बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर समाजवादी नेता स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिन्हा 'छोटे साहब' की जयंती पर गया और पटना समेत पूरे प्रदेश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र सिंह ने उनके साथ हुई एक अविस्मरणीय मुलाकात का संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें गया कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. रामनंदन सिंह और तत्कालीन एमएलसी हरदेव बाबू के साथ पटना स्थित छोटे साहब के आवास पर जाने का अवसर मिला था। मुलाकात से पहले उनके मन में यह धारणा थी कि इतने बड़े नेता से मिलना कठिन होगा, लेकिन छोटे साहब के सरल और आत्मीय व्यवहार ने उनकी इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। नरेंद्र सिंह के अनुसार, उस समय सत्येंद्र नारायण सिन्हा किसी संवैधानिक पद पर नहीं थे, फिर भी उनके आवास पर नेताओं, नौकरशाहों और आम लोगों की भारी भीड़ थी। इसके बावजूद वे हर व्यक्ति से बेहद अपनत्व के साथ मिले और बातचीत के दौरान अतरी-सकरदास क्षेत्र तथा बेला गांव में अपने रिश्तेदारों के बारे में भी जानकारी ली, जो क्षेत्र के प्रति उनके गहरे लगाव को दिखाता है। 12 जुलाई 1917 को औरंगाबाद जिले के पोइवां गांव में जन्मे सत्येंद्र नारायण सिन्हा सात बार सांसद रहे, बिहार के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बने तथा स्वतंत्रता व जेपी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने मगध विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पटना तारामंडल की आधारशिला रखी और नवीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने संदेश में सत्येंद्र नारायण सिन्हा को बिहार की राजनीति का मजबूत स्तंभ, सैद्धांतिक राजनीति का प्रतीक और युवा पीढ़ी का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने याद किया कि छात्र आंदोलन और जेपी आंदोलन के समय से ही उन्हें छोटे साहब का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहा। जयंती के इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं, जहां वक्ताओं ने उनके सादे जीवन, उच्च विचार और जनसेवा के संकल्प को समाज के लिए आदर्श बताया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर समाजवादी नेता स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिन्हा 'छोटे साहब' की जयंती पर गया और पटना समेत पूरे प्रदेश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं पंजाब नेशनल बैंक के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र सिंह ने उनके साथ हुई एक अविस्मरणीय मुलाकात का संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें गया कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. रामनंदन सिंह और तत्कालीन एमएलसी हरदेव बाबू के साथ पटना स्थित छोटे साहब के आवास पर जाने का अवसर मिला था। मुलाकात से पहले उनके मन में यह धारणा थी कि इतने बड़े नेता से मिलना कठिन होगा, लेकिन छोटे साहब के सरल और आत्मीय व्यवहार ने उनकी इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। नरेंद्र सिंह के अनुसार, उस समय सत्येंद्र नारायण सिन्हा किसी संवैधानिक पद पर नहीं थे, फिर भी उनके आवास पर नेताओं, नौकरशाहों और आम लोगों की भारी भीड़ थी। इसके बावजूद वे हर व्यक्ति से बेहद अपनत्व के साथ मिले और बातचीत के दौरान अतरी-सकरदास क्षेत्र तथा बेला गांव में अपने रिश्तेदारों के बारे में भी जानकारी ली, जो क्षेत्र के प्रति उनके गहरे लगाव को दिखाता है। 12 जुलाई 1917 को औरंगाबाद जिले के पोइवां गांव में जन्मे सत्येंद्र नारायण सिन्हा सात बार सांसद रहे, बिहार के शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बने तथा स्वतंत्रता व जेपी आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने मगध विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पटना तारामंडल की आधारशिला रखी और नवीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने संदेश में सत्येंद्र नारायण सिन्हा को बिहार की राजनीति का मजबूत स्तंभ, सैद्धांतिक राजनीति का प्रतीक और युवा पीढ़ी का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने याद किया कि छात्र आंदोलन और जेपी आंदोलन के समय से ही उन्हें छोटे साहब का स्नेह और मार्गदर्शन मिलता रहा। जयंती के इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं, जहां वक्ताओं ने उनके सादे जीवन, उच्च विचार और जनसेवा के संकल्प को समाज के लिए आदर्श बताया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
- नवादा जिले के हिसुआ में सड़क और नाली की बदतर स्थिति को लेकर एक ग्रामीण ने भारी नाराजगी व्यक्त की है। पीड़ित का आरोप है कि सड़क केवल नाम की ही बनी हुई है और यहाँ एक नाली की समस्या के कारण सरकारी सेवा भी पूरी तरह से बंद पड़ी है। इस बदहाली की वजह से पीड़ित के घर के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। ग्रामीण ने स्थानीय मुखिया पर केवल दिखावा करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुखिया सिर्फ दिखावा करके चले गए, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।4
- बिहार के गया शहर स्थित ब्रह्मयोनि केशव नगर में 373 मीटर लंबे रोपवे का निर्माण कार्य जारी है। इस रोपवे का निर्माण पूरा होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी और वे सीधे पहाड़ी के शीर्ष पर जा सकेंगे। इसके माध्यम से श्रद्धालु सावित्री माता, मातृ योनि गुफा, ब्रह्मयोनि गुफा और गया शीशा स्तूप का दर्शन आसानी से कर सकेंगे। इसके साथ ही, इस रोपवे के बन जाने से लोगों को ब्रह्मयोनि से पूरे शहर का अद्भुत नजारा भी देखने को मिलेगा।1
- गया के नारायणपुर पंचायत में मनरेगा विभाग के अंतर्गत सरकारी पैसे की खुली बंदरबांट की जा रही है। यहां विकास कार्यों का अधूरा काम कराकर ही पूरे पैसे की निकासी धड़ल्ले से कराई जा रही है। मनरेगा विभाग में सरकारी धन की हो रही इस बंदरबांट के तहत बिना काम पूरा किए ही पूरी राशि निकाल ली गई है।1
- गया जी के मगध आईजी कार्यालय में हर दिन शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।1
- गया के राजेंद्र आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को नवनियुक्त बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्षों डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ डॉ. मोहन श्रीवास्तव और सत्येंद्र नारायण सिंह के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार उर्फ झुन्ना ने की। समारोह के दौरान दोनों नेताओं के कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया, जिससे पूरे परिसर में कांग्रेस के समर्थन में गगनभेदी नारे गूंजने लगे। समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि डॉ. मोहन श्रीवास्तव और सत्येंद्र नारायण सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नेताओं के लंबे अनुभव और समर्पण का लाभ बिहार कांग्रेस को मिलेगा, जिससे संगठन बूथ स्तर तक सशक्त होगा। वहीं, नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मोहन श्रीवास्तव ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए सभी कांग्रेसजनों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस समारोह में मेयर गणेश पासवान, संतोष कुमार, डॉ. शशि शेखर सिंह, विजय शर्मा, युगल किशोर सिंह, राम प्रमोद सिंह, विद्या शर्मा, मदीना खातून, सैफुल इस्लाम, धर्मेंद्र निराला, ओंकार शक्ति, अनिल पासवान और चंदन कुमार मेहता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।2
- बिहार के नवादा जिले के सिरदला में ग्यारह हजार हाई वोल्टेज बिजली का तार गिरने से एक भैंस की मौत हो गई।1