Shuru
Apke Nagar Ki App…
Vikash Mehta
More news from झारखंड and nearby areas
-   +2  गुड़ूर (आंध्र प्रदेश) के पास सबसे प्रसिद्ध और बड़ा मंदिर कनिपक्कम का श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर है। यह चित्तूर जिले में स्थित है, जो 11वीं शताब्दी का एक अत्यंत प्राचीन और जागृत मंदिर है। यहाँ बप्पा की मूर्ति का आकार लगातार बढ़ रहा है और यह बहुत चमत्कारी माना जाता है। Dainik Bhaskar +2 स्थान: कनिपक्कम, इरला मंडल, चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश (गुड़ूर से लगभग 80-90 किमी की दूरी पर)। महत्व: यह मंदिर अपनी स्वयंभू (स्वयं प्रकट) मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, और यहाँ गणेश चतुर्थी के समय भव्य ब्रह्मोत्सव मनाया जाता है l1
- हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अज्ञात लकड़ी माफियाओं की लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। चिड़िया थाना क्षेत्र के चिरका आईटीआई कॉलेज से आगे जंगल में सखुआ का कीमती पेड़ काटकर सीधे 11 हजार वोल्ट के बिजली तार पर गिरा दिया गया। तार जमीन पर गिरते ही शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते जंगल में आग भड़क उठी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर बिजली कर्मी सीमांत कुमार चंद्रवंशी मौके पर पहुंचे और तुरंत वन विभाग को खबर दी। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार के नेतृत्व में टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि इस घटना से क्षेत्र में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही और खबर लिखे जाने तक मरम्मत कार्य जारी था। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात लकड़ी माफियाओं की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- Post by Sunil singh1
- Post by Dhananjay Singh1
- पाटन (पलामू): प्रखंड क्षेत्र के अस्थमा मरीजों के लिए एक सराहनीय पहल के तहत एक्स-रे मशीन से सुसज्जित जांच वाहन को सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वाहन के माध्यम से प्रखंड के विभिन्न गांवों में जाकर मरीजों की नि:शुल्क जांच की जाएगी। इस अभियान का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी पाटन अमित कुमार झा एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पाटन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया और अभियान की सफलता की कामना की। इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अस्थमा मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। अब मरीजों को जांच के लिए दूर अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि यह सुविधा उनके गांव तक पहुंचेगी। जांच वाहन में एक्स-रे मशीन सहित आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण लगाए गए हैं, जिससे मरीजों की प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकेगी। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को आगे के इलाज के लिए उचित सलाह भी दी जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को काफी राहत मिलेगी और समय पर बीमारी का पता चल सकेगा।1
- छतरपुर (पलामू): पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक मार्मिक घटना सामने आई, जिसने जंगल और वन्यजीवों की बदहाल स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पानी और चारे की तलाश में जंगल से भटककर हिरणों का एक झुंड शहर तक पहुंच गया, जहां कुत्तों के हमले में एक हिरण की दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 12 हिरणों का झुंड सुबह हाई स्कूल मैदान तक पहुंचा था। इसी दौरान एक हिरण झुंड से बिछुड़कर सोनार मोहल्ला में पहुंच गया, जहां आवारा कुत्तों ने उसे घेरकर बुरी तरह जख्मी कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिरण ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत हिरण को अपने साथ ले गई। प्रभारी वनपाल लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि हिरण का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी, पानी की कमी और लगातार हो रही जंगलों की कटाई के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास सिकुड़ता जा रहा है। ऐसे में जानवर भोजन और पानी की तलाश में गांव और शहर की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, पूर्वी वन क्षेत्र में जानवरों के लिए 15 नाले बनाए गए हैं और डैम-चेकडैम में भी पानी की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद कई इलाकों में पानी की कमी और प्राकृतिक संसाधनों के घटने से जानवर भटक रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि हिरणों का यह झुंड महुअरी क्षेत्र के जंगल से भटककर छतरपुर पहुंचा। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में नीलगाय, बंदर, लंगूर और हिरण जैसे जंगली जानवरों का गांवों में आना बढ़ गया है, जिससे फसलों को भी नुकसान हो रहा है। यह घटना केवल एक हिरण की मौत नहीं, बल्कि उस संकट की चेतावनी है, जिसमें जंगल सिकुड़ रहे हैं और वन्यजीव इंसानी बस्तियों में भटकने को मजबूर हो रहे हैं। अब जरूरत है कि जंगलों के संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास पर गंभीरता से काम किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।1
