वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप खिलाड़ी आशीष यादव को समाजवादी पार्टी ने दी बधाई मीरजापुर दिनांक 11 अगस्त समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर 396 नगर विधानसभा क्षेत्र मीरजापुर कोन ब्लॉक, मिर्जापुर के मवैया गांव निवासी युवा भाला फेंक खिलाड़ी आशीष_यादव ने U-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर कोन ब्लॉक, मिर्जापुर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के साथ आशीष यादव इस इवेंट में ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के बाद सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। प्रतियोगिता में भारत के दूसरे खिलाड़ी टी. धरणीधरन 72.35 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। हार्दिक बधाई दीl इस अवसर पर उनके घर पर पहुंचे और उनके पिता अजय यादव और परिवार के सभी लोगो से मिले l समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव बाबा अम्बेडकर वाहिनी राष्ट्रीय महासचिव राजेश भारतीय जी जिला प्रवक्ता अशोक सिंह मुन्ना जुम्मन खान , राम मिलन यादव अमरेश सोनकर , बलिराम यादव , अभय यादव , बब्बन यादव , तमाम नेता गढ़ एवं कार्यकर्ता गण रहे।
वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप खिलाड़ी आशीष यादव को समाजवादी पार्टी ने दी बधाई मीरजापुर दिनांक 11 अगस्त समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री अखिलेश यादव के निर्देश पर 396 नगर विधानसभा क्षेत्र मीरजापुर कोन ब्लॉक, मिर्जापुर के मवैया गांव निवासी युवा भाला फेंक खिलाड़ी आशीष_यादव ने U-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर कोन ब्लॉक, मिर्जापुर और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के साथ आशीष यादव इस इवेंट में ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के बाद सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय
खिलाड़ी बन गए हैं। प्रतियोगिता में भारत के दूसरे खिलाड़ी टी. धरणीधरन 72.35 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। हार्दिक बधाई दीl इस अवसर पर उनके घर पर पहुंचे और उनके पिता अजय यादव और परिवार के सभी लोगो से मिले l समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव बाबा अम्बेडकर वाहिनी राष्ट्रीय महासचिव राजेश भारतीय जी जिला प्रवक्ता अशोक सिंह मुन्ना जुम्मन खान , राम मिलन यादव अमरेश सोनकर , बलिराम यादव , अभय यादव , बब्बन यादव , तमाम नेता गढ़ एवं कार्यकर्ता गण रहे।
- मिर्ज़ापुर: बिरहुआ गांव में कोर्ट के स्टे के बाद भी निर्माण का आरोप, पीड़ित मुकेश चौबे ने लगाई न्याय की गुहार।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीयों को हर घर तिरंगा अभियान संदेश1
- मिर्ज़ापुर: अवैध निर्माण पर बड़ी कार्यवाही,आठ मकान सील मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के रैदानी कॉलोनी में गंगा नदी से करीब 200 मीटर के दायरे में बिना नक्शा पास कराए किए जा रहे अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार के निर्देश पर टीम ने कार्यवाही करते हुए कॉलोनी में बने आठ मकानों को सील कर दिया।नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने बताया कि बिना नक्शा पास कराए किए गए अवैध निर्माण के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के बाद आठ मकानों को सील किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अन्य निर्माणों की भी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी निर्माण नियमों के विपरीत या बिना स्वीकृत मानचित्र के पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्यवाही से रैदानी कॉलोनी में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।1
- भारत के प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- हर घर तिरंगा अभियान1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #श्रावण_मास #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम4
- पुरानी कार्रवाई का क्या हुआ? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला एक्शन नहीं है। रैदानी कॉलोनी में पूर्व में भी कई मकानों पर मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई कर कागज चिपकाए गए थे और ताले लगाए गए थे। लेकिन आज की तारीख में वे सब मकान आवासीय बनाकर लोग रह रहे हैं। कोई दुकान खोल ली है, कोई दवाखाना चला रहा है तो कोई व्यापार कर रहा है। सील की पर्ची और पीला फीता कहीं गायब हो चुके हैं। सवाल उठता है कि क्या उन पुराने सीज मकानों पर भी दोबारा कार्रवाई होगी? अगर कार्रवाई करनी है तो रैदानी कॉलोनी में जितने भी मकान हैं—खाली पड़े हों, बन रहे हों या उनमें लोग निवास कर रहे हों—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। एकतरफा न्याय नहीं होना चाहिए। मिर्जापुर - रैदानी कॉलोनी में बिना स्वीकृत नक्शे के बन रहे 8 निर्माणाधीन मकान सीज नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने @mirzapurpolice व विन्ध्य विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की, गेट पर पीला फीता और सील पर्ची चस्पारैदानी कॉलोनी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा: बिना नक्शे बन रहे 8 मकान सीज नगर मजिस्ट्रेट ने कहा, आगे भी जारी रहेगा एक्शन पुरानी सीज संपत्तियों पर भी उठ रहे सवाल, सोशल मीडिया पर शिकायतें कौटिल्य का भारत मिर्जापुर। रैदानी कॉलोनी में बिना स्वीकृत नक्शे के धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार मौके पर पुलिस और विन्ध्य विकास प्राधिकरण की टीम के साथ पहुंचे और 8 निर्माणाधीन मकानों को सीज कर दिया। मकानों के गेट पर पीला फीता बांधकर सील की पर्ची चस्पा कर दी गई। कार्रवाई के दौरान कॉलोनी में हड़कंप मच गया। