रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया। *--यह कहानी सिर्फ एक इतिहास नहीं है… यह प्रेम, त्याग, दर्द और आशा की सबसे गहरी कहानी है।* (सुशील कुमार ठाकुर राज्य कोऑर्डिनेटर दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मुजफ्फरपुर बिहार) मुजफ्फरपुर 05 अप्रैल 2026 मुजफ्फरपुर:-रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया आइए इसे दिल से महसूस करते हुए समझते हैंlGood Friday – दर्द और बलिदान का दिन।उस दिन, Jesus Christ को लोगों ने गलत समझा, उनका अपमान किया, और उन्हें क्रूस (सलीब) पर चढ़ा दिया। उनके हाथों और पैरों में कीलें ठोंकी गईं।उनके सिर पर काँटों का ताज रखा गया।लोग उनका मज़ाक उड़ा रहे थे।फिर भी…उन्होंने कहा: “पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।यह प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण था —जब दर्द में भी उन्होंने नफरत नहीं, बल्कि माफी दी।आख़िरकार, उन्होंने प्राण त्याग दिए।धरती पर अंधेरा छा गया… मानो सब कुछ खत्म हो गया हो। शनिवार – खामोशी और इंतज़ार यीशु मसीह के शरीर को कब्र (समाधि) में रखा गया एक बड़ा पत्थर उस कब्र के मुंह पर लगा दिया गया।सैनिक पहरा दे रहे थे।उस दिन उनके शिष्य दुख और डर में थे। उन्हें लगा – “अब सब खत्म हो गया…यह दिन था:शांति का उदासी का और टूटे हुए विश्वास का Easter Sunday – जीत और जीवन का दिन तीसरे दिन… रविवार की सुबह कुछ महिलाएं कब्र पर गईं…लेकिन उन्होंने जो देखा, वह चौंकाने वाला था:पत्थर हट चुका था।कब्र खाली थी एक स्वर्गदूत ने कहा:वह यहाँ नहीं है… वह जी उठे हैं!”और सच में…Jesus Christ मृतकों में से जीवित हो गए थे!यह कहानी हमें क्या सिखाती है?Good Friday सिखाता है: त्याग,माफी,सच्चा प्रेमEaster सिखाता है:आशा कभी नहीं मरती,बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।मौत के बाद भी जीवन है (आत्मिक अर्थ में) आसान शब्दों में पूरी कहानी Friday → दर्द और बलिदान Saturday → खामोशी और इंतज़ार Sunday → खुशी और जीत ।दिल को छूने वाली बात जब सबने सोचा कि सब खत्म हो गया…तभी भगवान ने सबसे बड़ा चमत्कार किया।इसलिए Easter सिर्फ एक त्योहार नहीं है…यह संदेश है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, रोशनी जरूर आती है।
रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया। *--यह कहानी सिर्फ एक इतिहास नहीं है… यह प्रेम, त्याग, दर्द और आशा की सबसे गहरी कहानी है।* (सुशील कुमार ठाकुर राज्य कोऑर्डिनेटर दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मुजफ्फरपुर बिहार) मुजफ्फरपुर 05 अप्रैल 2026 मुजफ्फरपुर:-रात को संत फ्रांसीसी catholic चर्च में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया, रात में सभी ईसाई समुदाय के लोग भक्ति भाव से जीवित प्रभू yesu का स्वागत किया गया आइए इसे दिल से महसूस करते हुए समझते हैंlGood Friday – दर्द और बलिदान का दिन।उस दिन, Jesus Christ को लोगों ने गलत समझा, उनका अपमान किया, और उन्हें क्रूस (सलीब) पर चढ़ा दिया। उनके हाथों और पैरों में कीलें ठोंकी गईं।उनके सिर पर काँटों का ताज रखा गया।लोग उनका मज़ाक उड़ा रहे थे।फिर भी…उन्होंने कहा: “पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि ये क्या कर रहे हैं।यह प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण था —जब दर्द में भी उन्होंने नफरत नहीं, बल्कि माफी दी।आख़िरकार, उन्होंने प्राण त्याग दिए।धरती पर अंधेरा छा गया… मानो सब कुछ खत्म हो गया हो। शनिवार – खामोशी और इंतज़ार यीशु मसीह के शरीर को कब्र (समाधि) में रखा गया एक बड़ा पत्थर उस कब्र के मुंह पर लगा दिया गया।सैनिक पहरा दे रहे थे।उस दिन उनके शिष्य दुख और डर में थे। उन्हें लगा – “अब सब खत्म हो गया…यह दिन था:शांति का उदासी का और टूटे हुए विश्वास का Easter Sunday – जीत और जीवन का दिन तीसरे दिन… रविवार की सुबह कुछ महिलाएं कब्र पर गईं…लेकिन उन्होंने जो देखा, वह चौंकाने वाला था:पत्थर हट चुका था।कब्र खाली थी एक स्वर्गदूत ने कहा:वह यहाँ नहीं है… वह जी उठे हैं!”और सच में…Jesus Christ मृतकों में से जीवित हो गए थे!यह कहानी हमें क्या सिखाती है?Good Friday सिखाता है: त्याग,माफी,सच्चा प्रेमEaster सिखाता है:आशा कभी नहीं मरती,बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।मौत के बाद भी जीवन है (आत्मिक अर्थ में) आसान शब्दों में पूरी कहानी Friday → दर्द और बलिदान Saturday → खामोशी और इंतज़ार Sunday → खुशी और जीत ।दिल को छूने वाली बात जब सबने सोचा कि सब खत्म हो गया…तभी भगवान ने सबसे बड़ा चमत्कार किया।इसलिए Easter सिर्फ एक त्योहार नहीं है…यह संदेश है कि अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, रोशनी जरूर आती है।
