कृषि उपज मंडी समिति मंडावरी सुरक्षा दीवार सतिग्रस्त 1 साल से मरम्मत का इंतजार टूटी सुरक्षा दीवार से मंडावरी कृषि उपज मंडी की सुरक्षा पर सवाल, एक साल से मरम्मत का इंतजार समाचार: दौसा जिले की कृषि उपज मंडी समिति मंडावरी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी की सुरक्षा दीवार पिछले एक वर्ष से अधिक समय से टूटी हुई है, लेकिन अब तक उसके निर्माण या मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वर्तमान समय में मंडी में किसानों का सरसों का माल बड़ी मात्रा में आ रहा है। प्रतिदिन लगभग 10 हजार कट्टे सरसों मंडी में पहुंच रहे हैं। ऐसे में टूटी हुई सुरक्षा दीवार के कारण मंडी परिसर की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में नजर आ रही है। मंडी की दीवार टूटी होने से बाहर के खेतों का दृश्य साफ दिखाई देता है और इसी रास्ते से कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है। इससे किसानों के माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस रास्ते से कोई भी व्यक्ति माल पार कर सकता है, जिससे चोरी की आशंका बनी रहती है। गंभीर बात यह है कि इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद मंडी सचिव द्वारा अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टूटी हुई सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए ताकि मंडी में आने वाले किसानों के माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट: खेमराज जोशी
कृषि उपज मंडी समिति मंडावरी सुरक्षा दीवार सतिग्रस्त 1 साल से मरम्मत का इंतजार टूटी सुरक्षा दीवार से मंडावरी कृषि उपज मंडी की सुरक्षा पर सवाल, एक साल से मरम्मत का इंतजार समाचार: दौसा जिले की कृषि उपज मंडी समिति मंडावरी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी की सुरक्षा दीवार पिछले एक वर्ष से अधिक समय से टूटी हुई है, लेकिन अब तक उसके निर्माण या मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वर्तमान समय में मंडी में किसानों का सरसों का माल बड़ी मात्रा में आ रहा है। प्रतिदिन लगभग 10 हजार कट्टे सरसों मंडी में पहुंच रहे हैं। ऐसे में टूटी हुई सुरक्षा दीवार के कारण मंडी परिसर की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में नजर आ रही
है। मंडी की दीवार टूटी होने से बाहर के खेतों का दृश्य साफ दिखाई देता है और इसी रास्ते से कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है। इससे किसानों के माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस रास्ते से कोई भी व्यक्ति माल पार कर सकता है, जिससे चोरी की आशंका बनी रहती है। गंभीर बात यह है कि इतनी बड़ी समस्या होने के बावजूद मंडी सचिव द्वारा अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टूटी हुई सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए ताकि मंडी में आने वाले किसानों के माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट: खेमराज जोशी
- जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस पर तेज़ रफ़्तार से चल रही कार का टायर फटने से हुआ खतरनाक एक्सीडेंट गाड़ी में सवार दो लोग हुए घायल। जिसकी सूचना टोल कर्मी संतोष बैरवा ने NHI की टीम को दी सूचना पर NHI की गाड़ी लेकर मौके पर पहुंची। और एंबुलेंस की सहायता से घायलों को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस सड़क हादसे में दो लोग सवार थे दोनों को घायल हो गए बताया कि ये लोग फोर व्हीलर गाड़ी में सवार थे यह सभी लोग जयपुर से बांदीकुई की तरफ़ जा रहे थे जिसमें चलती हुई कार का टायर फटने से हाईवे पर हादसा हुआ और बड़ा हादसा होने से बच गया दोनो घायल हो गए जिनको राजकीय जिला चिकित्सालय दौसा में भर्ती करवाया गया जिनका उपचार जारी है। एवं एक्सप्रेस वे पर थोड़ी देर साधनों को रोक कर एक्सिडेंट हुई गाड़ी को क्रेन की सहायता से एक्सप्रेस वे से हटाया गया जिसके एक्सप्रेस वे को सुचारू रूप से चालू किया गया।1
