*"द जेईएच वे" के माध्यम से पीपीजीसीएल ने सर जे.आर.डी. टाटा की विरासत को किया नमन — नैतिकता, सेवा एवं शक्ति सृजन का अद्भुत संगम* *प्रयागराज, 30 जुलाई 2026/ मनोज केसरवानी वरिष्ठ पत्रकार* सर जे.आर.डी. टाटा की जयंती के अवसर पर प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (पीपीजीसीएल) में "द जेईएच वे" (The JEH Way) का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर नैतिक नेतृत्व, रक्तदान जैसे जनहितकारी कार्यों तथा महिलाओं की सृजनात्मकता एवं सशक्तिकरण को समर्पित "शक्ति सृजन" कार्यक्रम के माध्यम से सर जे.आर.डी. टाटा के आदर्शों एवं मूल्यों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। टाटा समूह की नैतिक संस्कृति एवं मूल्यों से प्रेरित पीपीजीसीएल में कार्यक्रम का शुभारंभ सर जे.आर.डी. टाटा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उच्च नैतिक आदर्शों, मानव एवं समाज के प्रति संवेदनशीलता, राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता तथा जीवनपर्यंत नैतिक आचरण पर विचार साझा किए गए। इस अवसर पर पीपीजीसीएल के कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सर जे.आर.डी. टाटा के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक एवं कम चर्चित प्रसंग साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने टाटा आचार संहिता (Tata Code of Conduct) के सिद्धांतों एवं मूल्यों का सदैव पालन करने तथा उनकी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट नैतिक आचरण एवं सत्यनिष्ठा का परिचय देने वाले "एथिकल हीरोज़" को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एथिक्स क्विज प्रतियोगिता रही, जिसमें कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों के बीच टाटा आचार संहिता, नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों तथा टाटा समूह की समृद्ध विरासत के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया गया। समारोह का सबसे आकर्षक एवं प्रेरणादायी आयोजन "शक्ति सृजन" प्रदर्शनी रही, जिसमें पीपीजीसीएल की महिलाओं ने अपनी सृजनात्मकता, संवेदनशीलता, उत्साह एवं कलात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में मंडला आर्ट, पिछवाई कला, लिप्पन आर्ट, मधुबनी, गोंड कला, पट्टचित्र, ऐपन कला, कलमकारी, क्ले आर्ट, रंगोली पेंटिंग, वैक्स एवं रेज़िन आर्ट, मैक्रमे, फ्लोरल पेंटिंग, लीफ आर्ट सहित अनेक आकर्षक हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिन्हें उपस्थित सभी अतिथियों एवं दर्शकों ने अत्यधिक सराहा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज, हर्षिका सिंह (आईएएस) तथा उपजिलाधिकारी, बारा, शिखा शंखवार (पीसीएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन एवं शक्ति सृजन प्रदर्शनी में सहभागिता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीपीजीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक पांडा ने कहा कि सर जे.आर.डी. टाटा द्वारा स्थापित नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों एवं आदर्शों का अनुसरण करना ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि पीपीजीसीएल सदैव समाज, समुदाय एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा भविष्य में भी जिम्मेदार, नैतिक एवं सतत विकास के माध्यम से सकारात्मक योगदान देता रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स से इन मूल्यों को अपने कार्य एवं व्यवहार का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। "द जेईएच वे" का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि नैतिकता, सत्यनिष्ठा, सेवा भावना एवं महिला सशक्तिकरण केवल आदर्श नहीं, बल्कि ऐसे जीवन मूल्य हैं जो समाज, संगठन और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं।
