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पाकुड़ नगर परिषद में नई सरकार बनने के बावजूद वार्ड नंबर 10 तांतीपाड़ा की स्थिति दयनीय है। यहाँ नाला न होने से सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है और स्ट्रीट लाइट के अभाव में शाम को अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोगों की शिकायतें अनसुनी होने से महिलाओं और मोहल्ले वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Press Pritam Singh Yadav
पाकुड़ नगर परिषद में नई सरकार बनने के बावजूद वार्ड नंबर 10 तांतीपाड़ा की स्थिति दयनीय है। यहाँ नाला न होने से सड़क पर हमेशा पानी जमा रहता है और स्ट्रीट लाइट के अभाव में शाम को अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोगों की शिकायतें अनसुनी होने से महिलाओं और मोहल्ले वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- पाकुड़ जिले में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के सख्त निर्देश पर पूरे जिले में अभूतपूर्व और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 25 जून को मुहर्रम की नवमी पर जिले भर में 14 लाइसेंसी और 10 गैर-लाइसेंसी सहित कुल 24 ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हुए। आज, 26 जून को मुहर्रम की दशमी पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 19 लाइसेंसी और 21 गैर-लाइसेंसी सहित कुल 40 ताजिया जुलूस निकाले जाने हैं। इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाली भीड़ और जुलूस मार्गों को देखते हुए, पुलिस प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा है; सभी जुलूस मार्गों, प्रमुख मस्जिदों और संवेदनशील स्थलों पर विशेष पुलिस बल तैनात है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा को हाईटेक बनाते हुए ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए हर गतिविधि पर 'तीसरी आंख' से पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए, पाकुड़ के सभी थाना और ओपी क्षेत्रों में कुल 15 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। ये टीमें लाठी, हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर और टीजी गन (अश्रु गैस गन) जैसे आधुनिक दंगारोधी उपकरणों से पूरी तरह लैस हैं, ताकि किसी भी उपद्रव की स्थिति में उपद्रवियों पर तुरंत काबू पाया जा सके। पाकुड़ पुलिस ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स की गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही है, और भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने जिलावासियों से भी अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।2
- रांची में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.के. फैज़ी साहेब ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
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- “जय महाकाल” के उद्घोष के साथ, श्री उज्जैन महाकाल की आरती प्रस्तुत की गई है। इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से श्रद्धालुओं से महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने का आह्वान किया गया है।1
- जिला प्रशासन ने चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की बढ़ती चिंता को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। 'ऑपरेशन मुस्कान' नामक इस अभियान के तहत, अगर किसी का फोन चोरी हो जाता है या गुम हो जाता है, तो अब उसे घबराने की ज़रूरत नहीं होगी। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खोए हुए फोन को वापस प्राप्त किया जा सके, जिससे लोगों को अपने डिवाइस खोने के तनाव से मुक्ति मिलेगी।1
- गोड्डा पुलिस द्वारा महागामा थाना परिसर में एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने "ऑपरेशन मुस्कान" पहल के तहत खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को वापस कर दिए।1
- झारखंड राज्य के दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड से जुड़े एक मामले में, वहां मौजूद एक गार्डवाल की संरचना या स्थिति को लेकर टिप्पणी की गई है। इस टिप्पणी में यह व्यक्त किया गया है कि गार्डवाल को "ऐसा ही होना चाहिए", जो उसकी बनावट या गुणवत्ता के प्रति संतोष या आदर्श स्थिति का संकेत देता है।1
- पाकुड़ के चाँदपुर टोटो चेक पोस्ट पर कथित अवैध वसूली, डराने-धमकाने और अन्य गंभीर आरोपों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने प्रशासन से इस संबंध में जवाब मांगा है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि वसूली से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। पिंकी मंडल ने बताया कि उन्होंने 4 जून 2026 को उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मुफस्सिल थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच का अनुरोध किया था, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई या आधिकारिक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 25 जून 2026 को उन्होंने फिर से उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। अपने आवेदन में, उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि टोटो चालकों से कोई शुल्क लिया जा रहा है, तो वह किस विभाग के आदेश पर, किस कानूनी आधार पर और किस मद में जमा किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वसूली वैध है, तो संबंधित आदेश और अभिलेख सार्वजनिक किए जाने चाहिए। पिंकी मंडल ने इस बात पर चिंता जताई कि अधिकांश टोटो चालक ऋण या किस्तों पर वाहन खरीदकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं, ऐसे में उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और कानून के समान अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि वसूली वैध है, तो इसका स्पष्ट आदेश जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने आम जनता से इस जनहित के मुद्दे पर जागरूक रहने और गरीब टोटो चालकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की। पिंकी मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।2