- जो भी युवा पान मसाला( गुटखा) आ रहा है एक बार वह इस तस्वीर को जरूर देखें और समझ ले पर पूरा गौर करें आज से ही तंबाकू गुटखा खाना छोड़ दे अपने परिवार की सुरक्षा के लिए उनका कोई तकलीफ नहीं हो सके आज और इसी वक्त संकल्प ले ले हम गुटका नहीं खाएंगे देख जरा इस पोस्ट को1
- 11 साल बाद घर लौटे सुरेश से मिलने वालों का लगा तांता, पुलिस ने लिए बयान उपखंड के रामगढ़ पचवारा के गांव शाहजहांनपुरा में 11 साल बाद घर लौटे सुरेश मीणा को देखने और मिलने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे दौसा वृत्त अधिकारी धर्मेन्द्र शर्मा अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और सुरेश व उसके पिता के बयान दर्ज किए। सुरेश से भी पूछताछ की गई, लेकिन वह अभी कुछ बोलने में असमर्थ बताया जा रहा है। गांव में बेटे की वापसी को लेकर खुशी का माहौल है। 8 मार्च रविवार को देवी-देवताओं की सवामणी और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। डिप्टी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि एसटी सेल डिप्टी रीडर भगवान सहाय मीणा और मानव तस्करी यूनिट के एएसआई दीपक कुमार ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान सुरेश और उसके माता-पिता का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा पिता की हिम्मत की सराहना की गई।2
- राजस्थान में Zeero नम्बर लाओ और सरकारी नौकरी पाओं लेकिन कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब अब देखना ये होगा कि राजस्थान सरकार कोर्ट में इसका क्या जवाब देगी1
- बाणेश्वरी माता के मंदिर में भरा मेला हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन मनोकामना मांगी रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता बांसखोह कस्बा स्थित नई नाथ धाम में सिसोदिया राजपूत धर्मशाला में शुक्रवार को बाणेश्वरी माता के मंदिर में फूल बंगले से आकर्षक झांकी सजाई इस दौरान बाणेश्वरी माता के मंदिर में प्रथम वर्षगांठ मनाई गई इस मौके पर काफी दूर दराज से पद यात्रा आई और श्रद्धालु बाणेश्वरी माता की जय जयकार लगाते हुए हाथों में ध्वज लिए नाचते गाते हुए डीजे की धुन पर नजर आए इसी के साथ ही सिसोदिया राजपूत समाज धर्मशाला में आए हुए सभी पद यात्रियों का पुष्प वर्षा से स्वागत सम्मान किया इस मौके पर आए हुए सिसोदिया समाज के सभी पदाधिकारी व भामाशाहों का भी माला व साफा पहनाकर स्वागत सम्मान किया यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से किया गया कार्यक्रम के समापन के बाद सभी के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई जिसमें श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी पाई इसी के साथ ही सिसोदिया समाज के समाज बंधु धर्मशाला के विकास कार्य के बारे में व शिक्षा के बारे में अन्य कई तरह की जानकारी दी2
- यह कलश व शोभायात्रा नदी वाले महादेव जी मंदिर के स्थान से रवाना होकर नगर परिक्रमा करते हुए मैन बाजार सब्जी मंडी में पहुंची जहां पर ग्रामीणों के द्वारा शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया जिसमें कथावाचक आचार्य विनोद कुमार शर्मा रामपुरा वालो के द्वारा नानी बाई को मायरो कथा सुनाई जा रही है इस कथा में सैकड़ो श्रद्धालुओं ने नानी बाई को मायरो सुनने के लिए पहुंचे इसके बाद आरती हुई आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया इस मौके पर चौथमल शर्मा हजारीलाल जोशी ,विनोद कुमार जोशी संतोष जोशी ,आचार्य महेंद्र कुमार ,सहित सैकड़ो ग्रामीण एवं महिलाओ ने कलश यात्रा में भाग लिया2
