बुलंदशहर जिला अस्पताल में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ ए एन कपूर नामक कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया है। कंपनी ने सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ सुपरवाइजर और इंचार्ज भी तैनात किए हैं, लेकिन अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आरोप है कि इंचार्ज, सुपरवाइजर सहित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी यह गंदगी दिखाई देना शायद बंद हो चुका है, क्योंकि सभी की आँखों के सामने यह स्थिति होने के बावजूद अधिकारी नदारद रहते हैं। पत्रकार कुलदीप कुमार सक्सेना और अन्य पत्रकारों ने सीएमएस प्रदीप राणा और ए एन कपूर के इंचार्ज व सुपरवाइजर से इसकी शिकायत की। शिकायत पर इंचार्ज ने बताया कि सफाई के लिए पाँच लोगों की ड्यूटी लगी थी, लेकिन उनमें से चार को छुट्टी दे दी गई थी, जिसकी वजह से सफाई नहीं हो पाई। जब पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तो इंचार्ज और सुपरवाइजर तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने दूसरे विभागों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर गंदगी के अंबार को अंदर से तो साफ करवा दिया, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह रही कि कूड़े को सिर्फ एक तरफ हटा दिया गया और नगर पालिका से गाड़ी बुलाकर उसे उठवाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित कंपनी पर कोई कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मिलीभगत का 'खेल' यूँ ही चलता रहेगा, जिससे जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज स्वस्थ होने की जगह और बीमार होते रहेंगे।
बुलंदशहर जिला अस्पताल में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ ए एन कपूर नामक कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया है। कंपनी ने सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ सुपरवाइजर और इंचार्ज भी तैनात किए हैं, लेकिन अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। आरोप है कि इंचार्ज, सुपरवाइजर सहित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी यह गंदगी दिखाई देना शायद बंद हो चुका है, क्योंकि सभी की आँखों के सामने यह स्थिति होने के बावजूद अधिकारी नदारद रहते हैं। पत्रकार कुलदीप कुमार सक्सेना और अन्य पत्रकारों ने सीएमएस प्रदीप राणा और ए एन कपूर के इंचार्ज व सुपरवाइजर से इसकी शिकायत की। शिकायत पर इंचार्ज ने बताया कि सफाई के लिए पाँच लोगों की ड्यूटी लगी थी, लेकिन उनमें से
चार को छुट्टी दे दी गई थी, जिसकी वजह से सफाई नहीं हो पाई। जब पत्रकारों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तो इंचार्ज और सुपरवाइजर तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने दूसरे विभागों से सफाई कर्मचारियों को बुलाकर गंदगी के अंबार को अंदर से तो साफ करवा दिया, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह रही कि कूड़े को सिर्फ एक तरफ हटा दिया गया और नगर पालिका से गाड़ी बुलाकर उसे उठवाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि क्या उच्च अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित कंपनी पर कोई कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मिलीभगत का 'खेल' यूँ ही चलता रहेगा, जिससे जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज स्वस्थ होने की जगह और बीमार होते रहेंगे।
- भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेन्द्र सिंह ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित औद्योगिक क्षेत्र में माइका बनाने वाली डाल्टन फैक्टरी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। काम करने के दौरान अचानक एक मिक्सर मशीन में पहासू निवासी रेखा नामक महिला कर्मचारी फँस गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के भाइयों ने फैक्टरी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया। पुलिस ने इसके बाद मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।3
- बुलंदशहर में 'गंगा एसोसिएट्स' के नए कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उनका 'द्वारिका एंड क्लब' प्रोजेक्ट आम आदमी के लिए अपने आशियाने के सपने को पूरा करने में मददगार साबित होगा।1
- यह पाठ किसी को न जाने के लिए एक भावनात्मक आग्रह व्यक्त करता है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि अभी बात पूरी नहीं हुई है और एक वादे के अनुसार मुलाकात अभी होनी बाकी है। यह पहले की गई प्रतिबद्धता के अधूरे पहलू को दर्शाता है।1
- बुलन्दशहर में प्रदेश की योगी सरकार की भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के विरुद्ध काम कर रही अफसरशाही पर सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह जमकर आग बबूला हो गए। एक पीड़ित की शिकायत पर, विधायक ने सिकंदराबाद एसडीएम को वीडियो कॉल करके उनके पेशकार को कड़ी फटकार लगाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित का दावा है कि उसने शस्त्र लाइसेंस के लिए एसडीएम के पेशकार को स्वयं पैसे दिए थे, और पेशकार ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि एसडीएम बिना पैसे लिए काम नहीं करते। मूलपाठ के अनुसार, पेशकार ने शस्त्र लाइसेंस की फ़ाइल के लिए ₹12,000 की रिश्वत ली थी। हालांकि, सिकंदराबाद एसडीएम ने शुरू में पैसे की बात का खंडन किया था। विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह मामला जिलाधिकारी (DM) के संज्ञान में लाया है और एसडीएम से इस पर जांच करवाकर कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने दोहराया कि सरकार भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस के साथ काम कर रही है और कुछ अधिकारियों की मानसिकता "सपा और बसपा" जैसी है। विधायक ने दृढ़ता से कहा कि इस मामले में निश्चित कार्रवाई होगी और कोई भी दोषी बचेगा नहीं। इस घटना के बाद, सिकंदराबाद एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्व अहलमद जितेंद्र को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश की योगी सरकार की छवि को धूमिल कर रही अफसरशाही के खिलाफ़ एक कड़ा संदेश देती है, जो सरकार की भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के विरुद्ध काम कर रहे हैं।1
- कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी को एक बार फिर राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गई हैं। इस अवसर पर उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संघर्ष और भारत के संविधान के प्रति अटूट समर्पण की सराहना की गई है। शुभकामना व्यक्त की गई है कि उनका यह अनुभव और समर्पण संसद तथा संगठन के माध्यम से देश और लोकतंत्र को हमेशा सशक्त करता रहे।1
- बुलंदशहर की अनूपशहर तहसील में SDM प्रियंका गोयल के खिलाफ वकीलों ने एक ‘आर-पार की जंग’ छेड़ दी है। वकीलों ने 'SDM मुर्दाबाद’ लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर एक बाइक रैली निकाली, जिसमें जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। वकीलों का आरोप है कि संबंधित कार्यालयों में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता और अधिकारियों के दिमाग में 'अफसरशाही' घर कर गई है। यह भी बताया गया कि SDM प्रियंका गोयल को लेकर लोग पूर्व में भी कई बार सड़कों पर उतरकर विरोध जता चुके हैं।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित जिला अस्पताल में अमानवीयता का एक मामला सामने आया है, जहाँ अस्पताल की एक कर्मी ने मानसिक रूप से बीमार एक युवक को बेरहमी से पीटा। अपनी हालत से अंजान इस युवक को सिर, चेहरे और कंधों पर लातें मारी गईं, जिससे उसकी पीड़ा और बढ़ गई। इस अमानवीय घटना के दौरान, पास में खड़ा एक सुरक्षा गार्ड पूरी तरह चुप्पी साधे खड़ा रहा और उसने इस बर्बरता को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।1