गोगरी जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक के पास गंदगी और जल-जमाव से महादलित परिवार परेशान लोग जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ी परेशानी। गोगरी जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक के समीप वार्ड संख्या 22 में इन दिनों गंदगी और जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे फैली गंदगी और घरों के सामने जमा पानी के कारण लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। बताया जाता है कि उक्त स्थान पर करीब 10 महादलित समुदाय के मल्लिक परिवार रहते हैं। बारिश के बाद इन परिवारों के घरों के सामने जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। गंदे पानी और कचरे के बीच रहने को मजबूर परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन वार्ड संख्या 22 के इस हिस्से में स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। लोगों का आरोप है कि सभापति, उपसभापति और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का ध्यान अब तक इस गंभीर समस्या की ओर नहीं गया है। वहीं, इस संबंध में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी से बुधवार की शाम करीब पांच बजे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सफाई अभियान चल रहा है और अभी बारिश का मौसम है। अब सवाल यह है कि बारिश के मौसम में जलजमाव और गंदगी से परेशान लोगों को आखिर कब राहत मिलेगी? स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल सफाई कराने, जलजमाव दूर करने और नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
गोगरी जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक के पास गंदगी और जल-जमाव से महादलित परिवार परेशान लोग जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ी परेशानी। गोगरी जमालपुर नगर परिषद क्षेत्र के गांधी चौक के समीप वार्ड संख्या 22 में इन दिनों गंदगी और जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे फैली गंदगी और घरों के सामने जमा पानी के कारण लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। बताया जाता है कि उक्त स्थान पर करीब 10 महादलित समुदाय के मल्लिक परिवार रहते हैं। बारिश के बाद इन परिवारों के घरों के सामने जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। गंदे पानी और कचरे के बीच रहने को मजबूर परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन वार्ड संख्या 22 के इस हिस्से में स्थिति कुछ अलग नजर आ रही है। लोगों का आरोप है कि सभापति, उपसभापति और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का ध्यान अब तक इस गंभीर समस्या की ओर नहीं गया है। वहीं, इस संबंध में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी से बुधवार की शाम करीब पांच बजे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सफाई अभियान चल रहा है और अभी बारिश का मौसम है। अब सवाल यह है कि बारिश के मौसम में जलजमाव और गंदगी से परेशान लोगों को आखिर कब राहत मिलेगी? स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल सफाई कराने, जलजमाव दूर करने और नियमित रूप से सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
- ठाठा में सड़क की जर्जरता को लेकर छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों में आक्रोश ठाठा में सड़क की जर्जरता को लेकर छात्र-छात्राओं व ग्रामीणों में आक्रोश खगड़िया। मानसी प्रखंड अंतर्गत पूर्वी ठाठा पंचायत में सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों में आक्रोश है। ठाठा एनएच-31 से नीरपुर होते हुए पिपरा तक जाने वाली सड़क लंबे समय से खराब है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और टूटे हिस्से होने के कारण आवागमन में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाली छात्राओं और बाइक सवारों को हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर सड़क के कारण बाइक सवारों के साथ कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन के लिए करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। यह सड़क मानसी और चौथम प्रखंड को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। सड़क की जर्जरता को देखते हुए चौथम प्रखंड के जिला परिषद सदस्य प्रवीण कुमार, पंचायत समिति सदस्य रामप्रीत कुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने की गुहार लगाई है।1
