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सासनी के कैलोरे चौराहा पर एकादशी के शुभ अवसर पर शरबत वितरित किया गया। इस दौरान, ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस शरबत का आनंद लिया।
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सासनी के कैलोरे चौराहा पर एकादशी के शुभ अवसर पर शरबत वितरित किया गया। इस दौरान, ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक इस शरबत का आनंद लिया।
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- समाजवादी पार्टी ने अंबेडकर नगर में बुनकरों के लगातार उत्पीड़न के खिलाफ शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मंत्री और सपा विधायक राम मूर्ति वर्मा ने किया, जिसमें युवा नेता हर्षित अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर धरना दिया और उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। विधायक राम मूर्ति वर्मा ने इस दौरान कहा कि टाण्डा, जो एक बुनकर नगरी है, वहाँ का पावरलूम उद्योग पहले से ही बिजली कटौती और महंगे धागे से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी फर्जी मुकदमे दर्ज कर और मीटर चेकिंग के नाम पर बुनकरों का उत्पीड़न कर रहे हैं, जिसके चलते बुनकर अब पलायन करने पर मजबूर हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान कानपुर देहात में एक चौपाल लगाकर दो घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन इस दौरान एक भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति से मंत्री राकेश सचान बेहद नाराज दिखे और उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंत्री ने सीधे तौर पर जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा, "हैलो, DM साहब बोल रहे हैं? पंचायतों का मजाक बना रखा है आपने।" उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए जोर दिया कि वहां पंचायत चल रही थी, फिर भी कोई अधिकारी उपस्थित नहीं था, जो अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है।1
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS) को भारत की सबसे प्रतिष्ठित पुलिस सेवाओं में से एक माना जाता है। एक आईपीएस अधिकारी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम करने और पुलिस प्रशासन का संचालन करने की महत्वपूर्ण शक्तियाँ और जिम्मेदारियाँ सौंपी जाती हैं। इनकी प्रमुख शक्तियों और जिम्मेदारियों में जिले में पुलिस बल का नेतृत्व करना शामिल है, जिसमें वे पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जैसे पदों पर कार्य करते हैं। आईपीएस अधिकारी अपराधों की गहन जांच करते हैं और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करते हैं। इसके अतिरिक्त, दंगे, हिंसा या अन्य आपातकालीन स्थितियों के दौरान पुलिस बल की तैनाती करना, अपराधियों की गिरफ्तारी की निगरानी करना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी इनके कार्यक्षेत्र में आता है। वे यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और महत्वपूर्ण व्यक्तियों (वीआईपी) की सुरक्षा का भी प्रबंध करते हैं, साथ ही राज्य और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षा संबंधी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने का दायित्व भी संभालते हैं। एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अपने करियर में Director General of Police (DGP) के पद तक पहुँच सकता है, जो राज्य पुलिस बल का सर्वोच्च अधिकारी होता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि आईपीएस अधिकारी भी देश के कानून और न्यायालयों के अधीन होते हैं, और उन्हें अपनी सभी शक्तियों का उपयोग कानूनी सीमाओं के भीतर ही करना होता है।1
- अलीगढ़ में देश के वीर सपूत सार्जेंट जितेंद्र शर्मा को हजारों लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचने के बाद यह श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अपने वीर सपूत को सम्मानपूर्वक याद किया।1
- अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम का एक बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो के रूप में तेजी से वायरल हो रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक चौकीदार की निर्मम हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह वारदात बछरावां थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा में हुई, जहाँ निर्माणाधीन पानी की टंकी पर तैनात चौकीदार राम सजीवन को अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से मार डाला। हमलावरों ने राम सजीवन के चेहरे को कुचलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और मामले की जाँच शुरू कर दी है। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने भी इस मामले में बयान दिया है।4
- आगरा के ईदगाह बस स्टैंड पर गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस में भीषण आग लग गई। बस के बोनट से धुआं निकलते ही देखते ही देखते आग भड़क उठी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए कई यात्रियों ने चलती बस से कूदना शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की चपेट में आ गई और जलकर खाक हो गई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि बस पूरी तरह जल गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।1