- गौतम कुमार प्रखंड संवाददाता दैनिक अयोध्या टाइम्स भरगामा अररिया बिहार । निजी जमीन पर अतिक्रमण खाली प्रशासन। भरगामा थाना प्रभारी,बीडीओ,R O, ओर थाना के सभी पुलिस बल की मौजूदगी में , रघुनाथपुर दक्षिण वार्ड नंबर 1 में लगभग 20 साल से 5 एकड़ 50 डिसमिल जमीन पर ऋषिदेव समुदाय के लोग जोर जबरन करके अपना घर ओर माल मावशी रखते थे और जमीनदार चंदेश्वरी यादव को जमीन दखल नहीं करने देते थे तब चंदेश्वरी यादव ने हाई कोर्ट से आर्डर लेकर पुलिस बल के साथ अतिक्रमण जमीन को जोत कर और पेड़ को उखाड़ कर अपना फसल बो दिया उसे बीच कुछ महिला के द्वारा प्रशासन के साथ देते हुए अपने आदमी को समझाता हुआ कि आप लोग इस जमीन के हकदार नहीं है इसलिए आप लोग इस जमीन पर से साइड होकर या यहां से अपने-अपने घर चले जाएं ताकि हमलोगों को कोई लाठी चार्ज ना करना पड़े।तब सभी महिला भी शांत हो गई और सभी जमींदार ट्रैक्टर से जेसीबी से अपना खेत को जोत कर उसमें मूंग और घास बोदिया।1
- भाजपा स्थापना दिवस: क्या सामान्य नागरिक को देनी चाहिए शुभकामनाएं… या पहले सवाल जरूरी है?” खास सवाल हमारे बिहारी भाइयों से:- #BJP #BJPFoundationDay #भारतीय_जनता_पार्टी #राजनीति #IndiaPolitics #PublicOpinion #Debate #TruthVsNarrative #Awareness #NewsAnalysis #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur #UGC1
- अभी हमारा सिसहानी के विडियो दिखा रहे है कैसा रोड है1
- Post by Talk On Chair1
- Post by VAJEER SHANI6
- Post by Santosh kumar1
- कोटवा थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में पारिवारिक विवाद के बीच एक सनसनीखेज और संदिग्ध घटना सामने आई है। यहां दो भाइयों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद एक भाई घायल हो गया, जबकि दूसरे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना ने पुलिस के सामने कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- *मोतिहारी में सूचना छुपाने पर उठे सवाल, राज्य के वरिष्ठ पत्रकार ने जनसंपर्क पदाधिकारी को घेरा।* मोतिहारी: जिले में जन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उपराष्ट्रपति के आगमन जैसी महत्वपूर्ण सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में साझा न किए जाने को लेकर राज्य के वरिष्ठ पत्रकार रवि कुमार भार्गव ने कड़ा एतराज़ जताया है। रवि कुमार भार्गव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जब सरकारी स्तर पर बड़े कार्यक्रम होते हैं,तो उनकी सूचना सभी पत्रकारों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचनी चाहिए। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ,जिससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं कुछ चुनिंदा लोगों को ही प्राथमिकता तो नहीं दी जा रही। उन्होंने जिलाधिकारी महोदय से मांग किया है कि देश के उपराष्ट्रपति के महत्व हमारे जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार के समक्ष शायद कोई महत्व नहीं रखता है इसलिए उन्होंने ऐसी मुख्य सूचना को आईपीआरडी ग्रुप में शामिल करना उचित नहीं समझा है। जब से जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में ज्ञानेश्वर कुमार मोतिहारी अपनी कार्य भार संभाले हैं, तब से पूर्वी चंपारण में पत्रकारिता की गरिमा का स्तर गिरता गया है। इस पर जिलाधिकारी महोदय अपने स्तर से जांच करते हुए ऐसे पक्षपाती अधिकारी महोदय को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी के पद से मुक्त करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इनके विरुद्ध में 30 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी महोदय के स्तर पर शिकायत भी दर्ज करवाई गई है जिसकी जांच की जिम्मेदारी उपविक विकास आयुक्त पूर्वी चंपारण को जिलाधिकारी महोदय के द्वारा सौंपा गया है। उन्होंने साफ तौर पर जन सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी से सवाल करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का “सौतेला व्यवहार” क्यों किया जा रहा है? क्या सूचना साझा करने में कोई पक्षपात बरता जा रहा है या फिर यह महज लापरवाही है? सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर जल्द ही जनसंपर्क पदाधिकारी के साथ एक खास मुलाकात भी प्रस्तावित है, जिसमें पत्रकारों के साथ हो रहे व्यवहार और सूचना तंत्र की पारदर्शिता पर सीधी चर्चा की जाएगी। पत्रकारों का कहना है कि अगर समय पर सही जानकारी नहीं मिलेगी, तो निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग प्रभावित होगी। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनसंपर्क विभाग इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और आगे की रणनीति क्या होगी।1