ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने गाय को "राष्ट्रमाता" घोषित किए जाने की मांग को लेकर बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने ज़ोर दिया कि यदि देश में गाय के सम्मान और संरक्षण के लिए व्यापक जनसमर्थन है, तो सरकार को इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद ने कहा कि हिंदू समाज गाय को माता मानता है और मुस्लिम समाज भी उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों समुदाय गाय के सम्मान और संरक्षण के पक्ष में हैं, तो सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है। वसी अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से गाय के नाम पर केवल राजनीति की जाती रही है, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस और ऐतिहासिक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो संसद में विधेयक लाकर गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए; अन्यथा, जनता इसे केवल एक राजनीतिक मुद्दा मानने पर मजबूर हो जाएगी। प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने के बजाय, उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने किसानों और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और सरकार को इस विषय पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार का स्पष्ट रुख जानना और गौ संरक्षण को मज़बूत करना है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद, मंडल प्रवक्ता एवं जिला महासचिव एडवोकेट अकील उद्दीन, जिला अध्यक्ष अतीक करम इदरीसी, आंवला तहसील अध्यक्ष एडवोकेट आमिर कुरैशी और एडवोकेट रीना हनीफ सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी (AIMM) ने गाय को "राष्ट्रमाता" घोषित किए जाने की मांग को लेकर बरेली के जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने ज़ोर दिया कि यदि देश में गाय के सम्मान और संरक्षण के लिए व्यापक जनसमर्थन है, तो सरकार को इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट वसी अहमद ने कहा कि हिंदू समाज गाय को माता मानता है और मुस्लिम समाज भी उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दोनों समुदाय गाय के सम्मान और संरक्षण के पक्ष में हैं, तो सरकार गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है। वसी अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से गाय के नाम पर केवल राजनीति की जाती रही है, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस और ऐतिहासिक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो संसद में विधेयक लाकर गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए; अन्यथा, जनता इसे केवल एक राजनीतिक मुद्दा मानने पर मजबूर हो जाएगी। प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने के बजाय, उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने किसानों और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया, साथ ही कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए और सरकार को इस विषय पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकार का स्पष्ट रुख जानना और गौ संरक्षण को मज़बूत करना है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश संगठन मंत्री मुख्तार अहमद, मंडल प्रवक्ता एवं जिला महासचिव एडवोकेट अकील उद्दीन, जिला अध्यक्ष अतीक करम इदरीसी, आंवला तहसील अध्यक्ष एडवोकेट आमिर कुरैशी और एडवोकेट रीना हनीफ सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
- बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र स्थित चक महमूद अब्बास नगर निवासी रेशमा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी बेटी राजदा के ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। रेशमा के अनुसार, उनकी बेटी राजदा का निकाह लगभग 10 वर्ष पूर्व मोहसिन खान से हुआ था। विवाह के समय मोटरसाइकिल, एसी, फर्नीचर समेत अन्य सामान दिया गया था, लेकिन राजदा का ससुराल पक्ष इस दहेज से संतुष्ट नहीं था और लगातार उसे प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि कुछ दिन पहले राजदा को उसके दो बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद, 1 जून को राजदा के पति मोहसिन और उसके परिजन कथित रूप से राजदा के मायके पहुंचे, जहाँ उन्होंने गाली-गलौज की, तोड़फोड़ की और मारपीट भी की। इस घटना के दौरान राजदा की बहन अमरीन घायल होकर बेहोश हो गईं। पीड़िता रेशमा ने थाना बारादरी पुलिस पर भी रिपोर्ट दर्ज न करने और मामले में समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बरेली के थाना भोजीपुरा का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने अपने देवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना को लेकर महिला ने प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली में थाना बारादरी क्षेत्र के रोहिली टोला, पुराना शहर निवासी शारिक अब्बासी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा संख्या 396/2026 की निष्पक्ष विवेचना कराए जाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मामले के विवेचक एवं कांकरटोला चौकी इंचार्ज जावेद अख्तर की आरोपियों से सांठगांठ हो गई है, जिसके कारण जांच प्रभावित हो रही है। शारिक अब्बासी के अनुसार, उन्होंने रहीस, भूरा, शमशाद और साजिद सकलैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप है कि विवेचक द्वारा शमशाद और साजिद सकलैनी के नाम मुकदमे से हटाने की तैयारी की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में विवेचक से जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि जांच उनके अधिकार क्षेत्र में है और वही तय करेंगे कि मुकदमे में क्या कार्रवाई होगी। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शारिक अब्बासी वर्ष 2025 में हुए बलवे से संबंधित मुकदमों में गवाह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विवेचक जानबूझकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तथा साजिद सकलैनी के परिवार के साथ उनके करीबी संबंध हैं, जिससे आरोपियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा विवेचना की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बरेली पुलिस ने अपने 'ऑपरेशन दहन' के तहत अब तक ₹173 करोड़ 53 लाख 28 हज़ार 51 मूल्य के मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया है। इस उपलब्धि के संबंध में एसपी नॉर्थ श्री मुकेश चन्द्र मिश्र ने जानकारी प्रदान की।1
- जालौन जनपद के कालपी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें छेड़छाड़ का मामला बताया जा रहा है। हालांकि, इस छेड़छाड़ के पीछे कौन जिम्मेदार है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।1
- बरेली पुलिस ने “ऑपरेशन दहन” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण किया है। अब तक कुल 173 करोड़ 53 लाख 28 हजार 51 रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया जा चुका है। इस कार्यवाही के संबंध में श्री मुकेश चन्द्र मिश्र, एसपी नॉर्थ, ने जानकारी प्रदान की है।1
- बरेली के शीशगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बुजिया में एक युवक अपनी पत्नी से हुए विवाद के बाद नाराज होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक को टावर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और किसी अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, गांव बुजिया निवासी धर्मेंद्र उर्फ बॉबी का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद वह गांव के पास स्थित एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुँचकर इस घटना के वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। सूचना मिलते ही बंजरिया चौकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक युवक से बातचीत की और उसे समझाने का प्रयास किया। पुलिस और उसके परिजनों की लगातार समझाइश के बाद धर्मेंद्र सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक घरेलू विवाद के चलते भावुक होकर टावर पर चढ़ गया था। उसे सकुशल नीचे उतारने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। युवक के सुरक्षित नीचे आने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। यह पूरा घटनाक्रम एक हाई-वोल्टेज ड्रामा बन गया था।1
- राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी न्यू उस्मानपुर इलाके में सरेआम दो हत्याएं हुई हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पिछले 24 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ फायरिंग की कुल तीन वारदातों ने दिल्ली में हड़कंप मचा दिया है, और इन घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर राजधानी में ऐसा क्या हो रहा है।1