चरपोखरी थाना क्षेत्र के सेमरावँ गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में दोनों ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पहले पक्ष की ओर से धनंजय कुमार सिंह ने थाना में आवेदन देकर 6 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। वहीं, दूसरे पक्ष से व्यास मुनि सिंह ने भी लिखित आवेदन देकर 7 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और विवाद को लेकर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था। शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे चरपोखरी थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनातनी चल रही थी, जो अब मारपीट में बदल गई। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
चरपोखरी थाना क्षेत्र के सेमरावँ गांव में एक जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में दोनों ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पहले पक्ष की ओर से धनंजय कुमार सिंह ने थाना में आवेदन देकर 6 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। वहीं, दूसरे पक्ष से व्यास मुनि सिंह ने भी लिखित आवेदन देकर 7 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और विवाद को लेकर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था। शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे चरपोखरी थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही तनातनी चल रही थी, जो अब मारपीट में बदल गई। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।
- नेपाल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत की खबर पीरो पहुंचते ही पूरे इलाके में सरगर्मी तेज हो गई है। चाय-पान की दुकानों, चौक-चौराहों और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों के बीच सस्पेंस बना हुआ है। रविवार दोपहर 3:00 बजे के करीब भी लोग इस घटना पर अलग-अलग कयास लगा रहे हैं; कोई इसे साजिश बता रहा है, तो कोई इसे हालिया विवाद से जोड़कर देख रहा है। जानकारी के अनुसार, ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जहाँ उनका शव होटल के कमरे से बरामद किया गया। प्रिंस यादव ज्ञान बिंदु एकेडमी के प्रशासनिक और संचालन कार्यों को देखते थे। बताया जा रहा है कि हाल ही में खान ग्लोबल स्टडीज के साथ हुए विवाद के बाद प्रिंस यादव और रौशन आनंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के डर से प्रिंस यादव नेपाल चले गए थे, जहाँ उनकी संदिग्ध मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत की खबर फैलते ही पीरो सहित आसपास के इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं, जिससे इलाके का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। मामले में पहले दर्ज हुई एफआईआर और गिरफ्तारी को लेकर पीरो के राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज है, और कई स्थानीय नेता व संगठन इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। तरह-तरह के कयासों के बीच कई लोगों ने सरकार से लेकर विपक्ष के नेताओं तक को घेरे में ले लिया है। राजा नेता गुड्डू यादव सहित कई लोगों ने सरकार और विपक्षी नेताओं पर तंज कसना शुरू कर दिया है, जिससे राजनीतिक पारा चरम पर पहुँच गया है। फिलहाल, सबकी निगाहें पुलिस की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।1
- बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ आगामी 16 तारीख को जिले में एक धरना प्रदर्शन आयोजित करेगा। इस विरोध प्रदर्शन में कई शिक्षकों के शामिल होने की उम्मीद है।1
- भोजपुर जिले के गड़हनी ब्लॉक परिसर में ढलाई के कार्य में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, इस ढलाई में सामग्री का रेसियो गड़बड़ाया गया है, जिसका आरोप सीधे प्रखंड प्रमुख विनोद पर लगा है। इस मामले में एक दलाल राजू का नाम भी सामने आया है।1
- इस समय पूरे देश की नज़र बिहार पर टिकी हुई है, क्योंकि बिहार की राजनीति के साथ ही देश की राजनीति भी चलती है। सभी की निगाहें बकीपुर सीट पर हैं, जो दशकों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की एक निश्चित सीट रही है। हालांकि, इस बार हुए उपचुनाव में जनता ने जन सुराज को जिताने का मन बना लिया है। जनता ने खुलकर विकास न होने का पोल खोलते हुए जन सुराज को अपना नेता घोषित कर दिया है और उन्हें वोट देने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम के बीच, प्रशांत किशोर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- असम में हुए वायुसेना के विमान हादसे में भोजपुर जिला के कायमनगर गाँव के एक जवान के शहीद होने की खबर से पूरे जिले में गहरा मातम छा गया है। रविवार को शहीद जवान दानिश आलम का पार्थिव शरीर जैसे ही कायमनगर पहुँचा, क्षेत्र के लोग और विभिन्न नेतागण उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष दुर्गा राज, जिला उपाध्यक्ष ई. धीरेंद्र सिंह, सूर्यकांत पांडेय और मीडिया प्रभारी संजय कुमार सिंह सहित