चंदवा के टोरी रेलवे फाटक पर बार-बार घंटों बंदी के कारण ग्रामीणों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली से जाम में फंसकर कई मरीजों की जान संकट में पड़ चुकी है और कुछ की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। प्रसव अवस्था में कई महिलाओं को भी जाम में फंसने के कारण अत्यधिक दिक्कतें झेलनी पड़ी हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गहरा असर पड़ा है, जिससे लोगों में न्याय की उम्मीद कम होती जा रही है। माकपा के वरिष्ठ नेता अयूब खान के अनुसार, फाटक की समस्या को दूर करने और एक ओवरब्रिज का निर्माण करवाने के लिए समय-समय पर कई मांगें रखी गई हैं। इन मांगों को लेकर सत्याग्रह भी किए गए और अधिकारियों से भी अनुरोध किया गया, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बढ़ती पीड़ा और प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीण अब सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने आगामी 15 जून को उदयपुरा से डीसी कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकालने का निश्चय किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द ओवरब्रिज निर्माण की मांग करेंगे। स्थानीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो उनका आंदोलन और अधिक तेज होगा।
चंदवा के टोरी रेलवे फाटक पर बार-बार घंटों बंदी के कारण ग्रामीणों को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली से जाम में फंसकर कई मरीजों की जान संकट में पड़ चुकी है और कुछ की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। प्रसव अवस्था में कई महिलाओं को भी जाम में फंसने के कारण अत्यधिक दिक्कतें झेलनी पड़ी हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। व्यापार, शिक्षा और
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गहरा असर पड़ा है, जिससे लोगों में न्याय की उम्मीद कम होती जा रही है। माकपा के वरिष्ठ नेता अयूब खान के अनुसार, फाटक की समस्या को दूर करने और एक ओवरब्रिज का निर्माण करवाने के लिए समय-समय पर कई मांगें रखी गई हैं। इन मांगों को लेकर सत्याग्रह भी किए गए और अधिकारियों से भी अनुरोध किया गया, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं
हुई है। बढ़ती पीड़ा और प्रशासन की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीण अब सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने आगामी 15 जून को उदयपुरा से डीसी कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकालने का निश्चय किया है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द ओवरब्रिज निर्माण की मांग करेंगे। स्थानीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो उनका आंदोलन और अधिक तेज होगा।
- SudarsanThethaitangar, Simdega👏2 days ago
- करीब 10 साल पहले जिन गांवों में नक्सलियों का भारी दबदबा होता था, वहाँ के ग्रामीण आज भी पत्ता बेचकर ही अपना जीवनयापन कर रहे हैं। यह स्थिति उन पुराने दिनों की याद दिलाती है और यह सवाल उठाती है कि 10 साल पहले इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोग किन परिस्थितियों में अपना जीवन गुजारते थे।1
- लातेहार में स्थानीय मुखिया शशि कुजूर ने उपायुक्त से मुलाकात कर ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया, जिसमें जर्जर सड़क के निर्माण की मांग प्रमुख थी। मुखिया शशि कुजूर ने इस संबंध में उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें क्षेत्र की जर्जर सड़क के निर्माण की मांग उठाई गई। उपायुक्त ने शीघ्र सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया है, जिससे क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है और वे जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।1
- लातेहार नगर पंचायत का 'ठंडा पानी' केंद्र अब केवल एक शोपीस बनकर रह गया है, जिससे राहगीरों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इस केंद्र के बोर्ड पर ठंडे पानी का वादा किया गया है, लेकिन वहाँ रखे घड़ों में पानी उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति ने लातेहार नगर पंचायत की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- झारखंड में एक ऐसा रेलवे फाटक है जहाँ लोगों को घंटों तक खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- झारखंड में एक ज़मीन संबंधी मामले में 40 साल के लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार फ़ैसला आ गया है। इस फ़ैसले के बाद, अब जान से मारने की धमकियाँ मिलने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।1
- लातेहार प्रखंड के अंतर्गत लातेहार रेलवे स्टेशन नवरंग चौक स्थित बाजकुम हनुमान मंदिर ग्राउंड में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा आयोजित बाजकुम चैंपियन ट्रॉफी के दूसरे सीजन का उद्घाटन किया गया। इस प्रतियोगिता का पहला मैच महुवामिलन और मननचोटाग के बीच खेला गया, जिसमें महुवामिलन ने जीत दर्ज की। क्रिकेट मैच का शुभारंभ डुरूआ स्कूल के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर रणधीर सर, क्लब के अध्यक्ष अनीश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष आशीष कु चंद्रवंशी, रोहित राज, सुमित गुप्ता, अंशु कुमार, शुभम् गुप्ता, प्रिंस सिंह, आकाश गिरी, मनीष वर्मा और अन्य लोग उपस्थित थे।1
- लातेहार नगर पंचायत विगत दिनों उन महिलाओं को फुटपाथ से हटा और भगा रही है, जो सब्जी, फल और फूल बेचकर अपना गुजारा कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनने का प्रयास कर रही हैं। नगर पंचायत इन महिलाओं को अतिक्रमणकारी बता रही है। इस मामले में एक पीड़ित महिला रीता देवी ने बताया कि उनके महिला समूह ने स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से ऋण लिया था। वह इस ऋण की मदद से फुटपाथ पर दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने और ऋण चुकाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार उन्हें फुटपाथ पर दुकान लगाने से लगातार हटा रही है। इसी तरह, अनारवा कुंवर नामक एक अन्य महिला ने बताया कि उन्हें मनरेगा योजना के तहत आम की बागवानी मिली थी, जिसका उत्पाद उनके गाँव में नहीं बिकता है। वह किसी तरह भाड़ा खर्च कर लातेहार शहर में आम बेचने आती हैं, लेकिन नगर पंचायत लातेहार के कर्मी उन्हें भी दुकान लगाने से हटा और भगा रहे हैं।1
- लातेहार के महुआडार स्थित संत जेवियर महाविद्यालय के सभागार में छेछारी घाटी के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय संतुलन पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी रविवार शाम 4:00 बजे संपन्न हो गई। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य छेछारी घाटी के संघर्षों को प्रस्तुत करना और उन पर विस्तार से चर्चा करना था। आयोजन में महाविद्यालय के प्रचार फादर डॉक्टर एमके जोश, फादर दिलीप, डॉक्टर संतोष, सामाजिक कार्यकर्ता जेरोम जेराल्ड कुजूर और परवीन एकका सहित कई लोग उपस्थित थे।1