कोयला कड़े ट्रैलर में लगी आग, चालक जिंदा जला मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
कोयला कड़े ट्रैलर में लगी आग, चालक जिंदा जला मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
- भूमि विवाद की जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर पक्षपात और दुर्व्यवहार का आरोप पीड़ित ने लगाये एकपक्षीय कार्रवाई करने व धमकी देने सहित गंभीर आरोप बिल्थरारोड ।तहसील क्षेत्र के अतरौल चक मिलकान गांव मे चल रहे भूमि विवाद का मामला उस वक्त गहरा गया जब एक पक्ष ने मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरारोड रोशन सिंह पर पक्षपात पुर्ण कार्रवाई करने, दुर्व्यवहार व धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए न सिर्फ उच्चाधिकारियों तक इसकी शिकायत कर दी बल्कि मीडिया को भी इस संदर्भ मे बयान दे डाला जिसके बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। अतरौल चक मिलकान गांव निवासी रामनयन यादव का कहना है कि 8 माह पूर्व अपने घर से कुछ ही दूरी पर एक जमीन खरीदी थी जिसका उन्होंने अपनी तसल्ली के लिए रजिस्ट्री कराने से पहले कब्जा भी कर लिया था जिसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया संपन्न हुई इसके दस्तावेज की उनके पास मौजूद हैं विगत दो माह से रामनयन उक्त भूमि पर मेड़बंदी कर कर कराकर स्थाई पिलर लगाने के बाद टिन शेड लगाकर गौशाला का निर्माण कर रहे थे वहीं उक्त भूमि के आसपास स्थित भूस्वामियों का किसी तरह का बंटवारे का विवाद भूमि पर चल रहा था इसको लेकर पूर्व में भी दूसरे पक्ष ने डायल 112 बुलाकर तहरीर दर्ज कराई थी जिस मे पीड़ित के अनुसार पुलिस ने सारे पेपर सही होने पर क्लीन चिट दे दी थी ।लेकिन यह मामला बुधवार की दोपहर उस वक्त गर्मा गया जब मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार बेल्थरा रोड रोशन सिंह ने जांच करने के दौरान एक पक्ष की पर ना सिर्फ नाराजगी दिखाई बल्कि इस दौरान कई बार अपशब्दों का प्रयोग भी किया और साथ ही पीड़ित को गुंडा इत्यादि शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम्हारी गुंडई सही कर देंगे । मामले को बढ़ता देख नायब तहसीलदार ने थानाध्यक्ष उभांव को फोन करने के दौरान कहा कि कुछ समाजवादी पार्टी के लोग हैं जो गुंडई कर रहे हैं । इस दौरान पीड़ित पक्ष द्वारा बनाया जा रहा था जिस पर तहसीलदार के साथ मौजूद गार्ड ने वीडियो बनाने वाले का मोबाइल छीनने और लाठी चलाने की भी कोशिश की पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- चीनी रोबोडॉग: Galgotias की प्रोफेसर ने दी सफाई1
- आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10) की प्रथम पाली में हिंदी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्र-छात्राओं के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र सिलेबस के अनुरूप और सरल स्तर का था। गद्य, पद्य और व्याकरण से जुड़े प्रश्न सीधे और स्पष्ट पूछे गए थे, जिससे तैयारी करने वाले छात्रों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। कई छात्रों ने कहा कि पेपर उम्मीद से भी ज्यादा आसान था, जिससे अच्छे अंक आने की संभावना बढ़ गई है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली और बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना की।1
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- Post by Kabya Chauhan1
- Post by Shakti भारत नेशन न्यूज3
- मऊ। मामला कोपागंज थाना क्षेत्र के रेवरीडीह का है जहां ग्रामीणों ने पत्नी को छोड़ साली के साथ फरार हो रहे जीजा को पकड़ पुलिस के हवाले किया।1
- एकसार में चकबंदी विभाग द्वारा किए गए खेल के बाद कब्जा करने वाले को नायब तहसीलदार की चेतावनी का वीडियो हो रहा वायरल। बिल्थरारोड।तहसील क्षेत्र के एकसार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में लेखपाल द्वारा बदले गए चक पर दूसरे के कब्जे को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक बयान के कारण और सुर्खियों में आ गया है। भूमि विवाद में अपने ही खेत पर कब्जे के लिए भूस्वामिनी वृद्धा महिला बिलख रही है।हाईकोर्ट के यथास्थिति आदेश के बावजूद भूस्वामिनी नफीसा सुल्तान को अपने खेत पर जोताई-बुआई से रोके जाने का आरोप है। वहीं दूसरे पक्ष पर दबंगई और चकबंदी कर्मियों से मिलीभगत कर उड़ान चक बैठवाने की बात कही जा रही है।विवाद बढ़ने पर नायब तहसीलदार रोशन सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान एक पक्ष से तीखी नोकझोंक हुई और उनका कथित बयान “नशा उतार दूंगा…”कैमरे में कैद हो गया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फिलहाल विवादित भूमि पर कृषि कार्य पर रोक लगा दी गई है और जांच की बात कही गई है। सवाल यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी यदि भूस्वामी नफीसा सुल्तान नामक वृद्ध महिला को अपने ही खेत पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़े, तो चकबंदी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगने लगा है । वहीं वृद्ध महिला कहना है कि चकबंदी विभाग से मिलकर गांव के जावेद अहमद उन्हें और परिजनों को परेशान कर उनकी भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं जबकि वह लंबे समय से अपने खेत पर काबिज है और उसके पक्ष में हाईकोर्ट का आदेश भी है।3
- आजमगढ़: जनपद के इंटर कॉलेजों में 18/02/2026 से प्रारंभ हुई बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सघन और प्रभावी जांच व्यवस्था देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई और नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा को नकलविहीन एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से व्यवस्था मजबूत दिखी। छात्र-छात्राओं ने भी जांच प्रक्रिया में सहयोग किया और अनुशासन बनाए रखा। अभिभावकों ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे निष्पक्ष परीक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। कुल मिलाकर, आज परीक्षा केंद्रों पर जांच बहुत ही अच्छे और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।2