- वजीरपुर। नारी स्वतंत्रता, समानता एवं सम्मान के लिए संघर्ष के प्रतीक पर्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर आज राजकीय कन्या महाविद्यालय वजीरपुर में व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं दी। संचालन भूगोल प्राध्यापक डॉ. ऋषिकेश गुर्जर एवं छायांकन सेमेस्टर तृतीय की छात्रा शिप्रा कुमारी बंशीवाल ने किया। छात्रा चेल्सी मित्तल, पायल सैनी,शिप्रा कुमारी बंशीवाल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व के बारे में विचार प्रस्तुत कर बधाई दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक कर्मचारी सोहन सिंह योगी, सुनील कुमार बैरवा,लक्ष्मण सिंह एवं कन्हैया ने अच्छा सहयोग किया। नोडल अधिकारी प्रो.रमेश बैरवा ने अपने उद्बोधन कहा कि यह दिन महिलाओं के संघर्षों और बीसवीं सदी के नारीवादी आंदोलनों से प्रेरित होकर, रूढ़ियों को तोड़ने व महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देता है। 1977 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने 8 मार्च को अधिकारिक मान्यता दी। संयुक्त राष्ट्र हर वर्ष इसे मनाने के लिए एक खास थीम तय करता है। वर्ष 2026 के लिए थीम "अधिकार। न्याय। कार्रवाई। सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए" के लिए रखी गई है। प्रो.बैरवा ने बताया कि आधी आबादी महिलाएं बड़ी संख्या में आज भी शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार सहित गरिमामय जीवन के मानव अधिकारों से वंचित हैं। महिलाओं को आज जो भी हक मिलें हैं वे एकता, संघर्ष और शिक्षा की बदौलत ही मिले हैं। आज फिर जागरूक होकर एकजुट होने तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करने की जरूरत है। छात्राओं के लिए तो यह और भी जरूरी है। इन्होंने 9 मार्च से शुरू सेमेस्टर परीक्षा के लिए भी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सेमेस्टर तृतीय की छात्रा ज्योति कंवर,सेमेस्टर पंचम की छात्रा पिंकी माली, सेमेस्टर प्रथम की छात्रा पायल कुमारी बैरवा, रानी राजावत, किरण मीणा, मोनिका मीणा सहित अनेक छात्राओं ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां दी जिसका छात्राओं ने जमकर लुत्फ उठाया। बड़ी संख्या में शामिल छात्राओं ने लोकगीतों पर जमकर नृत्य कर एवं गुलाल होली खेलकर कार्यक्रम को रोचक बना दिया। होली मिलन की धूम मचाई।1
- स्कूल में सिगरेट पीते हुए पकड़ने पर दसवीं क्लास के छात्र ने अध्यापक के सीने पर जोरदार मुक्का मार दिया....आप सोचो इन बच्चों में इतनी हिम्मत कहाँ से आई, क्या आपके जमाने मे किसी भी बच्चे की हिम्मत होती थी टीचर से नजर मिलाने की, यदि टीचर कहीं नजर आ जाते थे तो हम छुप जाया करते थे या सीधे चरण स्पर्श करते थे लेकिन अब की स्थिति बेहद अलग है बिलखते हुए क्षीणकाय अध्यापक को देखकर लग रहा है कि अब शिक्षा में नैतिकता खत्म हो चुकी है छात्र निडर है...पुनः आक्रमण का प्रयास करता है, उसे मालूम है कि अध्यापक उसके खिलाफ FIR तक नहीं लिखा सकता.... ऐसी बेबसी हमारे समाज और शिक्षा दोनो के लिए भी बेहद गलत है बच्चो में अनुशासन जरूरी है और उसके लिए यदि शिक्षक को कठोर कदम उठाने पड़े तो उन्हें उसकी भी अनुमति मिलनी चाहिए अन्यथा ये समाज यूँ ही खोखला होता चला जायेगा1