निपुण संकल्प कार्यशाला में एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में जनपद में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से “कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति के माध्यम से निपुण भारत की ओर” विषय पर ‘निपुण संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देवरिया एवं कुशीनगर जनपद के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षकगणों ने प्रतिभाग किया। एमराल्ड सफारी गौरा में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह तथा सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), गोरखपुर मंडल श्रीमती संगीता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर देवरिया के एसआरजी उपेंद्र उपाध्याय एवं कुशीनगर के एसआरजी राम प्रकाश पांडेय भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सभी एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं शिक्षकगणों से बेसिक शिक्षा के विभिन्न आयामों को आत्मसात करते हुए जनपद को निपुण जनपद बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निपुण उत्तर प्रदेश के अंतर्गत निर्धारित सभी प्रावधानों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी एवं शिक्षक अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति निपुण भारत मिशन की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यालयों को बच्चों के समग्र विकास की प्रयोगशाला बताते हुए आनंददायक, सुरक्षित एवं समावेशी शिक्षण वातावरण विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने नियमित अभ्यास, सतत मूल्यांकन, समयबद्ध फीडबैक तथा 15 दिवसीय कैच-अप अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में राज्य परियोजना कार्यालय से आए विशेषज्ञ शुभम एवं सुश्री करिश्मा ने ‘निपुण संकल्प’ की अवधारणा, कक्षा में बदलाव के 10 सूत्र, कैच-अप शिक्षण के 15 सूत्र तथा NIPUN Plus App के माध्यम से आकलन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में रीडिंग कॉर्नर, रीडिंग क्लब, डीईएआर अभियान, सुपर-20/30 पाठक पहल, समाचार-पत्र वाचन एवं चर्चा जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यालयों में पठन संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी टीम ने किया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सत्य प्रकाश कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) आशुतोष शुक्ला, जिला समन्वयक (निपुण) गोरख यादव एवं मधुरेंद्र शुक्ला सहित दोनों जनपदों के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘निपुण संकल्प’ लेते हुए प्रत्येक बच्चे को सीखने के अवसर उपलब्ध कराने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने का संकल्प लिया।
निपुण संकल्प कार्यशाला में एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में जनपद में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से “कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति के माध्यम से निपुण भारत की ओर” विषय पर ‘निपुण संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देवरिया एवं कुशीनगर जनपद के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षकगणों ने प्रतिभाग किया। एमराल्ड सफारी गौरा में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह तथा सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), गोरखपुर मंडल श्रीमती संगीता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर देवरिया के एसआरजी उपेंद्र उपाध्याय एवं कुशीनगर के एसआरजी राम प्रकाश पांडेय भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सभी एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारियों
एवं शिक्षकगणों से बेसिक शिक्षा के विभिन्न आयामों को आत्मसात करते हुए जनपद को निपुण जनपद बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निपुण उत्तर प्रदेश के अंतर्गत निर्धारित सभी प्रावधानों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी एवं शिक्षक अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति निपुण भारत मिशन की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यालयों को बच्चों के समग्र विकास की प्रयोगशाला बताते हुए आनंददायक, सुरक्षित एवं समावेशी शिक्षण वातावरण विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने नियमित अभ्यास, सतत मूल्यांकन, समयबद्ध फीडबैक तथा 15 दिवसीय कैच-अप अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई। कार्यशाला में राज्य परियोजना कार्यालय से आए विशेषज्ञ शुभम एवं सुश्री करिश्मा ने ‘निपुण संकल्प’ की अवधारणा, कक्षा में बदलाव के 10
सूत्र, कैच-अप शिक्षण के 15 सूत्र तथा NIPUN Plus App के माध्यम से आकलन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में रीडिंग कॉर्नर, रीडिंग क्लब, डीईएआर अभियान, सुपर-20/30 पाठक पहल, समाचार-पत्र वाचन एवं चर्चा जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यालयों में पठन संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी टीम ने किया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सत्य प्रकाश कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) आशुतोष शुक्ला, जिला समन्वयक (निपुण) गोरख यादव एवं मधुरेंद्र शुक्ला सहित दोनों जनपदों के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ‘निपुण संकल्प’ लेते हुए प्रत्येक बच्चे को सीखने के अवसर उपलब्ध कराने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त करने का संकल्प लिया।