- शाहरुख खान जी का जनता और जीवन के उद्देश्य के प्रति दृष्टिकोण अत्यंत मानवीय, प्रेमपूर्ण और सकारात्मक रहा है। वे केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि खुद को जनता का "मनोरंजन करने वाला" और प्रेम का प्रसारक मानते हैं। उनके विचार और उद्देश्य के मुख्य बिंदु यहाँ दिए गए हैं: जनता के प्रति प्रेम और सम्मान: शाहरुख खान अक्सर कहते हैं कि उन्होंने अपना सब कुछ जनता से ही पाया है। वे अपने फैंस को 'कंटेंट' नहीं, बल्कि अपना 'परिवार' मानते हैं और उनके प्रति गहरा प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं। उद्देश्य - सकारात्मकता और प्रेम का प्रसार: उनका मानना है कि उनके जीवन का उद्देश्य लोगों को खुशी और प्रेम (love) बांटना है। वे अपनी फिल्मों और सार्वजनिक उपस्थिति के जरिए यह संदेश देते हैं कि जीवन का सबसे बड़ा सार प्रेम ही है। मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी: वे अपने काम में मानवता (humanity) को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और एसिड अटैक पीड़ितों के लिए (मीर फाउंडेशन के माध्यम से) पर्दे के पीछे रहकर बहुत काम किया है। साहस और प्रेरणा: शाहरुख जनता को कड़ी मेहनत (Hard work) करने और हार न मानने (Never give up) के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि 'सफलता' तब मिलती है जब आप अपने काम को पूरी ईमानदारी से करते हैं। धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण: वे धर्म को एक व्यक्तिगत मामला मानते हैं और कभी भी इस पर तुलना या भेदभाव का समर्थन नहीं करते। वे अपने जीवन में सभी धर्मों का सम्मान करने की बात करते हैं। हंसमुख और आत्म-निंदा (Self-deprecation): वे खुद पर भी हंसने (mock himself) की क्षमता रखते हैं, जो उन्हें जनता के और करीब और सुलभ (accessible) बनाता है।1
- पलामू (पाटन): पाटन प्रखंड के केल्हार पंचायत अंतर्गत सखुई और निमिया गांव में भीषण आग लगने से किसानों की तैयार गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस आपदा से क्षेत्र के दर्जनों किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य जयशंकर कुमार सिंह (संग्राम सिंह) ने सक्रियता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की और स्वयं दमकल कर्मियों के साथ मौके पर पहुँचे। उनके त्वरित हस्तक्षेप और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, जिससे अन्य खेतों को चपेट में आने से बचाया जा सका। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि देखते ही देखते कई एकड़ में लगी रबी (गेहूं) की फसल जल गई। अफरातफरी के माहौल के कारण सभी प्रभावितों की सूची तत्काल तैयार नहीं हो सकी, लेकिन प्राथमिक आकलन में निम्नलिखित किसानों का भारी नुकसान दर्ज किया गया है: • परशुराम सिंह: 20 एकड़ • अजय सिंह: 12 एकड़ • शामों महरा: 7 एकड़ • सतेंदर सिंह: 5 एकड़ • नितेश कुमार: 5 एकड़ • राजेंद्र सिंह: 5 एकड़ • सीधी सिंह: 4 एकड़ • महेंद्र सिंह: 2 एकड़ • रघुनी सिंह: 2 एकड़ • सुधीर सिंह: 1 एकड़ इस अग्निकांड ने सखुई, निमिया और जोड़ा कला के किसानों की साल भर की मेहनत को चंद मिनटों में राख में बदल दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह उपज ही उनके परिवार के भरण-पोषण और जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन थी। वर्तमान में पूरे क्षेत्र में मायूसी का माहौल है। जिला परिषद सदस्य संग्राम सिंह ने घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर दिया है। उन्होंने राजस्व विभाग और कृषि विभाग से मांग की है कि: 1. अग्निकांड से हुए नुकसान का अविलंब भौतिक सत्यापन कराया जाए। 2. प्रभावित किसानों को उचित सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से उबारा जा सके। घटना स्थल पर त्वरित एएसआई अमृका सिंह व थाना प्रभारी शशि सेखर पांडे पहुंचे और स्थिति को काबू में लिया । मौके पर केल्हार मुखिया जैनुल सिद्दीकी, अक्षय कुमार, राहुल सिंह के अल्वा कई ग्रामीण मौजूद थे ।1
- झिंगुरदा श्री हनुमान जी के अलौकिक दर्शन जनपद सोनभद्र अनपरा में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश झारखंड सीमाओं पर ये अलौकिक मंदिर यहां से पूरी होती है भक्तों की सभी मनोकामनाएं1