लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई लगातार 14 घंटे तक चली, जिसके दौरान 2 ऑपरेशन मैनेजर सहित कुल 119 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया। मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 100 लैपटॉप और 178 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह कॉल सेंटर 'सोलारिस सॉल्यूशन' (Solaris Solution) के नाम से चलाया जा रहा था और इसका संचालन मुख्य रूप से रात 7 बजे से सुबह 3 बजे के बीच होता था। यह गिरोह 'डॉलर ऐप' का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को तकनीकी सहायता और फर्जी रिफंड का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पकड़े गए लोगों की अधिक संख्या के कारण पुलिस को उन्हें थाने ले जाने के लिए बसें बुलानी पड़ीं। पुलिस अब इस संगठित गिरोह के हवाला नेटवर्क, विदेशी लिंक्स और फर्जी बैंक खातों के संबंध में गहन जांच कर रही है।
लखनऊ के विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई लगातार 14 घंटे तक चली, जिसके दौरान 2 ऑपरेशन मैनेजर सहित कुल 119 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया। मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, 100 लैपटॉप और 178 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह कॉल सेंटर 'सोलारिस सॉल्यूशन' (Solaris Solution) के नाम से चलाया जा रहा था और इसका संचालन मुख्य रूप से रात 7 बजे से सुबह 3 बजे के बीच होता था। यह गिरोह 'डॉलर ऐप' का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को तकनीकी सहायता और फर्जी रिफंड का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पकड़े गए लोगों की अधिक संख्या के कारण पुलिस को उन्हें थाने ले जाने के लिए बसें बुलानी पड़ीं। पुलिस अब इस संगठित गिरोह के हवाला नेटवर्क, विदेशी लिंक्स और फर्जी बैंक खातों के संबंध में गहन जांच कर रही है।
- नवापारा राजिम में नगर की सामाजिक संस्था 'मॉर्निंग मस्ती ग्रुप' ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर स्थानीय नेहरू बाल उद्यान में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. के. आर. सिन्हा को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों ने समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान, संस्था के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने अपने उद्बोधन में डॉक्टरों को 'धरती के भगवान' बताते हुए कहा कि वे निस्वार्थ भाव से मानव जीवन की रक्षा करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉक्टर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज को नई दिशा और जीवन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख सदस्यों और उपस्थित नागरिकों ने डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनके सम्मान में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में ठाकुरदास सायरानी, गोपाल अग्रवाल, कमलेश साहू, प्रेम साधवानी, महावीर पारख, मुरली पिंजानी, शिव भगवान शर्मा, अशोक सचदेव, दिलीप रावलानी, तुकाराम कंसारी, संतोष सोनी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जहाँ सभी उपस्थित लोगों ने डॉक्टर्स डे को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत सभी डॉक्टरों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप के सदस्यों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।1
- छत्तीसगढ़ में एक गायक से जुड़ा विवाद गहरा गया है, जहाँ एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप अब गहन चर्चा का विषय बन गए हैं। इस मामले ने पूरे राज्य में लोगों का ध्यान खींचा है और बहस छेड़ दी है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में यह अक्सर देखा गया है कि महिलाएं इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों का उपयोग करके गायकों पर गंभीर आरोप लगाती रही हैं। ये विवाद प्रायः अश्लील कार्यक्रमों से संबंधित होते हैं और समय-समय पर ऐसे मामले तूल पकड़ते रहे हैं।1
