Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश में डेढ़ साल के मासूम आरव के हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मासूम आरव की हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में महज 40 दिनों के भीतर ही फैसला आया है। अदालत ने 13 गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया। न्यायालय के इस फैसले को त्वरित न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Naved khan
मध्य प्रदेश में डेढ़ साल के मासूम आरव के हत्याकांड में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मासूम आरव की हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में महज 40 दिनों के भीतर ही फैसला आया है। अदालत ने 13 गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया। न्यायालय के इस फैसले को त्वरित न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर कड़ी निराशा जताते हुए उन पर तीखा पलटवार किया है। आजाद ने कहा कि अगर मायावती को सचमुच दलितों के दर्द का एहसास होता, तो वे घर बैठकर केवल बयान देने के बजाय खुद मेरठ आतीं। उन्होंने कहा कि मायावती को मेरठ आकर पीड़ित परिवार से मिलना चाहिए था और पुलिसिया जुल्म के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए था।1
- भोपाल के विज्ञान भवन में आगामी 11 और 12 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ी पूरी खबर को अवश्य देखें।4
- भोपाल जिला अभिभाषक संघ का चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, जहां चुनावी सरगर्मियों के बीच वकीलों के विभिन्न समूहों से मिलकर समर्थन मांगा जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव से लेकर विजयपुर विधानसभा उपचुनाव और अब दतिया विधानसभा क्षेत्र की परिस्थितियां इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि भाजपा का लोकतांत्रिक मूल्यों में कोई विश्वास नहीं है। जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में एक सीट छीनी गई, विजयपुर विधानसभा में न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से जीते हुए जनप्रतिनिधि को हटाकर हारे हुए को लाभ पहुंचाया गया और राजेंद्र भारती को षड्यंत्रपूर्वक पद से मुक्त कराया गया। इन घटनाओं ने लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचाया है और भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप भी पूरे देश के सामने उजागर हुए हैं। दतिया उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में वहां की कानून-व्यवस्था ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि स्थानीय कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक छोटी-छोटी घटनाओं को भी नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, तो निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की उनकी क्षमता संदिग्ध है। जीतू पटवारी ने भाजपा के आंतरिक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि टिकट वितरण के बाद भाजपा कार्यालय के घेराव, सड़क जाम और अव्यवस्था के बावजूद प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जो इसकी गंभीर विफलता को दर्शाता है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि दतिया उपचुनाव की प्रत्येक गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासन निष्पक्ष होकर काम करे। उन्होंने भरोसा जताया कि दतिया की जनता लोकतंत्र का सम्मान करते हुए कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी और पार्टी वहां भारी मजबूती से जीत दर्ज करेगी।1
- मध्य प्रदेश में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं के उपद्रव को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि टिकट न देना पूरी तरह से पार्टी का निर्णय है। गौरतलब है कि हाईकमान तक शिकायत पहुंचने के बाद नरोत्तम मिश्रा पर कार्रवाई होने की बात कही जा रही थी।1
- चाइल्ड पोर्न देखना, शेयर करना या किसी को दिखाना बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कानून के तहत इस तरह के अपराधों में लिप्त होने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अत्यंत सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। यदि किसी को भी मोबाइल या इंटरनेट पर ऐसा कोई आपत्तिजनक कंटेंट मिलता है, तो उसे आगे बिल्कुल न भेजें। इसके बजाय, तुरंत संबंधित सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं और पुलिस को इस मामले की सूचना दें, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम कट के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जहाँ डीपीएस स्कूल की एक बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों के भीतर पूरी बस जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घटना के समय बस में कोई भी छात्र मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। वहीं बस के ड्राइवर ने भी सूझबूझ दिखाई और समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। धुआं, लपटें और राख की ढेरी में तब्दील हुई इस घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा सोचने पर मजबूर करता है कि बच्चों को ले जाने वाली ये गाड़ियां वाकई कितनी सुरक्षित हैं और मेंटेनेंस के नाम पर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती जा रही है।1