दान के महत्व पर प्रस्तोता घेवरचंद आर्य पाली का लेख त्रिविध दान पढ़ें। हमारे देश में महाराज रतिदेव, फं धर्मराज युधिष्ठिर, सम्राट हर्षवर्धन, सम्राट अशोक, भामाशाह जैसे तथा वर्तमान में सेठ घनश्याम दास बिड़ला, रत्न टाटा जैसे अनेक श्रेष्ठ दानी हुए हैं। दान देना प्रत्येक व्यक्ति का धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य है। कुछ लोग समाज में अभावग्रस्त शारीरिक रूप से अक्षम अथवा ब्रह्मवृत्ति धारण किये हुए सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, उनका योगक्षेम वहन करना गृहस्थों का धर्म (कर्तव्य) होता है। दान के तीन प्रकार दान मनुष्य की श्रद्धा के अनुसार तीन प्रकार का कहा गया है-- सात्त्विक दान, राजसी दान तथा तामसी दान। (1) सात्त्विक दान दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे। देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्॥ (गीता 17.20) दान देना कर्तव्य है, ऐसा समझ कर जो दान योग्य देश में, योग्य काल में, योग्य पात्र को बिना प्रत्युपकार की भावना से, दान देता है वह सात्त्विक दान कहलाता है।" यही श्रेष्ठ दान है, जो अपना नैसर्गिक आशय पूरा करता है। यही दान व्यक्ति के पिछले जन्मों के पापों का क्षय करता है। (2) राजसी दान यत्तु प्रत्युपकारार्थं फलमुद्दिश्य वा पुनः। दीयते परिक्लिष्टं तद्दानं राजसं स्मृतम्॥ (गीता 17.21) प्रत्योउपकार की आशा से, फल भोगने की इच्छा से, कष्टपूर्वक जो दान दिया जाता है, उसे राजसी दान कहते हैं। यह द्वितीय श्रेणी का दान है, जैसे-राजनैतिक दलों को दिया जाने वाला अधिकांश चंदा इसी श्रेणी में आता है। यह भाव-तौल करते हुए दिया जाता है। इस का फल इसी जन्म में मिल जाता है। (3) तामस दान आदेशकाले यद्दानमपात्रेभ्यश्च दीयते। असत्कृतमवज्ञातं तत्तामसमुदाहृतम्॥ ( गीता 17.22) जो दान निंदा तथा अपमान करते हुए, अयोग्य देश, अयोग्य समय और अयोग्य पात्र को, अर्थात् केवल पिछा छुड़वाने के लिये दिया जाता है, वह तामस दान है। यह निकृष्ट श्रेणी का दान है। इस दान का न तो सामाजिक और न ही धार्मिक महत्व है। किसी कवि ने दान के पांच दोष कहे हैं। अनादरो विलम्बश्च वै विमुखं निष्ठुरं वच:। पश्चातापश्च पञ्चापि दानस्य दूषणम्॥ दान के पात्र का अनादर, उचित समय पर नहीं देना, मुंह बनाते हुए, कड़वे वचन बोलते हुए देना, अथवा किसी स्वार्थ सिद्धि के लिए देना, जैसे समाज कि किसी सामाजिक संस्था का पदाधिकारी बनने की भावना से देना। दान के पांच दोष हैं। दान देते समय दाता को इन पांच दोषों से बचना चाहिए। दान के सम्बंध में वेद का आदेश शतहस्त समाहर सहस्रहस्त सं किर। कृतस्य कार्यस्य चेह स्फातिं समावह॥ (अथर्ववेद 3.24.5) हे मनुष्य! तू सैंकड़ों हाथों की शक्ति वाला होकर धनार्जन कर और सहस्रों हाथों की शक्ति वाला होकर वितरण कर, अर्थात् सुपात्रों को दान कर।
दान के महत्व पर प्रस्तोता घेवरचंद आर्य पाली का लेख त्रिविध दान पढ़ें। हमारे देश में महाराज रतिदेव, फं धर्मराज युधिष्ठिर, सम्राट हर्षवर्धन, सम्राट अशोक, भामाशाह जैसे तथा वर्तमान में सेठ घनश्याम दास बिड़ला, रत्न टाटा जैसे अनेक श्रेष्ठ दानी हुए हैं। दान देना प्रत्येक व्यक्ति का धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य है। कुछ लोग समाज में अभावग्रस्त शारीरिक रूप से अक्षम अथवा ब्रह्मवृत्ति धारण किये हुए सामाजिक कार्यकर्ता होते हैं, उनका योगक्षेम वहन करना गृहस्थों का धर्म (कर्तव्य) होता है। दान के तीन प्रकार दान मनुष्य की श्रद्धा के अनुसार तीन प्रकार का कहा गया है-- सात्त्विक दान, राजसी दान तथा तामसी दान। (1) सात्त्विक दान दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे। देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्॥ (गीता 17.20) दान देना कर्तव्य है, ऐसा समझ कर जो दान योग्य देश में, योग्य काल में, योग्य पात्र को बिना प्रत्युपकार
