रायबरेली के जिला अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ रात के समय एक बीमार सात माह के मासूम को भर्ती करने के लिए उसके तीमारदार को लगभग तीन घंटे तक भटकना पड़ा, जबकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी गहरी नींद में सोए हुए थे। शहर के छोटा घोसियाना निवासी मोहम्मद शमीम अपने सात माह के नाती कादरी को रात्रि लगभग 1:00 बजे बीमार अवस्था में जिला अस्पताल ले गए थे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने बच्चे की नाजुक हालत देखकर उसे तत्काल भर्ती करने की सलाह दी और भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेज तीमारदार को सौंपकर बच्चा वार्ड भेज दिया। हालांकि, वार्ड पहुंचने पर मोहम्मद शमीम को एक कमरे से दूसरे कमरे में दौड़ाया जाता रहा क्योंकि सभी ड्यूटी स्टाफ इतनी गहरी नींद में थे कि कोई भी बच्चे को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं था। इस दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। लगभग तीन घंटे तक भटकने और कोई मदद न मिलने पर, मोहम्मद शमीम अपने नाती और भर्ती दस्तावेजों के साथ निराश होकर घर लौट आए। सुबह तड़के बच्चे को शहर के सुमित्रा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यही कारण है कि लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी अस्पतालों की शरण लेने को मजबूर हैं। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि इमरजेंसी डॉक्टर ने संबंधित डॉक्टर को कॉल करके क्यों नहीं बुलाया और वार्ड में डॉक्टर क्यों नदारद रहे। यदि बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? इस संबंध में, सीएमएस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और वे इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के जिला अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ रात के समय एक बीमार सात माह के मासूम को भर्ती करने के लिए उसके तीमारदार को लगभग तीन घंटे तक भटकना पड़ा, जबकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी गहरी नींद में सोए हुए थे। शहर के छोटा घोसियाना निवासी मोहम्मद शमीम अपने सात माह के नाती कादरी को रात्रि लगभग 1:00 बजे बीमार अवस्था में जिला अस्पताल ले गए थे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने बच्चे की नाजुक हालत देखकर उसे तत्काल भर्ती करने की सलाह दी और भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दस्तावेज तीमारदार को सौंपकर बच्चा वार्ड भेज दिया। हालांकि, वार्ड पहुंचने पर मोहम्मद शमीम को एक कमरे से दूसरे कमरे में दौड़ाया जाता रहा क्योंकि सभी ड्यूटी स्टाफ इतनी गहरी नींद में थे कि कोई भी बच्चे को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं था। इस दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। लगभग तीन घंटे तक भटकने और कोई मदद न मिलने पर, मोहम्मद शमीम अपने नाती और भर्ती दस्तावेजों के साथ निराश होकर घर लौट आए। सुबह तड़के बच्चे को शहर के सुमित्रा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यही कारण है कि लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी अस्पतालों की शरण लेने को मजबूर हैं। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि इमरजेंसी डॉक्टर ने संबंधित डॉक्टर को कॉल करके क्यों नहीं बुलाया और वार्ड में डॉक्टर क्यों नदारद रहे। यदि बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना घट जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता? इस संबंध में, सीएमएस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और वे इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- झारखंड के धनबाद स्थित खेरकाबाद में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने 45 वर्षीय आटा मिल कर्मी उमेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। घटना के बाद, पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या के पीछे लूटपाट तथा पुरानी रंजिश दोनों ही संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है।1
- एम.वी.आर. डिग्री कॉलेज में विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में योगाभ्यास का आयोजन किया गया।1
- कौशाम्बी जिले के जवई पड़री में डॉ. पल्लवी पटेल का शानदार और भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर उनके समर्थन में गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के साथ जोरदार नारे भी गूंजे, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति और कौशाम्बी में उनके प्रभाव को दर्शाते हैं।1
- कौशाम्बी जिले की सिराथू विधानसभा के कड़ा कुबरी घाट पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में आए लोगों को योग के गुण सिखाए गए और उन्हें प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना सकें। इस महत्वपूर्ण आयोजन में गंगा गोमती इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष विनय पांडेय, आशीष विश्वकर्मा, डांस भीमराव अंबेडकर इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रिंसिपल अमन यादव और संजय पंडा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- फतेहपुर जनपद के थाना हथगांव क्षेत्र स्थित पट्टी शाह गांव में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस गांव की संवेदनशीलता का मुख्य कारण वर्ष 2008 में मोहर्रम जुलूस के दौरान हुई फायरिंग की घटना है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और जिसके दोषियों को बाद में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार चतुर्वेदी लगातार गांव का दौरा कर लोगों से मोहर्रम आपसी सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ पट्टी शाह गांव में फ्लैग मार्च भी किया, जिससे पूरे गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी दिखी। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने का आह्वान करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। अरुण कुमार चतुर्वेदी ने दृढ़ता से कहा कि मोहर्रम के दौरान माहौल बिगाड़ने या अशांति फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ ऐसी कानूनी कार्रवाई होगी, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे।1
- मोहर्रम की पाँचवीं तारीख को रायबरेली के छोटी बाजार स्थित बसंत तमोली के पास ताजिया स्थापित की गई। यह ताजिया कई पीढ़ियों से बच्चों द्वारा रखी जाती है, जो इस परंपरा का निर्वहन करते हैं।1
- रायबरेली के ऊंचाहार स्थित गोकर्ण तीर्थ गोकना घाट पर विश्व योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। दक्षिण वाहिनी मां गंगा, महर्षि गोकर्ण और राजा भागीरथ की ऐतिहासिक तपोस्थली पर, जिला गंगा समिति एवं मां गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। संस्था के सचिव और वरिष्ठ पुरोहित पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोगों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की रेती पर योग प्राणायाम कर संपूर्ण विश्व के कल्याण और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को योग के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य अतिथि पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की कला है। उन्होंने विशेष रूप से यह सुझाव भी दिया कि जो लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं या जिनका शरीर शिथिल हो चुका है, वे केवल ताली बजाकर और खुलकर हंसकर भी खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने हर व्यक्ति को निरोग रहने के लिए दैनिक जीवन में योग को अवश्य अपनाने पर जोर दिया। इस वर्ष का योग दिवस गोकना घाट पर दोहरे लाभ के साथ आया, जहाँ योग सत्र के समापन के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपस्थित नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और महत्वपूर्ण विधिक (कानूनी) सुझाव भी प्रदान किए गए। इस पावन अवसर पर राम वंश तिवारी, लवलेश सिंह, नान बुदि सिंह, राजन मिश्रा, राम निहोर गुप्ता, सुंदरलाल बाजपेई, दिनेश शर्मा, अर्पित कुमार, गजानन शास्त्री, सुभाष कुमार, सुखेंद्र कुमार, अमित माली और उमेश शुक्ला सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और योग साधक उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से मां गंगा की आरती कर इस संकल्प को दोहराया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कौशांबी में एक भव्य योग शिविर का सफल आयोजन किया गया।1
- कौशांबी जिले के अल्लीपुर गांव में कई बेजुबान कुत्तों की कथित हत्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में तीव्र चर्चा बनी हुई है, जिससे लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जोरदार मांग की है, ताकि बेजुबान पशुओं को न्याय मिल सके।1