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की औंधी ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। समस्त ग्रामवासियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर दो अलग-अलग मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पहले मामले में, ग्रामीणों का आरोप है कि जामड़ी पंचायत का आवास मित्र महेंद्र कुमार शेण्डे, जो औंधी पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम भी करता है, आवास योजना के हितग्राहियों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलता है। उस पर मनरेगा में फर्जी हाजिरी भरकर पैसे निकालने और टैक्स व जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अत्यधिक शुल्क मांगने का भी आरोप है। ग्रामीणों ने उसे दोनों पदों से हटाने की मांग की है। दूसरे मामले में, पंचायत सचिव सुरेश तारम और सरपंच चंदन उसारे पर आरोप है कि उन्होंने 2025-26 की बाजार नीलामी का हिसाब आज तक नहीं दिया। ग्रामसभा में जब इस बारे में पूछा गया तो सचिव ने अभद्र व्यवहार किया। साथ ही, मनरेगा के तहत वर्ष 2025 से 2026 तक कोई भी रोजगार कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीण इस समय कलेक्टरेट में मौजूद हैं और कलेक्टर से इन सभी आरोपों की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।1
- सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के दावों के बीच बलौदाबाजार जिले की पलारी तहसील के ग्राम सीतापार में स्थित प्राथमिक शाला की बदहाल स्थिति सच्चाई उजागर कर रही है। यहां लगभग 60 छात्र-छात्राएं एक जर्जर भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां चारों कक्षों की छतों से लगातार प्लास्टर गिर रहा है और कई जगहों पर सरिए तक बाहर निकल आए हैं। इस जर्जर हालत के कारण किसी भी समय दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से पांचों कक्षाओं का संचालन केवल दो कमरों में सीमित कर दिया है। एक कमरे में कक्षा पहली, दूसरी और तीसरी के विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ते हैं, जबकि दूसरे कमरे में कक्षा चौथी और पांचवीं का संचालन हो रहा है। इससे शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और शिक्षकों के लिए सभी कक्षाओं पर समान ध्यान देना कठिन हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने भवन की खराब स्थिति को लेकर कई बार सरपंच और प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अब तक न तो कोई मरम्मत हुई है और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है। उनकी शिकायतें केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह गई हैं। विद्यालय में पेयजल का संकट भी गंभीर है, क्योंकि हैंडपंप और बोरवेल लंबे समय से खराब पड़े हैं। इस वजह से रसोइयों को मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए लगभग 500 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। शिक्षकों के अनुसार, सीमित संसाधनों के साथ पढ़ाई जारी रखना उनकी मजबूरी है। दो कमरों में पांच कक्षाओं का संचालन करना बेहद चुनौतीपूर्ण है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट भी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण जर्जर भवन और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या पेयजल व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी निरीक्षण, नए भवन की स्वीकृति और पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।3
- भाटापारा शहर क्षेत्र में एक 80 वर्षीय असहाय वृद्ध महिला से झपटमारी की घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि वृद्धा का सगा भतीजा ही है। पुलिस ने आरोपी भतीजे की प्रेमिका सहित कुल चार शातिर आरोपियों को धर दबोचा है और लूटे गए जेवर सहित घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है। मामले के अनुसार, नयापारा वार्ड भाटापारा निवासी श्रीमती हीराबाई ध्रुव, जो वृद्धा पेंशन से जीवन यापन करती हैं, ने थाना भाटापारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात पुरुष और महिला मोटरसाइकिल से उनके पास आए और खुद को उनके अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार का पड़ोसी बताकर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद वे वृद्धा को अस्पताल ले जाने का बहाना बनाकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान बोडतरा रोड की ओर ले गए, जहां उन्होंने उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया। इस मंगलसूत्र में 12 पत्ती सोने का लाकेट और 12 नग सोने का गेहूं दाना लगा हुआ था। आरोपियों