- औचक निरीक्षण में बड़ा खुलासा, पढ़ाई गायब... कर्मचारी गहरी नींद में! देवरिया में मुख्य विकास अधिकारी के औचक निरीक्षण में एक संस्कृत महाविद्यालय की बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान कर्मचारी कुर्सी पर सोता मिला और महाविद्यालय में पढ़ाई की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके बाद सीडीओ ने जांच के आदेश दे दिए। देवरिया के पांडेयचक स्थित श्री विजय राघव संस्कृत महाविद्यालय का शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में महाविद्यालय की व्यवस्था बेहद खराब मिली। एक कर्मचारी कार्यालय में कुर्सी पर सोता मिला, जबकि परिसर में पढ़ाई का माहौल और आवश्यक संसाधन नहीं मिले।1
- आकांक्षी ब्लॉकों में बदलाव की नई पहल, अधिकारियों को मिला व्यवहार परिवर्तन का प्रशिक्षण डीएम मधुसूदन हुल्गी ने दिए निर्देश—योजनाओं को घर-घर पहुंचाएं, जागरूकता बढ़ाकर सुनिश्चित करें प्रभावी क्रियान्वयन देवरिया, 31 जुलाई। जनपद के चयनित आकांक्षी ब्लॉकों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के लिए व्यवहार परिवर्तन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने की। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आकांक्षी ब्लॉकों सहित जनपद में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने और व्यवहार परिवर्तन की तकनीकों की जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आमजन के बीच जाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें, लोगों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें तथा संवाद के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान का प्रयास करें। प्रशिक्षण में चयनित आकांक्षी ब्लॉक गौरीबाजार, लार, बरहज, भागलपुर और बनकटा में निर्धारित विभिन्न विकास मानकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति, जनजागरूकता बढ़ाने तथा योजनाओं से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षण स्वाति और अंशिका पांडेय द्वारा प्रदान किया गया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आकांक्षी ब्लॉकों के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण में बताई गई बातों को अपने कार्य व्यवहार में शामिल करें और लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आकांक्षी ब्लॉकों के सभी नामित नोडल अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।1
- सीडीओ के निरीक्षण के दौरान संस्कृत महाविद्यालय के अध्यापक मेज पर सोते हुए मिले। सीडीओ के निरीक्षण के दौरान संस्कृत महाविद्यालय के अध्यापक मेज पर सोते हुए मिले। एंकर - उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शिक्षा के मंदिर में किस तरह से भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा हैं इसकी हकीकत उस समय चर्चा में आई जब मुख्यविकास अधिकारी राजेश कुमार ने संस्कृत महाविद्यालय का अचौक निरीक्षण किया। जिसमें मौके पर अध्यापक मेज पर पैर रखकर सोते हुए मिला तो वही विद्यालय मनका के विपरीत बनवा के साथ कोई छात्र विद्यालय में अध्ययनरत नहीं दिखा जिसके बाद शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही साफ देखी जा सकती हैं। सबसे हैरत अंगेज की बात है कि जब विद्यालय में कोई छात्र व छात्रा अध्ययनरत नहीं है तो फिर जिला पंचायत विभाग द्वारा लाखों की खर्च कर कैसे संस्कृत महाविद्यालय के परिसर के अंदर शौचालय बना दिया गया। इसकी जांच कर कार्यवाही के आदेश सीडीओ राजेश कुमार द्वारा निर्देशित किया गया हैं। बाइट -राजेश कुमार सीडीओ देवरिया1
- ओआरएस सप्ताह: सीएचसी देवतहा में डायरिया से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान1
- , यह घटना संसद के मानसून सत्र के दौरान घटित हुई है। संसद परिसर (मकर द्वार) के बाहर विपक्षी सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी/हेराफेरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए एक सांकेतिक नाटक (स्ट्रीट प्ले) का मंचन किया। नाटक और प्रदर्शन का विवरण मुख्य भूमिका: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने साधु/पुजारी का वेश धारण कर हाथ में भगवान राम की तस्वीर और सामने दान पेटियाँ रखीं। राहुल गांधी की भूमिका: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नाटक में एक भक्त की तरह दान पेटी में पैसे डाले। नाटकीय मोड़: नाटक में पुजारी बने पप्पू यादव दान के पैसों को अपनी जेब में रखकर भागने की कोशिश करते दिखे, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के सांसदों (अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद आदि) और अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें घेरकर "चंदा चोर, गड्डी छोड़" के नारे लगाए। विपक्ष की माँगे: विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान की हेराफेरी पर संसद में चर्चा कराई जाए और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब दें। प्रतिक्रियाएँ सदन की कार्यवाही पर असर: इस ड्रामे और हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर की चेतावनी: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों द्वारा तरह-तरह की वेशभूषा पहनकर संसद आने पर नाराजगी जताई और संसदीय मर्यादा का पालन करने की हिदायत दी। सत्तापक्ष व संतों का विरोध: बीजेपी नेताओं और अखिल भारतीय संत समिति ने इस नाटक पर कड़ा विरोध दर्ज कराया तथा इसे सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान करार दिया।1
- राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद में हंगामा, विपक्ष का प्रदर्शन नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान आज विपक्षी सांसदों ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल सांसदों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विरोध के दौरान कुछ सांसदों ने सांकेतिक प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ी तथा विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा।1
- देवरिया व्यूरो रिपोर्ट देवरिया शहर के ट्रैफिक कार्यालय परिसर में शुक्रवार करीब 1:00 बजे खड़ी एक कार में तेज धमाके के साथ आग1