*"द जेईएच वे" के माध्यम से पीपीजीसीएल ने सर जे.आर.डी. टाटा की विरासत को किया नमन — नैतिकता, सेवा एवं शक्ति सृजन का अद्भुत संगम* *प्रयागराज, 30 जुलाई 2026/ मनोज केसरवानी वरिष्ठ पत्रकार* सर जे.आर.डी. टाटा की जयंती के अवसर पर प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (पीपीजीसीएल) में "द जेईएच वे" (The JEH Way) का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर नैतिक नेतृत्व, रक्तदान जैसे जनहितकारी कार्यों तथा महिलाओं की सृजनात्मकता एवं सशक्तिकरण को समर्पित "शक्ति सृजन" कार्यक्रम के माध्यम से सर जे.आर.डी. टाटा के आदर्शों एवं मूल्यों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। टाटा समूह की नैतिक संस्कृति एवं मूल्यों से प्रेरित पीपीजीसीएल में कार्यक्रम का शुभारंभ सर जे.आर.डी. टाटा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उच्च नैतिक आदर्शों, मानव एवं समाज के प्रति संवेदनशीलता, राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता तथा जीवनपर्यंत नैतिक आचरण पर विचार साझा किए गए। इस अवसर पर पीपीजीसीएल के कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए सर जे.आर.डी. टाटा के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक एवं कम चर्चित प्रसंग साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने टाटा आचार संहिता (Tata Code of Conduct) के सिद्धांतों एवं मूल्यों का सदैव पालन करने तथा उनकी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट नैतिक आचरण एवं सत्यनिष्ठा का परिचय देने वाले "एथिकल हीरोज़" को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एथिक्स क्विज प्रतियोगिता रही, जिसमें कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों के बीच टाटा आचार संहिता, नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों तथा टाटा
समूह की समृद्ध विरासत के प्रति जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ किया गया। समारोह का सबसे आकर्षक एवं प्रेरणादायी आयोजन "शक्ति सृजन" प्रदर्शनी रही, जिसमें पीपीजीसीएल की महिलाओं ने अपनी सृजनात्मकता, संवेदनशीलता, उत्साह एवं कलात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में मंडला आर्ट, पिछवाई कला, लिप्पन आर्ट, मधुबनी, गोंड कला, पट्टचित्र, ऐपन कला, कलमकारी, क्ले आर्ट, रंगोली पेंटिंग, वैक्स एवं रेज़िन आर्ट, मैक्रमे, फ्लोरल पेंटिंग, लीफ आर्ट सहित अनेक आकर्षक हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं, जिन्हें उपस्थित सभी अतिथियों एवं दर्शकों ने अत्यधिक सराहा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, प्रयागराज, हर्षिका सिंह (आईएएस) तथा उपजिलाधिकारी, बारा, शिखा शंखवार (पीसीएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन एवं शक्ति सृजन प्रदर्शनी में सहभागिता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीपीजीसीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक पांडा ने कहा कि सर जे.आर.डी. टाटा द्वारा स्थापित नैतिक मूल्यों, सिद्धांतों एवं आदर्शों का अनुसरण करना ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि पीपीजीसीएल सदैव समाज, समुदाय एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा भविष्य में भी जिम्मेदार, नैतिक एवं सतत विकास के माध्यम से सकारात्मक योगदान देता रहेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों एवं बिजनेस एसोसिएट्स से इन मूल्यों को अपने कार्य एवं व्यवहार का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। "द जेईएच वे" का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि नैतिकता, सत्यनिष्ठा, सेवा भावना एवं महिला सशक्तिकरण केवल आदर्श नहीं, बल्कि ऐसे जीवन मूल्य हैं जो समाज, संगठन और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं।
- सेवा में श्री मान थाना अध्यक्ष महोदय थाना अध्यम सेत्री जनपद क महोदय जी निवेदन है कि प्रार्थी रामनाथ सरोज पुत्र प्यारेलाल जिवासी अहिराशयाना कोखराज जनपद का रहने बाला है। मैं प्रेम गाड में व्यार्पयत है। रोजाना भाभी तरह से आज दिनीक 31-7-2026 मेज से ठाकले सियो अधिस सिराथू ३० रहा था 'भाड़ी का UP70 K.T 3640 अवफा से बैठने कोखराज से वाहते में मनया मोड़ तो उपरोक्त चालष्क सैनीय रहा था वाह के पास जैसे पहुंचा तो नाम पता असात ने मुझसे विश्वाचा भागा मैने उसे पचास रुपया दिया और मैने बोला अपन जो पैसा रहरू किराया है उसे यह के मुझे वैसा 25 20 वापस कर हो इतरे में सुरोत्तमाड़ी रोक्न के मुझे गाली नबाँध देते हुवे लात घूंसों से मारा और जयन से merit ant - 6445 2 2ET IT' अतः की भान जी से निवेदन है कि प्राचीन 31-7-2026 90052221671