ने जेवर चुराकर फरार हो गए। इस रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक: 208/2026 धारा 304, 61(2), 318(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा के कुशल निर्देशन में भाटापारा शहर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान प्रार्थीया के भतीजे टेकूराम के दोस्त 'गोलू' के रूप में हुई। पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर संदेही गोलू उर्फ अजय ध्रुव को हिरासत में लिया। पूछताछ में गोलू ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि प्रार्थीया के सगे भतीजे टेकूराम ध्रुव ने अपनी प्रेमिका सरिता निषाद, साथी सागर मरकाम और गोलू के साथ मिलकर इस पूरी वारदात की योजना बनाई थी। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने उनके पास से कुल 09.980 ग्राम सोने के जेवरात (10 नग सोने की पत्ती और 06 नग सोने का गेहूं दाना) बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹1,05,000/- है। घटना में प्रयुक्त एच.एफ. डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG04 ML4105) और एक नीला-सफेद रंग का स्कार्फ भी जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सागर मरकाम (उम्र 30 वर्ष), सरिता निषाद (उम्र 40 वर्ष, भतीजे की प्रेमिका), अजय उर्फ गोलू ध्रुव (उम्र 39 वर्ष) और मुख्य सूत्रधार टेकूराम ध्रुव (उम्र 35 वर्ष, सगा भतीजा) शामिल हैं। ये सभी तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर के निवासी हैं। इन सभी आरोपियों को आज दिनांक 01.07.2026 को माननीय न्यायालय भाटापारा के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है।1
- भाटापारा शहर पुलिस ने 2 जुलाई को 80 वर्षीय असहाय वृद्ध महिला से झपटमारी के एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस वारदात का मुख्य सूत्रधार वृद्ध महिला का सगा भतीजा निकला, जिसे उसकी प्रेमिका समेत कुल चार आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने भाटापारा के नयापारा वार्ड निवासी 80 वर्षीय हीराबाई ध्रुव को अस्पताल में भर्ती उसके रिश्तेदार से मिलाने का झांसा दिया। अज्ञात युवक और महिला के रूप में पहुंचे आरोपियों ने उन्हें बोडतरा रोड पर एक सुनसान रास्ते पर ले जाकर उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपट लिया और फरार हो गए। इस संबंध में हीराबाई ध्रुव ने भाटापारा शहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में भाटापारा शहर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। फुटेज के आधार पर संदेही अजय उर्फ गोलू ध्रुव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि वृद्ध महिला के सगे भतीजे टेकूराम ध्रुव ने अपनी प्रेमिका सरिता निषाद और साथियों सागर मरकाम व अजय उर्फ गोलू ध्रुव के साथ मिलकर अपनी ही चाची से लूट की यह पूरी योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 9.980 ग्राम सोने के जेवरात बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 1.05 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG04 ML4105) और वारदात में इस्तेमाल किया गया स्कार्फ भी जब्त किया गया। पुलिस ने मामले में सागर मरकाम, सरिता निषाद, अजय उर्फ गोलू ध्रुव और मुख्य आरोपी टेकूराम ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस की त्वरित विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग और सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस गंभीर वारदात के शीघ्र खुलासे के लिए भाटापारा शहर पुलिस की कार्यवाही की सराहना की जा रही है।1
- बलौदा बाजार में माननीय पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी.शर्मा जी ने मलखंब के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा को अपने सामने देखकर बच्चों में विशेष उत्साह और उमंग का संचार हुआ, वहीं उनके पालकों में भी एक खास प्रकार की खुशी देखने को मिली।