की भावना से, दान देता है वह सात्त्विक दान कहलाता है।" यही श्रेष्ठ दान है, जो अपना नैसर्गिक आशय पूरा करता है। यही दान व्यक्ति के पिछले जन्मों के पापों का क्षय करता है। (2) राजसी दान यत्तु प्रत्युपकारार्थं फलमुद्दिश्य वा पुनः। दीयते परिक्लिष्टं तद्दानं राजसं स्मृतम्॥ (गीता 17.21) प्रत्योउपकार की आशा से, फल भोगने की इच्छा से, कष्टपूर्वक जो दान दिया जाता है, उसे राजसी दान कहते हैं। यह द्वितीय श्रेणी का दान है, जैसे-राजनैतिक दलों को दिया जाने वाला अधिकांश चंदा इसी श्रेणी में आता है। यह भाव-तौल करते हुए दिया जाता है। इस का फल इसी जन्म में मिल जाता है। (3) तामस दान आदेशकाले यद्दानमपात्रेभ्यश्च दीयते। असत्कृतमवज्ञातं तत्तामसमुदाहृतम्॥ ( गीता 17.22) जो दान निंदा तथा अपमान करते हुए, अयोग्य देश, अयोग्य समय और अयोग्य पात्र को, अर्थात् केवल पिछा छुड़वाने के लिये दिया जाता है, वह तामस
दान है। यह निकृष्ट श्रेणी का दान है। इस दान का न तो सामाजिक और न ही धार्मिक महत्व है। किसी कवि ने दान के पांच दोष कहे हैं। अनादरो विलम्बश्च वै विमुखं निष्ठुरं वच:। पश्चातापश्च पञ्चापि दानस्य दूषणम्॥ दान के पात्र का अनादर, उचित समय पर नहीं देना, मुंह बनाते हुए, कड़वे वचन बोलते हुए देना, अथवा किसी स्वार्थ सिद्धि के लिए देना, जैसे समाज कि किसी सामाजिक संस्था का पदाधिकारी बनने की भावना से देना। दान के पांच दोष हैं। दान देते समय दाता को इन पांच दोषों से बचना चाहिए। दान के सम्बंध में वेद का आदेश शतहस्त समाहर सहस्रहस्त सं किर। कृतस्य कार्यस्य चेह स्फातिं समावह॥ (अथर्ववेद 3.24.5) हे मनुष्य! तू सैंकड़ों हाथों की शक्ति वाला होकर धनार्जन कर और सहस्रों हाथों की शक्ति वाला होकर वितरण कर, अर्थात् सुपात्रों को दान कर।
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- पाली,मनीष राठौड़।शहर के प्रसिद्ध लाखोटिया तालाब में पिछले तीन दिनों से चल रहा तलाशी अभियान आज सुबह एक दुखद अंत पर समाप्त हुआ। तालाब के तीसरे हिस्से में सिंधी कॉलोनी निवासी 23 वर्षीय युवक संजय खुशलानी का शव तैरता हुआ मिला। युवक पिछले तीन दिनों से घर से लापता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय खुशलानी तीन दिन पहले अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने कोतवाली थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। इसी बीच, लाखोटिया तालाब के बाहर संजय की बाइक लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। बाइक मिलने के तुरंत बाद पुलिस और गोताखोरों की मदद से पिछले दो दिनों से तालाब में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। सोमवार सुबह तालाब के तीसरे भाग में युवक का शव पानी के ऊपर दिखाई दिया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। शिनाख्त होने पर मृतक की पहचान संजय खुशलानी के रूप में हुई। ### **पुलिस की कार्रवाई जारी** घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने बताया: शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण **पानी में डूबनाबताया जा रहा है। परिजनों की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगामी जांच की जाएगी। युवक की मौत की खबर मिलते ही सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।3