कई नेतागण शहीद के 'सुपुर्द-ए-खाक' के समय अंतिम दर्शन करने पहुँचे। इस अवसर पर बड़हरा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने जवान दानिश आलम के बलिदान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक वीर जवान बताया, जिसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि पूरा भोजपुर जिला और क्षेत्र के लोग अपने इस वीर शहीद पर गर्व महसूस करते हैं। विधायक ने शोकाकुल परिवार को ढाँढस बँधाया और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। शहीद वायुसेना जवान दानिश आलम के अंतिम संस्कार में विधायक सहित भाजपा जिलाध्यक्ष और अन्य नेतागणों ने शामिल होकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- रोहतास जिले के डेहरी स्थित बीएमपी-2 प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को प्रशिक्षण के दौरान सात महिला प्रशिक्षु सिपाहियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। 16 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद एक के बाद एक करीब सात प्रशिक्षु जमीन पर गिर पड़ीं, जिससे प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी बीमार प्रशिक्षुओं को तुरंत इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल, डेहरी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चार प्रशिक्षुओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इनमें से तीन प्रशिक्षुओं का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि अन्य की स्थिति पर भी चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। प्रशिक्षण केंद्र में पटना, नालंदा और गोपालगंज जिलों की लगभग 1355 महिला प्रशिक्षु सिपाहियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। रविवार को प्रशिक्षण के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा में 16 किलोमीटर की दौड़ कराई जा रही थी, इसी दौरान यह घटना हुई। चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक शारीरिक परिश्रम, गर्मी और शरीर में पानी की कमी जैसी वजहों से प्रशिक्षुओं की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशिक्षण केंद्र के सब इंस्पेक्टर सुरेश बाबू एमपी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों की परीक्षा चल रही थी, और इसी क्रम में 16 किलोमीटर की दौड़ में शामिल सात-आठ महिला प्रशिक्षु दौड़ पूरी करने के बाद अचानक गिर पड़ीं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत और अत्यधिक थकावट की शिकायत हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रशिक्षुओं का उपचार कराया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।4
- भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित कायमनगर गांव के निवासी अग्निवीर दानिश आलम असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए एक AN-32 विमान हादसे में शहीद हो गए हैं। भारतीय वायु सेना में देश सेवा कर रहे दानिश आलम समेत पाँच अन्य वायुसेना जवानों ने इस दर्दनाक हादसे में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव सहित पूरे भोजपुर में शोक की लहर दौड़ गई है, जिससे पूरा इलाका गमगीन है। शहीद दानिश आलम के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग अपने वीर सपूत को नम आंखों से याद कर रहे हैं। दानिश आलम ने कम उम्र में ही देश सेवा का मार्ग चुना था और अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। भोजपुर का यह बहादुर सपूत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा और देश उनकी वीरता, साहस तथा बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। पूरा जिला अपने इस वीर सपूत को नमन करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। साथ ही, अल्लाह से मरहूम को जन्नत में आला मुकाम अता करने और परिवार को इस दुख को सहने की ताकत देने की दुआ की जा रही है।1
- बिहार के भोजपुर जिले के पीरो में शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू करने के लिए पीरो पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत नशे की हालत में हंगामा कर रहे पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई मध्य निषेध विभाग के सहयोग से पूरी की गई। पुलिस के अनुसार, हरपुर गांव से संजय शर्मा, गिरजानंद सिंह और मपल सिंह को पकड़ा गया, जबकि केसवा के पास से सुधीर शर्मा और कमलेश्वरी मंडल को गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी सार्वजनिक स्थानों पर शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई, जिसमें उनके शराब सेवन की पुष्टि हुई। इसके बाद, पुलिस ने उन सभी के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही, जुर्माने की प्रक्रिया के लिए उन्हें न्यायालय में भी पेश किया गया। पीरो पुलिस ने रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे बताया कि क्षेत्र में शराबबंदी कानून के उल्लंघन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रखी जाएगी।1