टी20 सीरीज में आयरलैंड और इंग्लैंड के हाथों मिली लगातार शर्मनाक हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने मंगलवार से एजबेस्टन में शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में न सिर्फ जीत दर्ज करने की, बल्कि अपनी खोई हुई साख वापस पाने की कड़ी चुनौती है। करीब दो हफ्ते पहले तक सीमित ओवरों की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली टीम इंडिया की कमजोरियां महज 14 दिनों में पूरी तरह उजागर हो गई हैं, जहां बल्लेबाजी बिखरने के साथ ही गेंदबाजी और फील्डिंग भी सवालों के घेरे में आ गई है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि वनडे सीरीज में उसके भरोसेमंद सितारे वापस लौट आए हैं। विराट कोहली नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने लौट रहे हैं, जबकि रोहित शर्मा की मौजूदगी से ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल के पास खुद को साबित करने का मौका होगा और केएल राहुल मध्यक्रम को मजबूती देंगे। सबसे बड़ी खबर जसप्रीत बुमराह की वापसी है, जो 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के पूरे 968 दिन बाद इस फॉर्मेट में गेंदबाजी करते नजर आएंगे। लेकिन केवल बड़े नामों की वापसी से जीत सुनिश्चित नहीं होती, क्योंकि टीम के सामने इस वक्त चार बड़े सवाल खड़े हैं। पहला सवाल यह है कि क्या लंबे अंतराल के बाद वापसी कर रहे विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह बिना किसी तैयारी के अपनी पुरानी लय तुरंत हासिल कर पाएंगे? दूसरा, मोहम्मद सिराज की गैरमौजूदगी में बुमराह और अर्शदीप सिंह पर नई गेंद की जिम्मेदारी होगी, लेकिन अर्शदीप का हालिया फॉर्म चिंता का विषय रहा है। तीसरा, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण टीम का संतुलन बिगड़ गया है और कप्तान शुभमन गिल के सामने अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज चुनने की दुविधा होगी। चौथा सवाल खुद कप्तान गिल पर है, जिनकी टी20 में मिली हार के बाद फैसलों और रणनीति पर सवाल उठे थे, और अब अनुभवी इंग्लैंड के खिलाफ दबाव में उनकी कप्तानी की असली परीक्षा होगी। 2027 वनडे वर्ल्ड कप अब सिर्फ 15 महीने दूर है, जो दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। जुलाई 2024 के बाद से भारत ने खेली छह द्विपक्षीय वनडे सीरीज में से तीन (श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ) गंवाई हैं। ऐसे में अब भारतीय टीम के पास बहानों की कोई गुंजाइश नहीं बची है और वर्ल्ड कप से पहले गलतियों को सुधारने के बेहद कम मौके बचे हैं।
टी20 सीरीज में आयरलैंड और इंग्लैंड के हाथों मिली लगातार शर्मनाक हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने मंगलवार से एजबेस्टन में शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में न सिर्फ जीत दर्ज करने की, बल्कि अपनी खोई हुई साख वापस पाने की कड़ी चुनौती है। करीब दो हफ्ते पहले तक सीमित ओवरों की सबसे खतरनाक मानी जाने वाली टीम इंडिया की कमजोरियां महज 14 दिनों में पूरी तरह उजागर हो गई हैं, जहां बल्लेबाजी बिखरने के साथ ही गेंदबाजी और फील्डिंग भी सवालों के घेरे में आ गई है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि वनडे सीरीज में उसके भरोसेमंद सितारे वापस लौट आए हैं। विराट कोहली नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने लौट रहे हैं, जबकि रोहित शर्मा की मौजूदगी से ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल के पास खुद को साबित करने का मौका होगा और केएल राहुल मध्यक्रम को मजबूती देंगे। सबसे बड़ी खबर जसप्रीत बुमराह की वापसी है, जो 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के पूरे 968 दिन बाद इस फॉर्मेट में गेंदबाजी करते नजर आएंगे। लेकिन केवल बड़े नामों की वापसी से जीत सुनिश्चित नहीं होती, क्योंकि टीम के सामने इस वक्त चार बड़े सवाल खड़े हैं। पहला सवाल यह है कि क्या लंबे अंतराल के बाद वापसी कर रहे विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह बिना किसी तैयारी के अपनी पुरानी लय तुरंत हासिल कर पाएंगे? दूसरा, मोहम्मद सिराज की गैरमौजूदगी में बुमराह और अर्शदीप सिंह पर नई गेंद की जिम्मेदारी होगी, लेकिन अर्शदीप का हालिया फॉर्म चिंता का विषय रहा है। तीसरा, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण टीम का संतुलन बिगड़ गया है और कप्तान शुभमन गिल के सामने अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज चुनने की दुविधा होगी। चौथा सवाल खुद कप्तान गिल पर है, जिनकी टी20 में मिली हार के बाद फैसलों और रणनीति पर सवाल उठे थे, और अब अनुभवी इंग्लैंड के खिलाफ दबाव में उनकी कप्तानी की असली परीक्षा होगी। 2027 वनडे वर्ल्ड कप अब सिर्फ 15 महीने दूर है, जो दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। जुलाई 2024 के बाद से भारत ने खेली छह द्विपक्षीय वनडे सीरीज में से तीन (श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ) गंवाई हैं। ऐसे में अब भारतीय टीम के पास बहानों की कोई गुंजाइश नहीं बची है और वर्ल्ड कप से पहले गलतियों को सुधारने के बेहद कम मौके बचे हैं।