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- पाली 19 अप्रेल।पाली मे प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी भगवान श्री परशुराम की जयंती,अक्षय तृतीय पर संयोजक जय शंकर त्रिवेद्वी,के नैतृतव मे शौभायात्रा आमलिया महादेव(बाईसी बगैची)से गाँधी मूर्ति,अझबेडकर सर्किल,सूरजपोल,सोमनाथ मंदिर,घी का झंणडा,सर्राफा बाजार,प्रहलाद जी दुकान से चेतना रेसटोरेंट श्री सीतारामजी जौशी के मकान से पानी दरवाजा, से भेरूघाट सिरेघाट,नृंसिह टाँकीज,गाँधी मूर्ति से फिर आमलीया महादेव मंदिर तक शौभायात्रा निकाली ग ई। शौभायात्रा मे ब्राह्राण समाज बंधुओ मे सर्व श्री जय शंकर त्रिवेद्वी,वकील पी एम जौशी ,हीरालाल वयास,ताराचंद गौड,सतय नारायण जौशी,छगनलाल भारद्वाज,पपू शर्मा,सोहनलाल बी सिवाल कृषणकांत गौतम,मांगीलाल जौशी,अलकेश रोईसवाल , हनुमान प्रसाद गौड राजैश बौहरा,नरेश पंडित रामपाल राणेजा कमलेश भारद्वाज,मांगीलाल सुथार,शिवरतन शर्मा,गुडडू,हरबंश दवे,जितेंद्र वयास,दिनेश दवे ललित शर्मा अशोक कुमार जौशी,आदी सैकडो समाज के गणमानय नागरिको ने शोभायात्रा मे हिससा लिया गया। इस अवसर पर भगवान परशुराम के पारिवार की जानकारी संबधी प्रशनोतरी का सवाल जबाब लिखित मे माँगी गई। और मंच से उसमे प्रथम द्वितीय तृतीय की गौली जिनके नाम से निकलती उनको मंच पर बुलाकर समानित भी किये गये।औल सभी समाजो के उपसथीत अधयक्ष,महामंत्री,कोषाधयक्ष को मंच से समानित किया गया।अंत मे महाप्रसादी का आयोजन रखा गया।अंत मे संयोजक जय शंकर त्रिवेद्वी ने कार्यक्रम मे किसी प्रकार की त्रुटी या भुलचूक के लिए क्षमाप्रार्थी। (छगनलाल भारद्वाज,प्रधान संपादक)4
- आज मुंबई मे सिंगर कृष्णा वीर गुर्जर से मिलें सेलीब्रिटी अनुप जलोटा Big celebirty Singer साथ मे पंजाबी सिंगर और TV फिल्म आर्टिस आपके भाई को बधाई नहीं दोगे न्यू albums की तेयारी है #viral #training #trendingreelsvideo #viralreelschallenge1
- बालोतरा के पचपदरा क्षेत्र में 21 तारीख हो होने वाले उद्घाटन रिफाइनरी एक हिस्से में आग *उद्घाटन से एक दिन पहले सोमवार दोपहर 2 बजे बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी के एक हिस्से में आग लग गई। 21 तारीख को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकार्पण करने के लिए चल रही तैयारियों के बीच आज 20 तारीख को रिफाइनरी में अचानक आग लग गई जहां अब तक तीस फायरब्रिगेड मौके पर पहुंच चुकी हे * **1
- आज कुडी 9 सेकटर मे नयु जोधाणा ओटो रिकशा समिति जोधपुर मे कार्यकारणी सदस्य की मीटिंग रखी गई है मेन सदस्य1
- पाली,मनीष राठौड़। राजकीय महाविद्यालय स्तरीय अ.जा.बालिका छात्रावास सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पाली मे अक्षय तृतीया पर बाल विवाह विवाह रोक थाम व सरकारी योजना के बारे दी जानकारी।ये शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन, जीएसवीएस एनजीओ के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित किया गया। एनजीओ से अमन कुमार के निर्देशानुसार धन्नाराम के द्वारा बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के की शादी नहीं करने की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणाम व शपथ दिलाई एवं सरकार की जनकल्याण कारी योजना की जानकारी दी गई । इसी क्रम में विक्रम सिंह भाटी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण(अपर जिला न्यायाधीश) के निर्देशानुसार मांगीलाल तंवर हेड पीएलवी ने छात्राओं को बालिका शिक्षा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, नालसा,रालसा द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर,साइबर अपराध, वीर परिवार सहायता योजना से संबंधित कानुनी जानकारी दी। हॉस्टल वार्डन मंजू खर्रा के द्वारा बाल विवाह के दुष्परिणाम व शिक्षा को बढ़ावा देने के बारे में जानकारी दी । इस अवसर पर मांगीलाल तंवर, धन्नाराम, मंजू खर्रा, रमेश कुमार, कमला देवी, निशा, रेखा व छात्राएं मौजूद रही।2