कानपुर के आईरा प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पीड़ित पक्ष ने उन्नाव जनपद के अचलगंज थानाध्यक्ष व पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने और झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। प्रेसवार्ता में पीड़ित आशीष उर्फ शबनम ने बताया कि वे करीब 15 वर्षों तक अपनी गुरु कुसुम किन्नर के साथ चेले के रूप में कार्य करती थीं। जेंडर परिवर्तन के बाद वे किन्नर समाज की परंपराओं के अनुसार कार्य कर रही थीं, लेकिन करीब दो वर्ष पूर्व गुरु के निधन के बाद जब उन्होंने क्षेत्र में नेग मांगना शुरू किया, तो कमल किन्नर ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और काम करने से रोका गया, जिसके चलते उन्हें कानपुर आकर रहना पड़ा। शबनम ने आरोप लगाया कि कमल, तानिया मिश्रा, कशिश, अविनाश, नगमा, वैशाली और सद्दाम समेत अन्य लोगों ने उनके साथ कई बार मारपीट की। इस संबंध में उन्होंने थाना अवलगढ़, पुलिस आयुक्त कानपुर नगर और मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न अधिकारियों को शिकायतें भी भेजी थीं। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 29 नवंबर 2025 को उन्नाव के ईश्वरीखेड़ा क्षेत्र में एक बरात के दौरान 35 से 40 लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। आरोप है कि हमलावर सोने के आभूषण, नकदी और अन्य सामान भी लूट ले गए। पीड़ित पक्ष ने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग की शरण लेंगे।
कानपुर के आईरा प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पीड़ित पक्ष ने उन्नाव जनपद के अचलगंज थानाध्यक्ष व पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने और झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। प्रेसवार्ता में पीड़ित आशीष उर्फ शबनम ने बताया कि वे करीब 15 वर्षों तक अपनी गुरु कुसुम किन्नर के साथ चेले के रूप में कार्य करती थीं। जेंडर परिवर्तन के बाद वे किन्नर समाज की परंपराओं के अनुसार कार्य कर रही थीं, लेकिन करीब दो वर्ष पूर्व गुरु के निधन के बाद जब उन्होंने क्षेत्र में नेग मांगना शुरू किया, तो कमल किन्नर ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई और काम करने से रोका गया, जिसके चलते उन्हें कानपुर आकर रहना पड़ा। शबनम ने आरोप लगाया कि कमल, तानिया मिश्रा, कशिश, अविनाश, नगमा, वैशाली और सद्दाम समेत अन्य लोगों ने उनके साथ कई बार मारपीट की। इस संबंध में उन्होंने थाना अवलगढ़, पुलिस आयुक्त कानपुर नगर और मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न अधिकारियों को शिकायतें भी भेजी थीं। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 29 नवंबर 2025 को उन्नाव के ईश्वरीखेड़ा क्षेत्र में एक बरात के दौरान 35 से 40 लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। आरोप है कि हमलावर सोने के आभूषण, नकदी और अन्य सामान भी लूट ले गए। पीड़ित पक्ष ने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग की शरण लेंगे।
- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था न होने और प्रशासन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना महाराजपुर के अंतर्गत चौकी कुलगांव के ढोड़ी घाट मंदिर के पास जल सुरक्षा का कोई भी अधिकारी या इंतजाम मौजूद नहीं है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है। एक राहगीर द्वारा बनाए गए वीडियो में, जो 13 जुलाई दिन सोमवार को शाम करीब चार से पांच बजे के बीच का है, ढोड़ी घाट मंदिर के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखे और वहां मौजूद प्रशासनिक कार्यालय के दोनों तरफ ताला लटका हुआ पाया गया। गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है और मना करने के बावजूद नाबालिग बच्चे बार-बार नदी में नहाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले कानपुर के ही परमट घाट आनंदेश्वर मंदिर के पास भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जहां सुरक्षाकर्मी यानी जनरक्षक न होने के कारण कई दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक से पुरजोर अपील की गई है कि सभी गंगा घाटों पर दिन के समय जनरक्षकों की तैनाती की जाए। जल्द ही सावन का महीना शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रशासन को समय रहते अलर्ट करने की मांग की गई है ताकि किसी गंभीर हादसे से बचा जा सके। सवाल उठाया गया है कि यदि सुरक्षा के अभाव में कोई हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीआरपी और आरपीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने करीब 28 लाख रुपये कीमत की गांजे की बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ एक बड़ा झटका माना जा रहा है। शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि गांजे की इस खेप को उड़ीसा से लाया गया था और इसे उत्तर प्रदेश तथा पंजाब में सप्लाई करने की पूरी तैयारी थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे सघन पूछताछ शुरू कर दी है। ट्रेनों के तस्करी का अड्डा बनने की आशंकाओं के बीच, अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस पूरी तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा और कहां तक फैला हुआ है।1
- बच्चों के लिए अब गणित सीखना बेहद आसान हो गया है। इसके जरिए बच्चे 1 से 40 तक की संख्याओं के 'पहले क्या आता है' (What Comes Before) और छूटे हुए नंबरों (Missing Numbers) को आसानी से सीख सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में पीपीएन कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष ने सुसाइड कर लिया है।1
- कानपुर नगर के कल्याणपुर में आईआईटी गेट के पास स्थित देवी सहाय नगर में रात के 1:00 बजे के बाद कूड़ा डाल दिए जाने की शिकायत की गई है। देवी सहाय नगर इलाके में देर रात को इस तरह कचरा फेंके जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- कानपुर नगर के थाना महाराजपुर के अंतर्गत चौकी कुलगांव के ढोड़ी घाट मंदिर के पास गंगा नदी के घाट पर सुरक्षा की कोई भी व्यवस्था न होने का गंभीर मामला सामने आया है। गंगा का जलस्तर बहुत ही तेजी से बढ़ता चला आ रहा है और मना करने के बावजूद नाबालिग बच्चों द्वारा लगातार नदी में नहाने का प्रयास किया जा रहा है। 13 जुलाई, दिन सोमवार को शाम करीब चार से पांच बजे के बीच किसी राहगीर द्वारा बनाए गए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ढोड़ी घाट मंदिर के समीप कोई भी जल सुरक्षा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं है और वहां बने कार्यालय के दोनों तरफ ताला लटका हुआ है। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि यदि वहां कोई गंभीर स्थिति या समस्या उत्पन्न होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? कुछ समय पहले परमट घाट आनंदेश्वर मंदिर के पास भी एक ऐसा ही वीडियो सामने आया था, जहां सुरक्षा के लिए जनरक्षक मौजूद न होने के कारण नाबालिग बच्चों की गंगा में डूबने से दुखद मृत्यु हो गई थी। आगामी सावन महीने की शुरुआत को देखते हुए, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज और समृद्धि भारत समाचार पत्र के संवाददाता दिनकर की रिपोर्ट के माध्यम से उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से विशेष अनुरोध किया गया है कि भविष्य में किसी भी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए सभी गंगा घाटों पर दिन के समय जनरक्षक की अनिवार्य व्यवस्था की जाए।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के CT स्कैन रूम में आज पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात को कशिश के ही क्लासमेट सागर ने अंजाम दिया। वह अपने बैग में चाकू लेकर आया था। इस हत्या के पीछे अफेयर को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।1