- प्रयागराज: Pond Ash तालाब से प्रदूषण, बंजर हो रही सैकड़ों एकड़ जमीन भाजपा नेता ने DM को सौंपा मांग पत्र प्रयागराज आज भाजपा नेता सुबोध सिंह अध्यक्ष और उनकी टीम ने जिलाधिकारी प्रयागराज को ज्ञापन देकर बारा-शंकरगढ़ क्षेत्र में Pond Ash तालाब के कारण हो रहे नुकसान की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि कंपनी का Pond Ash आबादी और बाउंड्री से सटा हुआ है। जबकि नियमों से एक किलोमीटर दूर होना चाहिए। मानक के अनुसार तालाब न बनने के कारण सैकड़ों एकड़ जमीन बंजर हो रही है पानी जहरीला हो रहा है क्षेत्र में बीमारियां बढ़ रही हैं इनकी 4 प्रमुख मांगें है कि Pond Ash को तत्काल बाउंड्री से कम से कम 500 मीटर दूर किया जाए किसानों के खेत की तरफ गंदा पानी न छोड़ा जाए कंपनी चाहे तो अपनी बाउंड्री का निर्माण ठीक से करके अंदर का पानी गांव के तालाब में नाला बनाकर निकाल सकती है।गांव के तालाब में अभी तक प्रदूषण यंत्र सही से प्रयोग नहीं किया गया है।जिसे जल्द शुरू किया जाए और कंपनी लोगों का फ्री इलाज कराए क्योंकि इसके पहले दमा, TB व अन्य बीमारियों से कई किसानों की मृत्यु भी हो चुकी है। शिक्षा कंपनी के शिक्षण संस्थानों में गांव के किसानों के बच्चों से फीस ली जा रही है, जबकि फ्री शिक्षा देने का वादा किया गया था।रोजगार 10 साल से PPGCL कंपनी ने प्रभावित गांवों के किसानों के बच्चों को स्थाई नौकरी नहीं दी। केवल लेबर रेट पर काम करवाया जा रहा है। मांग है कि कम से कम वेतन 25000 रुपये हो और उन्हें स्थाई किया जाए। विकास कंपनी ने प्रभावित गांवों के विकास का वादा किया था, लेकिन आज भी गांवों में सड़कें नाले टूटे हैं और जल की समस्या है।प्रशासन SDM और CO कंपनी के अंदर ही ज्यादातर रहते हैं। इससे वो कंपनी के कर्मचारी की तरह काम करते हैं और आम जनता व किसानों की सुनवाई कम हो पाती है। मांग है कि उन्हें वहां से हटाया जाए। पत्र में कहा गया कि PPGCL कंपनी की तानाशाही पर तत्काल रोक लगाई जाए। कंपनी किसानों और मजदूरों के हित में होनी चाहिए न कि उनकी बर्बादी का कारण बने अब देखना है कि कितनी मांगे पूरी की जाती है1
- [01/08, 8:08 pm] Saima Shahida: प्रयागराज में शनिवार सुबह करीब 8 बजे रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात युवक का गला रेता हुआ शव मिला प्रयागराज में शनिवार सुबह करीब 8 बजे रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात युवक का गला रेता हुआ शव मिला। करीब 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या की आशंका जताई जा रही है। गांव में मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।: मऊआइमा थाना क्षेत्र के नौवा का बाग कामामला1
- राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग एवं सामाजिक उत्थान का अनु प्रयागराज। लोक सेवक मंडल प्रयागराज द्वारा भारत रत्न राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी की जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि माननीय प्रोफेसर हरीश प्रताप सिंह सदस्य उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रयागराज ने कहा कि लोक सेवक मंडल के संस्थापक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लाला लाजपत राय ने भारत के गरीबों, किसानों, अशिक्षित महिलाओं एवं वंचित वर्ग के उत्थान के उद्देश्य से लोक सेवक मंडल की स्थापना की। उन्होंने कहा कि राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी ने अपने त्याग, तपस्या एवं सत्कर्मों के बल पर लाला लाजपत राय के आदर्शों को आत्मसात करते हुए लोक सेवक मंडल के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। हिंदी को राजभाषा का सम्मान दिलाने के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। विशिष्ट अतिथि राजीव शुक्ला अपर नगर आयुक्त, प्रयागराज ने कहा कि राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का संपूर्ण जीवन राष्ट्र के विकास, सामाजिक समरसता एवं समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि टंडन जी केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि प्रख्यात पत्रकार, लेखक, विचारक एवं कुशल प्रशासक भी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्म प्रकाश तिवारी सचिव, लोक सेवक मंडल प्रयागराज ने की। स्वागत भाषण शिव सेवक सिंह, वरिष्ठ सदस्य लोक सेवक मंडल स्थानीय सलाहकार समिति, प्रयागराज एवं वरिष्ठ पार्षद, नगर निगम प्रयागराज ने दिया। उपरोक्त जानकारी रविशंकर मिश्र मिडिया प्रभारी लोकसेवक मंडल ने दिया l ओम प्रकाश शुक्ला, निदेशक, गांधी एकेडमिक संस्थान ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। आनंद घिल्डियाल, वरिष्ठ पार्षद ने आभार व्यक्त किया तथा अरविंद चोपड़ा, प्रभारी, लोक सेवक मंडल प्रयागराज ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में समाजसेविका अनुराधा एवं शिवांगी साहनी के निर्देशन में स्लम बस्तियों के बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत राष्ट्रीय गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति से प्रभावित होकर मुख्य अतिथि ने बच्चों को मेडल एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी शिक्षक श्रीनारायण यादव, समाजसेविका मधु, लवलेश सिंह, घनश्याम मास्टर, कर्मचारी नेता फूलचंद यादव, राकेश बनोधा, सगीर अहमद, दूधनाथ, शिखा गुप्ता, मनोज केशरवानी, संजय पाण्डेय, नीलू जायसवाल, बेदप्रकाश, डॉ यशवंत पाल, सुभाष चंद्र सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।3
