उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश पर आला अधिकारियों ने वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दिनांक 11.03.2026 को न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शैल्टर होम राठ रोड में संचालित ‘‘वृद्धाश्रम‘‘ एवं मु० लहरियापुरवा स्थित ‘‘आश्रय-गृह‘‘ का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये। न्यायिक अधिकारियों ने उक्त दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा-परखा। सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था, एफ-473 गुजैनी रतनलाल नगर, कानपुर नगर के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 118 संवासी उपस्थित मिले। उपस्थित पंजिका के अनुसार रात्रिकालीन कर्मचारीगण एवं प्रबन्धक को छोड़कर सभी कर्मचारीगण उपस्थित मिले। प्रबन्धक के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि प्रबन्धक सन्दीप सिंह के पिता जी की तबीयत खराब होने के कारण वह अपने गृह जनपद गये हुये हैं। वृद्धाश्रम की संवासियों से पूछा गया कि उन्हे चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, इस पर संवासियों द्वारा बताया गया कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार मिल रहा हैं। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स उपस्थित मिली, जिनसे संवासियों की चिकित्सा/ प्राथमिक उपचार हेतु डिस्पेन्सरी में आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी ली गयी। पूछे जाने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई। इसके उपरान्त नगर पालिका परिषद उरई जनपद जालौन के सहयोग से मु० लहरियापुरवा में लखनऊ के एन०जी०ओ० द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बिन्दुओं पर जांच-पड़़ताल की। निरीक्षण समय में प्रबन्धक सहित कोई भी कर्मचारीगण उपस्थित नहीं मिला। मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर समस्त दवायें पर्याप्त मात्रा में नहीं पायी गयी। यहां की आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला तथा एस०डी०आर०एफ० की टीम पूर्व से ही आश्रय गृह में रुकी थी। पायी गयी उक्त अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित को नोटिस प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी-। शामिल रही तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन स्थान उरई के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।
उच्च न्यायालय के दिशा निर्देश पर आला अधिकारियों ने वृद्धाश्रम का किया निरीक्षण माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार दिनांक 11.03.2026 को न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित दो शैल्टर होम राठ रोड में संचालित ‘‘वृद्धाश्रम‘‘ एवं मु० लहरियापुरवा स्थित ‘‘आश्रय-गृह‘‘ का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बहुत बारीकी से व्यवस्थाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश भी कर्मचारीगण को दिये। न्यायिक अधिकारियों ने उक्त दोनों आश्रय स्थलों में रह रहे आश्रितों के रहन-सहन, खानपान, चिकित्सा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को जांचा-परखा। सबसे पहले समाज कल्याण विभाग द्वारा राठ रोड उरई में स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान
सेवा संस्था, एफ-473 गुजैनी रतनलाल नगर, कानपुर नगर के सहयोग से संचालित वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान 118 संवासी उपस्थित मिले। उपस्थित पंजिका के अनुसार रात्रिकालीन कर्मचारीगण एवं प्रबन्धक को छोड़कर सभी कर्मचारीगण उपस्थित मिले। प्रबन्धक के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि प्रबन्धक सन्दीप सिंह के पिता जी की तबीयत खराब होने के कारण वह अपने गृह जनपद गये हुये हैं। वृद्धाश्रम की संवासियों से पूछा गया कि उन्हे चाय-नाश्ता और सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, इस पर संवासियों द्वारा बताया गया कि भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार
मिल रहा हैं। वृद्धाश्रम की मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर स्टाफ नर्स उपस्थित मिली, जिनसे संवासियों की चिकित्सा/ प्राथमिक उपचार हेतु डिस्पेन्सरी में आवश्यक दवाओं के बारे में जानकारी ली गयी। पूछे जाने पर किसी भी संवासी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई। इसके उपरान्त नगर पालिका परिषद उरई जनपद जालौन के सहयोग से मु० लहरियापुरवा में लखनऊ के एन०जी०ओ० द्वारा संचालित आश्रय गृह (शेल्टर होम) में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न बिन्दुओं पर जांच-पड़़ताल की। निरीक्षण समय में प्रबन्धक सहित कोई भी कर्मचारीगण उपस्थित नहीं मिला। मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करने पर समस्त दवायें पर्याप्त
मात्रा में नहीं पायी गयी। यहां की आश्रित पंजिका में निरीक्षण तिथि में कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला तथा एस०डी०आर०एफ० की टीम पूर्व से ही आश्रय गृह में रुकी थी। पायी गयी उक्त अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित को नोटिस प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण करने वाली इस अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शाम्भवी-। शामिल रही तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन स्थान उरई के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन से बाबई जाने वाले रास्ते पर ले चलते हैं जहां सड़क पर गड्ढे हैं या फिर गढ्ढों में सड़क है कहना बडा मुश्किल है क्योंकि जो तस्वीरें सामने आई है उसके मुताबिक तो सरकार के गढ्ढा मुक्त सड़क के दावों पर सवाल खड़े कर रहीं हैं3