- गंगा उफान पर, फिर बढ़ा जलस्तर; सीताकुंड डीह में कटाव से 30 पक्के मकानों पर खतरा मुंगेर। जिले में चार दिनों तक गंगा के जलस्तर में लगातार कमी के बाद बुधवार सुबह छह बजे से एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़कर 38.56 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी है और करीब चार घंटे में एक सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा की धार भी तेज हो गई है। शहर के कष्टहरणी घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। घाट पर निर्माण कार्य भी चल रहा है। तेज धारा को देखते हुए गोताखोरों की तैनाती की गई है। सोझी घाट के समीप डॉल्फिन पार्क में पानी प्रवेश करने के कारण वह करीब 15 दिनों से बंद है। बबुआ घाट पर भी लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस और जाल लगाए गए हैं। सीताकुंड डीह में कटाव से बढ़ी चिंता सदर प्रखंड की नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव के वार्ड संख्या एक स्थित बिंद टोला में मंगलवार से कटाव शुरू हो गया है। तेज धार के कारण करीब 10 घरों के शौचालय गंगा की जद में आ गए हैं, जबकि 30 से अधिक पक्के मकान पानी से घिरे हैं। नाथ टोला, बिंद टोली और मंडल टोला के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार कटाव तेजी से बढ़ रहा है और कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग बालू से भरे बोरे लगाकर घरों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है। सदर सीओ अंजली कुमारी ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सीताकुंड डीह में स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। गंगा उफान पर, फिर बढ़ा जलस्तर; सीताकुंड डीह में कटाव से 30 पक्के मकानों पर खतरा मुंगेर। जिले में चार दिनों तक गंगा के जलस्तर में लगातार कमी के बाद बुधवार सुबह छह बजे से एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़कर 38.56 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि, बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी है और करीब चार घंटे में एक सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा की धार भी तेज हो गई है। शहर के कष्टहरणी घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। घाट पर निर्माण कार्य भी चल रहा है। तेज धारा को देखते हुए गोताखोरों की तैनाती की गई है। सोझी घाट के समीप डॉल्फिन पार्क में पानी प्रवेश करने के कारण वह करीब 15 दिनों से बंद है। बबुआ घाट पर भी लोगों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस और जाल लगाए गए हैं। सीताकुंड डीह में कटाव से बढ़ी चिंता सदर प्रखंड की नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव के वार्ड संख्या एक स्थित बिंद टोला में मंगलवार से कटाव शुरू हो गया है। तेज धार के कारण करीब 10 घरों के शौचालय गंगा की जद में आ गए हैं, जबकि 30 से अधिक पक्के मकान पानी से घिरे हैं। नाथ टोला, बिंद टोली और मंडल टोला के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार कटाव तेजी से बढ़ रहा है और कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग बालू से भरे बोरे लगाकर घरों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य कराने की मांग की है। सदर सीओ अंजली कुमारी ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सीताकुंड डीह में स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।1
- नेपाल में बाढ़ से हुई क्षति पर भारत ने बढ़ाया सहयोग का हाथ, हुतात्माओं की शांति हेतु हवन की तैयारी नेपाल में बाढ़ से हुई क्षति पर भारत ने बढ़ाया सहयोग का हाथ, नेपाल के हुतात्माओं की शांति हेतु बुधवार को चण्डिका स्थान में होगा हवन कार्यक्रम इंडो नेपाल फ्रेंडशिप फोरम के गठन के बाद लिया गया फैसला1
- नाव हादसे में लापता किशोरी का शव बरामद, परिजनों का रो - रो कर बुरा हाल..1
- साहेबपुरकमाल पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 1026. 72 लीटर विदेशी शराब को किया जब्त साहेबपुरकमाल थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि साहेबपुरकमाल पुलिस टीम के द्वारा एक पिकअप वाहन से सबलपुर के समीप 1026.72 लीटर विदेशी शराब को जब्त कर थाने लाया गया है1
- Samrat Choudhary पर तीखा निशाना Samrat Choudhary news Samrat Choudhary1
- ठाठा के द्वारा हलधर बलराम जयन्ति के शुभ अवसर पर संवाद कार्यक्रम एवं सम्मानित समारोह आयोजित किया गया बिहार राज्य के खगडिया जिला अन्तर्गत मानसी प्रखंड के आदर्श एवं राजस्व पंचायत, पुर्वी ठाठा के पंचायत भवन के परिसर मे पार्थ सारथी सेवा समिति ,पुर्वी ठाठा के द्वारा हलधर बलराम जयन्ति के शुभ अवसर पर संवाद कार्यक्रम एवं सम्मानित समारोह आयोजित किया गया ।कार्यक्रम का उदघाटन पार्थ सारथी सेवा समिति ,पुर्वी ठाठा के अध्यक्ष प्रणव कुमार पिन्कु,सचिव-ललित कुमार मिश्रा ,कोषाध्यक्ष संतोष यादव, बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुड्डु ने संयुक्त रूप से किये ।कार्यक्रम का संचालन सचिव ललित कुमार मिश्रा ने किये ।कार्यक्रम मे उपस्थित बिहार किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुड्डु ,जिलाध्यक्ष सूर्यनारायण बर्मा , उपाध्यक्ष अनिल कुमार यादव ,किसान नेता सह सैदपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार यादव, हलधर किसान ओम प्रकाश यादव खुटिया ,भाजपा नेता राजाराम सिंह सभी को पार्थ सारथी सेवा समिति ,पुर्वी ठाठा के अध्यक्ष प्रणव कुमार पिन्कु एवं सचिव ललित कुमार मिश्रा द्वारा हल एवं बिहार के आन बान सान अंग वस्त्र गमछा देकर सम्मानित किये ।