- प्रयागराज में हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए रिजर्वः झूसी पुल से वाराणसी तक बैरिकेडिंग; ड्रोन से निगरानी, रूट डायवर्जन प्रयागराज। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण (सावन) माह की शुरुआत हो गई है। प्रयागराज में मंदिरों, शिवालयों में भीड़ उमड़ रही है। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रयागराज में रूट डायवर्जन लागू हो गया है। पहले सोमवार से पहले शनिवार रात से प्रयागराज से वाराणसी तक एक लेन कावंड़ियों के लिए रिजर्व कर दी गई है। सावन माह की कांवड़ यात्रा के लिए अब 29 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक व्यवस्था और रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर एक लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी और दूसरी लेन से सामान्य वाहन चलेंगे। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शास्त्री पुल (झूसी पुल) पर भारी वाहनों और रोडवेज बसों की एंट्री रोक दी गई। बड़े वाहनों को बाईपास से निकाला जाएगा। *ट्रैफिक प्लान- डायवर्जन* प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर झूसी से हनुमानगंज, हंडिया और बरौत तक बैरिकेडिंग की गई है। हाईवे की एक लेन पैदल यात्री और कावंड़ यात्रा के लिए सुरक्षित है, जबकि दूसरी लेन से सीमित और नियंत्रित ट्रैफिक चलेगा। बड़े वाहन पुल से नहीं गुजरेंगे। शास्त्री पुल पर रोडवेज बसों और भारी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया। रोडवेज बसों के लिए बाईपास दिया गया है। अब वाराणसी और जौनपुर की तरफ से आने वाली बसें हंडिया- सहसों- फाफामऊ के रास्ते प्रयागराज में प्रवेश करेंगी। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के भारी और कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर रोक है। ऐसे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। चौराहों और तिराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की तैयारी है। *संगम नगरी प्रयागराज के त्रिवेणी से भर रहे गंगाजल* सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए त्रिवेणी संगम से गंगाजल भरकर मनकामेश्वर सहित शहर के विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने आते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और सफाई व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बाइट... डीपी नगर कुलदीप सिंह गुनावत1
- सेवा में श्री मान थाना अध्यक्ष महोदय थाना अध्यम सेत्री जनपद क महोदय जी निवेदन है कि प्रार्थी रामनाथ सरोज पुत्र प्यारेलाल जिवासी अहिराशयाना कोखराज जनपद का रहने बाला है। मैं प्रेम गाड में व्यार्पयत है। रोजाना भाभी तरह से आज दिनीक 31-7-2026 मेज से ठाकले सियो अधिस सिराथू ३० रहा था 'भाड़ी का UP70 K.T 3640 अवफा से बैठने कोखराज से वाहते में मनया मोड़ तो उपरोक्त चालष्क सैनीय रहा था वाह के पास जैसे पहुंचा तो नाम पता असात ने मुझसे विश्वाचा भागा मैने उसे पचास रुपया दिया और मैने बोला अपन जो पैसा रहरू किराया है उसे यह के मुझे वैसा 25 20 वापस कर हो इतरे में सुरोत्तमाड़ी रोक्न के मुझे गाली नबाँध देते हुवे लात घूंसों से मारा और जयन से merit ant - 6445 2 2ET IT' अतः की भान जी से निवेदन है कि प्राचीन 31-7-2026 90052221671
- इलाहाबाद हाईकोर्ट मे सीनियर अधिवक्ताओं ने एक जूनियर अधिवक्ता को दुर्व्यवहार की वजह से पीटा प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोर्ट नंबर 49 में शनिवार को एक अप्रिय घटना घटी। सीनियर अधिवक्ताओं ने एक जूनियर अधिवक्ता को दुर्व्यवहार की वजह से पीट कर कोर्ट रूम से बाहर भगा दिया। बताया जा रहा है कि जूनियर अधिवक्ता कोर्ट रूम में ही तेज आवाज में मोबाइल फोन पर बातें कर रहा था। सीनियर अधिवक्ताओं ने उसे एक-दो बार रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और बहस करने लगा। इसके बाद सीनियर अधिवक्ताओं ने कोर्ट में ही उसे पीट कर बाहर निकाल दिया। घटना से कोर्ट परिसर में चर्चा का विषय बन गया है..।1