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा, “यह पुरानी कॉलोनी है। कुछ लोग बिना नक्शा पास कराए निर्माण करा रहे थे। शिकायत मिली थी। आज 8 मकान सील कराए गए हैं। बिना नक्शा पास कराए किसी को मकान बनाने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि इससे सड़क और सीवर की समस्या होती है। आगे भी एक्शन जारी रहेगा।” पुरानी कार्रवाई का क्या हुआ? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला एक्शन नहीं है। रैदानी कॉलोनी में पूर्व में भी कई मकानों पर मजिस्ट्रेट द्वारा कार्रवाई कर कागज चिपकाए गए थे और ताले लगाए गए थे। लेकिन आज की तारीख में वे सब मकान आवासीय बनाकर लोग रह रहे हैं। कोई दुकान खोल ली है, कोई दवाखाना चला रहा है तो कोई व्यापार कर रहा है। सील की पर्ची और पीला फीता कहीं गायब हो चुके हैं। सवाल उठता है कि क्या उन पुराने सीज मकानों पर भी दोबारा कार्रवाई होगी? अगर कार्रवाई करनी है तो रैदानी कॉलोनी में जितने भी मकान हैं—खाली पड़े हों, बन रहे हों या उनमें लोग निवास कर रहे हों—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। एकतरफा न्याय नहीं होना चाहिए। मुख्यालय से महज 500 मीटर पर अवैध निर्माण गंगा के किनारे बसी इस कॉलोनी में लगातार कटान का खतरा भी बना रहता है। फिर भी लोग वहाँ कैसे बस गए? उपरोक्त स्थान मुख्यालय से मुश्किल से 500 मीटर की दूरी पर है। सूचना विभाग, जिलाधिकारी कार्यालय, नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय, कलेक्ट्रेट, न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभी 500 मीटर के दायरे में ही आते हैं। फिर भी इस तरीके का निर्माण हो गया और अब सीज किया जा रहा है। आखिर निर्माण कैसे होता रहा? विभाग सोता रहा? किसकी लापरवाही है? जिम्मेदारों की जांच क्यों नहीं होती? शोशल मीडिया समेत ट्विटर पर शिकायतें इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। शोशल मीडिया समेत कई अकाउंट्स ने ट्विटर (एक्स) पर रैदानी कॉलोनी में हो रहे अवैध निर्माण, पुरानी सीज संपत्तियों में लोगों के रहने और प्रशासन की मिलीभगत के आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं। लोगों ने जिला प्रशासन, पुलिस और विकास प्राधिकरण को टैग कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतों में कहा गया है कि रात-दिन अवैध निर्माण चल रहा है, लेकिन अधिकारी कान में तेल डाले बैठे हैं। गंगा किनारे निर्माण के नियम ऑनलाइन सरकारी नियमों और एनजीटी-हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार गंगा किनारे निर्माण पर सख्त पाबंदी है: उत्तर प्रदेश सरकार की नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 और एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक गंगा नदी के तट से 200 मीटर के दायरे में नए आवासीय या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं है। केवल मठ, मंदिर और आश्रम ही बनाए जा सकते हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार राजस्व और सिंचाई विभाग के अभिलेखों में दर्ज तट के 200 मीटर दायरे में कोई नक्शा पास नहीं होगा। एनजीटी ने 13 जुलाई 2017 को हरिद्वार से उन्नाव के बीच गंगा किनारे 100 मीटर दायरे को ‘नो डेवलपमेंट जोन’ घोषित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में 50 मीटर का प्रावधान है। पुराने मकानों की केवल मरम्मत और जीर्णोद्धार ही संभव है, नया निर्माण नहीं। जनता की मांग रैदानी कॉलोनी में गंगा के 200 मीटर के दायरे में जितने भी मकान बने हैं—चाहे उनमें कोई रह रहा हो, दुकान हो, दवाखाना हो या व्यापार हो—सभी को चिन्हित कर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। तभी न्याय होगा। प्रशासन से पुरानी सीज संपत्तियों पर भी सख्त एक्शन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। @DM_MIRZAPUR @CMOfficeUP @ChiefSecy_UP3
- मिर्ज़ापुर: अहरौरा में गाजे-बाजे के साथ हुई माँ भंडारी की पारंपरिक विदाई, उमड़े हज़ारों श्रद्धालु।1
- लाखों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का मीरजापुर पुलिस ने किया पर्दाफाश, चार शातिर गिरफ्तार लाखों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का मीरजापुर पुलिस ने किया पर्दाफाश, चार शातिर गिरफ्तार मीरजापुर से बड़ी खबर है, जहां साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर क्राइम थाना, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी भोली-भाली जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और पैसों का लालच देकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन बैंक खातों को गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराया जाता था और इन्हीं खातों में साइबर फ्रॉड की रकम मंगाई जाती थी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और ग्राम उभरिया स्थित डिग्री कॉलेज के पास से चारों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, 9 चेकबुक, 8 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 9 आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड और टाटा हैरियर कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देश के अलग-अलग स्थानों पर ब्रांच ऑफिस के जरिए प्रतिदिन लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करता था।1