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क्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियानक्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियान क्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियान
The Public Matter
क्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियानक्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियान क्षेत्राधिकारी टनकपुर स्वयं मैदान में उतरे, जगपूड़ा पुल के पास चलाया सघन चेकिंग अभियान
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- Post by Jagdish Ballabh Sharma1
- विडियो देखें- देहरादून (उत्तराखंड) यह वाकई में एक बहुत ही गंभीर और संवेदनशील विषय है। 'देवभूमि' जैसे शांत और सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाओं का बढ़ना चिंताजनक है। आजकल जिस तरह से पहचान छुपाकर या वेशभूषा का सहारा लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, उससे बचने के लिए 'सतर्कता' ही सबसे बड़ा हथियार है।1
- “मीटिंग में गरजे ब्लॉक प्रमुख, अधिकारियों की लगाई क्लास—मंत्रियों तक पहुंची शिकायत, सख्त कार्रवाई के संकेत” #BlockPramukh #ActionMode #StrictWarning #OfficersMeeting #DevelopmentReview #ComplaintToMinisters #Accountability #Governance #NewsUpdate1
- माधोटांडा पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़; 05 गिरफ्तार, 02 को लगी गोली माधोटांडा,पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत में वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में पीलीभीत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना माधोटांडा पुलिस ने वन्यजीव शिकार के एक गंभीर प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 05 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो अभियुक्त गोली लगने से घायल हुए हैं। मुठभेड़ और गिरफ्तारी का विवरण पुलिस अधीक्षक (SP) पीलीभीत के अनुसार, पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए बराही वन रेंज के आसपास शिकारियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में घायल: जवाबी फायरिंग में 02 मुख्य अभियुक्त (हरजिंदर सिंह और उसके साथी) घायल हुए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घेराबंदी कर पकड़े गए: मौके से भागने की कोशिश कर रहे 02 अन्य अभियुक्तों को पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। अन्य गिरफ्तारी: प्रकरण से जुड़े 01 अन्य वांछित अभियुक्त को पुलिस ने एक अलग दबिश के दौरान गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। बरामदगी और कानूनी कार्रवाई गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने अवैध असलहे, कारतूस और वन्यजीव शिकार से संबंधित उपकरण बरामद किए हैं। इन अभियुक्तों पर पूर्व में भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज थे। SP पीलीभीत की बाइट (मुख्य अंश) "माधोटांडा थाना क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की सूचना पर हमारी टीम ने सक्रियता दिखाई। मुठभेड़ के दौरान दो अभियुक्त घायल हुए हैं और कुल पाँच लोगों को हिरासत में लिया गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और वन विभाग का यह संयुक्त अभियान अवैध शिकार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए निरंतर जारी रहेगा।"1
- थानडंगोली में पीने के पानी की किल्लत, ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन. गरुड़ के थानडंगोली गांव में पीने के पानी की भयंकर किल्लत के कारण ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और बताया कि नल लगे दो साल हो चुके हैं, मगर आज तक उसमें एक बूंद पानी नहीं आया। ग्रामीणों ने ब्यवस्था सुधारने या वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरत पूरी हो सके।1
- धरवारा साहपुर, सुलमई, इसैटा, झरियही में खुलेआम हो रहा खन, जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करछना तहसील के धरवारा साहपुर, सुलमई, इसैटा और झरियही इलाकों में अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है और खन माफियाओं का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बृजेश सिंह उर्फ चंदन, विजय प्रताप सिंह उर्फ मोहन सिंह, संजय निषाद, राम सिंह, गोरेलाल और शुभम तिवारी टैंस नदी में खुलेआम खन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन को मासिक हिस्सा देने की बात कह रहे हैं और पैसे के बल पर खनन विभाग व पुलिस को प्रभावित कर रहे हैं। इसी वजह से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब इस मामले को मीडिया में उठाया जाता है तो उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन खन माफियाओं पर कार्रवाई करता है या मामला पहले की तरह दब जाता है। लोगों की नजरें अब मुख्यमंत्री पर टिकी हैं कि वह इस मामले में माफियाओं और संबंधित अधिकारियों पर शिकंजा कसते हैं या सिलसिला ऐसे ही चलता रहेगा।1
- चम्पावत:समाजकल्याण अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी the public matter #thepublicmatter #champawat #uttrakhand #viralnewsupdate #latestnews1
- सफलता से पहले एक आहट आती है उस आहट को जो समझ गया वह आगे बढ़ गया: फ्लाइंग ऑफिसर गौरव1
- पीलीभीत: 'हर घर जल' या 'हर घर जहर'? जमुनिया खास में नलों से उगल रहा काला बदबूदार पानी पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल' योजना का उद्देश्य हर ग्रामीण तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना था, लेकिन जनपद पीलीभीत के जमुनिया खास गाँव से आई तस्वीरें इस योजना की सफलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। यहाँ पाइपलाइन से स्वच्छ पानी की जगह गटर जैसा काला और बदबूदार तरल निकल रहा है। वीडियो वायरल: दावों की खुली पोल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासन की कार्यशैली को बेनकाब कर दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घरों में लगी टंकियों से जो पानी आ रहा है, वह इतना गंदा है कि उसे छूना भी दूभर है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी से उठ रही तेज सड़ांध ने जीना मुहाल कर दिया है। "हम इसे पानी कहें या बीमारी? न इसे पी सकते हैं, न इससे कपड़े धो सकते हैं। प्रशासन हमारी जान से खिलवाड़ कर रहा है।" — एक स्थानीय ग्रामीण अधिकारियों की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश तहसील कलीनगर और पूरनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले इस गाँव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि: कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदा पानी पीने के कारण बच्चों और बुजुर्गों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अधिकारी फील्ड पर आने के बजाय कार्यालयों में बैठकर 'सब ठीक है' की रिपोर्ट भेज रहे हैं। प्रमुख बिंदु: क्यों सवालों के घेरे में है प्रशासन? समस्या प्रभाव वर्तमान स्थिति पानी की गुणवत्ता गटर जैसा काला और बदबूदार पानी अत्यंत गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हैजा, डायरिया और त्वचा रोगों का खतरा हाई अलर्ट प्रशासनिक प्रतिक्रिया शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं उदासीनता बड़ा सवाल: कब जागेगा प्रशासन? वीडियो वायरल होने के बाद अब गेंद प्रशासन के पाले में है। क्या जिले के आला अधिकारी इस 'काले खेल' की जांच कराएंगे? क्या जमुनिया खास के लोगों को कभी शुद्ध पेयजल नसीब होगा, या फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी यह योजना ग्रामीणों को बीमारियाँ बांटती रहेगी?1