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा ने राम मंदिर चंदे में कथित घोटाले को लेकर भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अयोध्या से जुड़े इस मामले में कांग्रेस नेता प्रणव झा ने सीधे तौर पर भाजपा-आरएसएस को निशाने पर लेते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।1
- गोरखपुर में नहर की पुलिया टूटने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया के साथ-साथ यहाँ की सड़क भी पूरी तरह से टूट चुकी है। नहर का पानी गांव के भीतर न प्रवेश कर सके, इसके लिए बचाव के तौर पर नहर के दोनों तरफ मिट्टी से बांध बांधा गया है। इस क्षतिग्रस्त पुल और सड़क के कारण ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में बेहद असुविधा हो रही है।3
- भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर निर्णायक बातचीत चल रही है। दोनों देश इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच गए हैं।1
- पटना में बांकीपुर उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा की नामांकन रैली भाजपा कार्यालय से शुरू हुई।1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 की ओर से सभी दर्शकों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया है।1
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा ने BJP-RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अयोध्या की इस खबर में राम मंदिर चंदे में घोटाले की आशंका उठाते हुए इन संगठनों पर सीधे तौर पर निशाना साधा गया है।1
- संत कबीर नगर के खलीलाबाद में परमपिता परमेश्वर भोलेनाथ की कृपा से नई गाड़ी खरीदने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस अत्यंत खुशी के अवसर पर भगवान भोलेनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह कामना की गई है कि उनकी कृपा हमेशा इसी तरह बनी रहे। भक्तिभाव और हर्ष के साथ 'जय महाकाल' का जयकारा भी लगाया गया है।1
- संतकबीर नगर के खलीलाबाद नगर पालिका परिषद के मोहल्ला गोरखल में गैस गोदाम के सामने वाली गली की सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलभराव की चपेट में है। बरसात के बाद सड़क के दलदल में तब्दील हो जाने से यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, जबकि बाइक सवारों को भी रोजाना आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह पानी जमा होने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है, जिससे लगातार हादसे होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गली में जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने से चारों तरफ भयंकर बदबू फैल रही है, जिसके कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का जीना मुहाल हो गया है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन द्वारा अब तक समाधान के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इस अव्यवस्था से नाराज होकर मोहल्ले के रविशंकर सिंह, सनी राय, सुमित श्रीवास्तव, गौरव राय, शैलेश यादव, शिवम राय और देवेंद्र सहित अन्य निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की जोरदार मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने-जाने में और भी बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।1
- गोरखपुर विश्वविद्यालय में दलाली बंद करने की मांग करते हुए छात्र नेता सतीश प्रजापति ने तीखा आक्रोश जताया है। छात्र नेता ने सीधा सवाल उठाया है कि जब विश्वविद्यालय ने प्रवेश फार्म स्वीकार कर एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया था, तो फिर एलएलबी (LLB) प्रवेश परीक्षा देने से क्यों रोका गया? प्रवेश पत्र जारी होने के बावजूद परीक्षा से रोके जाने के इस गंभीर मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से घिर गया है और उस पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस अन्याय के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी छात्रों के लिए न्याय की मांग उठाई जा रही है।1