की जमकर सराहना हो रही है।1
- नौगांव सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता राजलक्ष्मी कुशवाहा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को यहाँ मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं मिल पा रही हैं। कुशवाहा ने बताया कि निरीक्षण के समय अस्पताल के कई कमरों में ताले लगे मिले, जबकि मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए भी भटकना पड़ रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुँचते, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी असंतोषजनक पाई गई। इसके अतिरिक्त, राजलक्ष्मी कुशवाहा ने जानकारी दी कि अस्पताल में कई आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवाएँ खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास के नाम पर केवल भ्रष्टाचार हुआ है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। राजलक्ष्मी कुशवाहा ने जिला कलेक्टर और बीएमओ से अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की माँग की है। उनकी प्रमुख माँगें हैं कि मरीजों के पर्चे समय पर बनें, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, बेहतर उपचार व्यवस्था हो और अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो जनता के हित में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपील की है।1
- सोमवार को छतरपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। इस घटना से परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी, फरियादी और अधिकारी कुछ देर के लिए सकते में आ गए। घायल युवक शिव प्रसाद को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल के बिस्तर से युवक शिव प्रसाद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि पुलिस ने उस पर फर्जी मामला दर्ज किया, घर जाकर उसके परिवार को परेशान किया और लगातार उस पर मानसिक दबाव बनाया, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। युवक ने यह भी दावा किया कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करवा रहा है और कई मामलों में बरी भी हो चुका है, लेकिन पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया उसके लिए किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा से कम मुश्किल साबित नहीं हो रही है। इस बीच प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार शशांक जैन ने अस्पताल पहुंचकर घायल युवक के बयान दर्ज किए। हालांकि, जब पत्रकारों ने तहसीलदार से युवक द्वारा नस काटने का कारण पूछा, तो अधिकारी मुस्कुराए और बिना स्पष्ट जवाब दिए आगे बढ़ गए, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया कि आखिर युवक के दर्द की वजह प्रशासनिक गलियारों में कहीं रास्ता क्यों भटक गई है। प्राथमिक जांच में युवक के हाथों पर पुराने कट के निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह पहले भी खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि युवक के आरोप सही हैं, तो उसकी सुनवाई क्यों नहीं हुई, और यदि गलत हैं, तो मामला एसपी कार्यालय में आत्मघाती कदम उठाने तक क्यों पहुंचा? जांच जारी है, जवाबों का इंतजार है, लेकिन छतरपुर की जनता यह सोचने पर मजबूर है कि यहां फाइलें ज्यादा तेज चलती हैं या अफवाहें, और अधिकारियों को पीड़ितों पर हंसना क्यों आ जाता है?1
- Post by Mukesh Gautam1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में सामान्य नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने की बात कही है। उन्होंने इस विषय पर जो कुछ भी कहा है, उसे विस्तार से जानने के लिए इस वीडियो को देखने का आग्रह किया गया है।1
- सतना के कोतवाली थाना क्षेत्र में दो पुलिसकर्मी आपस में विवाद करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी एक-दूसरे को गालियां देते हुए दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह पूरा मामला खूब चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनके बीच विवाद की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है।1
- छतरपुर की शिवनगर कॉलोनी में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ 30 वर्षीय दीनदयाल कुशवाहा की कथित तौर पर उसकी पत्नी ने डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस दंपति के दो छोटे बच्चे बताए जा रहे हैं। घटना को अंजाम देने के बाद, पत्नी खुद सिविल लाइन थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।1