- रिपोर्टर सत्येंद्र कुमार जालौन। जालौन से बाबई को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार मरम्मत कराए जाने के बावजूद सड़क की हालत में कोई स्थायी सुधार नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश या ज्यादा ट्रैफिक के चलते सड़क की परत उखड़ जाती है और कुछ ही दिनों में सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है। खासकर रात के समय इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क की सिर्फ अस्थायी मरम्मत के बजाय इसकी मजबूत तरीके से दोबारा निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।2
- जिला जालौन नगर जालौन वार्ड नंबर 17 मोहल्ला नया भवानीराम लोना रोड मेंबर सरला दोहरे पति लक्ष्मी दोहरे है नगर पालिका की बड़ी लापरवाही व कर्मचारियों की सामने आई है टूटी पड़ी नालियां व पुलिया नहीं है कोई पानी की निकासी नालियों में भारी पड़ी है मिट्टी इंटरलॉक पर खड़ी है घास ना कोई कर्मचारी साफ करता है ना ही कोई अधिकारी देखने आता है मोहल्ले वासियों का घर से निकलने वाला पानी उनके ही पिलरों में जा रहा है इंटरलॉक पर जमे हुए घास व खाली पड़े प्लाटों में पानी भरा हुआ है जिससे बीमारियों को बढ़ावा देना है घास में मच्छरों को छुपना व मोहल्ले में साफ सफाई न होना। मोहल्ला वासियों का नालियों का पानी निकलने से निकासी पानी के न होने से आपस में झगड़ा होता रहता है। मोहल्ला वासी बहुत ही गुस्से में है उनकी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिसमें नालियों का पानी नाले में मिलना है वह नाला कचरे का खाना बना हुआ है ना कोई नाले की सफाई हुई है ना ही पानी की कोई निकासी है। मोहल्ले वासियों की मांग है कि साफ सफाई व नालियों को बनवाकर पानी की निकासी टूटी पुलिया व नाले को साफ करना जिससे पनप रही बीमारियां मलेरिया और भी बीमारियों से लड़ा जा सके। स्वच्छ भारत सुंदर नगर नाम का ही रह गया है नगर पालिका अध्यक्ष पुनीत मित्तल जी व वार्ड नंबर 17 के मेंबर सरला दोहरे पति लक्ष्मी दोहरे से मोहल्ला वासियों का अनुरोध है कि जल्द से जल्द मोहल्ला वासियों की मांगों को पूरा किया जाए।।3
- महानगर झांसी नगर निगम में कचड़े का लगा अम्बर काफी दिनों से सफाई व्यवस्था चरम पर है कागजों में सफाई हो रही है हजारी महादेव पानी की धर्म शाला रोड नियर पंचकुइयां मंदिर के लिए जा रहे दर्शन करने वाले को बहुत परेशानी होती है कचड़े बदबू आ रही निकलते समय बहुत परेशानी होती नगर आयुक्त नगर निगम झांसी1
- घरेलू गैस मूल्य वृद्धि मामले ने पकड़ा नया मोड़, कालपी में गैस एजेंसियों पर अफरा-तफरी BBN7 न्यूज टीवी चैनल तहसील संवाददाता विजय राज शर्मा कालपी (जालौन)। घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ने की खबर सामने आने के बाद कालपी क्षेत्र में गैस एजेंसियों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। बढ़े हुए दामों की आशंका से उपभोक्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है और मंगलवार सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। गैस सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं का कहना है कि कीमतों में वृद्धि का सीधा असर घर के बजट पर पड़ रहा है। खासकर घरेलू महिलाओं का कहना है कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों का खर्च अब और अधिक बढ़ जाएगा। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2 मार्च को गैस बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हुई। वहीं एजेंसियों की ओर से बढ़े हुए दामों पर भुगतान की बात कही जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इधर सरकार की ओर से मोबाइल संदेशों के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि गैस का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, लेकिन उपभोक्ताओं का सवाल है कि यदि भंडारण पर्याप्त है तो फिर वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें और डिलीवरी में देरी क्यों हो रही है। स्थिति यह रही कि कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलेंडर लिए ही वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि पहले जहां 14 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब 25 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही, जिससे उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक प्रफुल्ल मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और जल्द ही स्थिति को सामान्य कर उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।1
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- जालौन कोंच नगर के बाहर नारायणपुरी के मंदिर गैस गोदाम के सामने से कैलिया बाईपास से नदीगांव को जोड़ने वाले लिंक रोड पर एक प्लांट के कूड़े के ढेर मे सैकड़ो पैकेट सरकारी एल्वेन्डाजोल के पडे हुए अब यह पैकेट कहां से आए किसने डाले यह जांच का विषय है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई की सैकड़ो पैकेट दवाई कहां से आई और किसने डाली क्या यह दवाई घर-घर बड़ो को बच्चों को बांटने के लिए किसी स्वास्थ्य कर्मचारी को दी गई या फिर कहीं और से लाकर यह दवाई इस तरह कूड़े की ढेर पर पड़ी जो किस बात की ओर इशारा करती है ऐसे लापरवाह कर्मचारी के विरुद्ध जांच कर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए।4