कार्यक्रम मे उपस्थित करीब 100 किसानो को भी अंग बस्त्र गमछा देकर सम्मानित किये ।सचिव ललित कुमार मिश्रा ने सम्बोधित करते हुए बताये कि बिहार राज्य मे खगडिया जिला के मानसी प्रखंड अन्तर्गत आदर्श एवं राजस्व पंचायत पुर्वी मे हलधर बलराम जयन्ति मनाया जा रहा है ।पुरे बिहार मे कही नही मनाया जाता है ।इसलिए सभी लोगो से आग्रह है कि प्रति बर्ष कृष्ण जन्मष्टमी की तरह हलधर बलराम जयन्ति भी मनाया जाए ताकि समाज मे लोग जागृत हो सके ।किसान नेता धीरेन्द्र सिंह टुड्डु भी अपने बातो को रखते हुए लोगो को आगे आने के लिए प्रेरित किये ।उपाध्यक्ष अनिल यादव एवं जिलाध्यक्ष सुर्य नारायण वर्मा भी अपने अपने बातो को रखते हुए लोगो को हलधर बलराम जयन्ति प्रति बर्ष मनाने का आग्रह किये ।भाजपा नेता राजाराम सिंह भी हलधर बलराम जयन्ति पर अपनी बाते लोगो के बीच रखे ।किसान नेता सह सैदपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार यादव ने बिस्तार से चर्चा किये ।अध्यक्ष प्रणव कुमार पिन्कु ने हलधर बलराम का मुर्ति निर्माण कराने का घोषणा किये ।कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रौशन कुमार, रूपेश यादव, पुर्व वार्ड सदस्य गंगाराम यादव, गौरख यादव, अरूण यादव आदि उपस्थित हुए।2
- गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से 18 सेंटीमीटर ऊपर, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा कुतलुपुर पंचायत के कई हिस्सों में पहुंचा पानी, सीताकुंड-लक्ष्मीपुर बिंद टोली में तेज हुआ कटाव मुंगेर। जिले में गंगा का जलस्तर पिछले कई दिनों से चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है। मंगलवार को जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 18 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच गंगा किनारे के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैल रहा है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सदर प्रखंड के गंगा पार स्थित कुतलुपुर पंचायत के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। चारों ओर से गंगा से घिरी पंचायत में आवागमन, पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, तेज धारा के कारण नदी किनारे बसे लोगों में घरों और जमीन के कटाव को लेकर भय बना हुआ है। सीताकुंड-लक्ष्मीपुर बिंद टोली में तेज हुआ कटाव: गंगा की तेज धारा से सीताकुंड और लक्ष्मीपुर बिंद टोली में दोबारा कटाव शुरू हो गया है। लक्ष्मीपुर बिंद टोली में पूर्व में कटावरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन कई स्थानों पर फिर मिट्टी कटने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे की जमीन अंदर से खिसक रही है, जिससे घरों की नींव कमजोर होने का खतरा है। ग्रामीण प्रमिला देवी, इंद्रदेव सिंह और लालो सिंह ने बताया कि कटाव बढ़ने पर कई घर गंगा में समा सकते हैं। ग्रामीण खुद पूर्व में लगाए गए जियो बैग को कटाव वाले स्थानों पर लगाकर घर बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जलस्तर में कमी के बाद दोबारा वृद्धि होने पर कटाव और तेज हो जाता है। गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से 18 सेंटीमीटर ऊपर, निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा कुतलुपुर पंचायत के कई हिस्सों में पहुंचा पानी, सीताकुंड-लक्ष्मीपुर बिंद टोली में तेज हुआ कटाव मुंगेर। जिले में गंगा का जलस्तर पिछले कई दिनों से चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है। मंगलवार को जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 18 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच गंगा किनारे के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे फैल रहा है। इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सदर प्रखंड के गंगा पार स्थित कुतलुपुर पंचायत के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। चारों ओर से गंगा से घिरी पंचायत में आवागमन, पेयजल और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, तेज धारा के कारण नदी किनारे बसे लोगों में घरों और जमीन के कटाव को लेकर भय बना हुआ है। सीताकुंड-लक्ष्मीपुर बिंद टोली में तेज हुआ कटाव: गंगा की तेज धारा से सीताकुंड और लक्ष्मीपुर बिंद टोली में दोबारा कटाव शुरू हो गया है। लक्ष्मीपुर बिंद टोली में पूर्व में कटावरोधी कार्य कराया गया था, लेकिन कई स्थानों पर फिर मिट्टी कटने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी किनारे की जमीन अंदर से खिसक रही है, जिससे घरों की नींव कमजोर होने का खतरा है। ग्रामीण प्रमिला देवी, इंद्रदेव सिंह और लालो सिंह ने बताया कि कटाव बढ़ने पर कई घर गंगा में समा सकते हैं। ग्रामीण खुद पूर्व में लगाए गए जियो बैग को कटाव वाले स्थानों पर लगाकर घर बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि जलस्तर में कमी के बाद दोबारा वृद्धि होने पर कटाव और तेज हो जाता है।1
- रूपम देवी की मौत से घर में मातम, 12 साल की नेहा के लिए नदी किनारे टकटकी..1