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 01 जुलाई बुधवार को सिवनी जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से संबल योजना की अनुग्रह सहायता राशि का वितरण किया। इस पहल से बालाघाट जिले के 696 प्रकरणों में कुल 14 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में भेजी गई। इस वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बालाघाट कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में भी देखा गया, जहाँ कई हितग्राही और अधिकारी मौजूद थे। वितरित की गई राशि का विस्तृत विवरण देते हुए बताया गया कि सामान्य मृत्यु के 647 प्रकरणों के लिए 12 करोड़ 94 लाख रुपये, दुर्घटना मृत्यु के 48 प्रकरणों के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये और आंशिक अपंगता के एक प्रकरण के लिए 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। बालाघाट कलेक्ट्रेट में इस लाइव प्रसारण के दौरान प्रभारी श्रम पदाधिकारी श्री आरके ठाकरे, श्रम निरीक्षक दीपक डहरवाल, आशुतोष दुबे, सुनील यादव सहित अनेक हितग्राही उपस्थित रहे। इस योजना के तहत जिले की 16 स्थानीय निकायों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जनपद पंचायत लालबर्रा में सर्वाधिक 79 प्रकरणों का निराकरण हुआ, जबकि कटंगी में 78, बालाघाट में 77, लांजी में 75 और किरनापुर में 67 हितग्राहियों को सहायता राशि मिली। इसके अलावा, बैहर जनपद में 44, खैरलांजी में 63, परसवाड़ा में 42, बिरसा में 56 और वारासिवनी जनपद में 51 प्रकरण शामिल थे। नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट के 27, मलाजखंड व वारासिवनी के 11-11, नगर परिषद बैहर के 5, कटंगी के 4 और लांझी के 6 हितग्राहियों को भी अनुग्रह राशि प्रदान की गई।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत में पति-पत्नी के रिश्ते में दरार का एक अजीब मामला सामने आया है। पति अपनी पत्नी और दो छोटी बेटियों के सुख-सुविधा के लिए दिन-रात 24 से 48 घंटे लगातार ओवरटाइम काम कर रहा था। वह कभी दो, तो कभी तीन दिनों में घर आता और अपनी सारी कमाई पत्नी को दे देता था, यह सोचते हुए कि उसकी पत्नी उससे बहुत प्यार करती है। हालांकि, पति की गैरमौजूदगी में उसकी पत्नी अपने रिश्ते के जीजा के साथ फोन पर लगी रहती थी। यह जीजा ऐसा था जिसकी अपनी पत्नी नहीं थी, और वह घर संभालने के लिए एक खूबसूरत पत्नी की तलाश में था। उसने अपनी साली को प्रेम जाल में फंसा लिया और पति की गैरमौजूदगी में उससे मिलने भी आता था, जिससे उनके बीच अवैध संबंध बन गए थे। रिश्ते में होने के कारण किसी को उन पर शक भी नहीं होता था, जिसका उसने पूरा फायदा उठाया। इसी बीच, प्रार्थी पति को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले ₹1.50 लाख भी उसने अपनी पत्नी को सौंप दिए थे। पति अपनी पत्नी के लिए कई गहने भी खरीद चुका था। अब, पत्नी अपने जीजा के प्रेम जाल में फंसकर दोनों बेटियों, ₹1.50 लाख और सारे गहने लेकर अपने जीजा के घर जाकर रहने लगी है। वह अब पति से तलाक भी मांग रही है और न तो ₹1.50 लाख वापस कर रही है और न ही गहने। बेचारा पति, जिसने अपनी पूरी कमाई और जीवन अपनी पत्नी के नाम कर दिया था, अब अपनी जीवनसाथी और जीवन जीने के सहारे, अपनी दोनों बेटियों से भी वंचित हो गया है। इस बेवफाई से परेशान 28 वर्षीय पति, जो चकरभाठा थाना क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत का निवासी है, न्याय के लिए गुरुवार दोपहर 1:20 बजे थाने पहुंचा। उसने एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें बताया कि 25/06/2026 को उसकी पत्नी स बंजारे उसे बिना बताए घर से भाग गई है। पति ने आरोप लगाया कि पामगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ए लहरे ने उसकी विवाहित पत्नी को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर अपने घर ले गया है। साथ ही, उसके घर में रखे चांदी की डोंगी पायल (30 तोला), सोने का एक तोला का माला और घर बनाने के लिए लोन से लिए गए ₹1.50 लाख नगद भी स बंजारे (उसकी पत्नी) और ए लहरे (उसका साढ़ू) चुराकर ले गए हैं। जब पति को पता चला कि उसकी पत्नी स, ए लहरे के घर में उसकी पत्नी बनकर रह रही है, तो वह 27/06/2026 को अपने बड़े भाई और जीजा को लेकर उसे वापस लाने गया था, लेकिन उसकी पत्नी ने उसके साथ आने से इनकार कर दिया। उसने घर से लाए गहने-जेवर और नगद रकम देने से भी इनकार कर दिया और कहा, "मैं तुम्हे तलाक दे रही हूँ आज के बाद मेरा तुम्हारा कोई संबंध नहीं है।" पति को पुलिस द्वारा 'फैना' देकर कोर्ट जाने की सलाह दी गई है, जहां कई सालों तक पेसी लड़ने के बाद भी उसे शायद न्याय मिलने पर भी हार ही हासिल होगी, क्योंकि तब तक उसकी पत्नी अपने साढ़ू के बच्चे की मां बन चुकी होगी।1