भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धाकड़ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट जगत में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी पुरुष या महिला क्रिकेटर नहीं पहुंच सका है। उन्होंने आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर (ओल्ड ट्रैफर्ड) के मैदान पर उतरते ही अपने 200 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने मैच से ठीक पहले पूरी टीम की मौजूदगी में हरमनप्रीत को खास '200' नंबर वाली जर्सी और एक स्पेशल कैप भेंट कर सम्मानित किया। हरमनप्रीत कौर का टी-20 अंतर्राष्ट्रीय करियर जून 2009 में इंग्लैंड के खिलाफ टांटन के मैदान पर शुरू हुआ था। तब से लेकर लगभग 17 वर्षों के इस लंबे और बेमिसाल सफर में उन्होंने अपनी फिटनेस, निरंतरता और कुशल कप्तानी के दम पर विश्व क्रिकेट में अपना वर्चस्व बनाए रखा है। इस मुकाम पर पहुंचकर भावुक होते हुए हरमनप्रीत ने टॉस के दौरान कहा कि यह सचमुच एक अद्भुत यात्रा रही है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी दूर तक आ पाएंगी। उन्होंने इस अवसर पर भगवान, अपने परिवार, दोस्तों, बीसीसीआई और अपने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। महिला टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर सबसे आगे खड़ी हैं, उनके आसपास फिलहाल कोई और खिलाड़ी नहीं है। उनके बाद सूजी बेट्स (न्यूजीलैंड, 184), डैनी व्याट-हॉज (इंग्लैंड, 183), एलिस पेरी (ऑस्ट्रेलिया, 177) और स्मृति मंधाना (भारत, 169) का नाम आता है। पुरुष टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो वहां भी सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड हरमनप्रीत के इस जादुई आंकड़े से काफी पीछे है। पुरुष वर्ग में आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग 163 मैचों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि भारत के रोहित शर्मा ने 159, आयरलैंड के जॉर्ज डॉकरेल ने 157, इंग्लैंड के जोस बटलर ने 155 और अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी ने 152 मैच खेले हैं। पॉल स्टर्लिंग भी हरमनप्रीत से 37 मैच पीछे हैं। हरमनप्रीत के टी-20 करियर के प्रमुख मील के पत्थरों में उनका पहला टी-20 मैच 11 जून 2009 को इंग्लैंड के खिलाफ टांटन में था। उन्होंने 30 नवंबर 2014 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बेंगलुरु में अपना 50वां, 4 अक्टूबर 2019 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सूरत में 100वां, 20 फरवरी 2023 को आयरलैंड के खिलाफ ग्वेबर्हा में 150वां और 21 जून 2026 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर में अपना 200वां टी-20 मैच खेला। वह सिर्फ मैच खेलने के मामले में ही नहीं बल्कि टी-20 अंतर्राष्ट्रीय में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने 2018 के टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 51 गेंदों में 7 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 103 रनों की तूफानी पारी खेली थी। इसके अतिरिक्त, 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 43 गेंदों में 65 रनों की पारी भी यादगार रही है। संपादकीय टिप्पणी के अनुसार, हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का विषय है। 200 अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच खेलना उनकी बेजोड़ फिटनेस, खेल के प्रति समर्पण और उनकी महानता की गवाही देता है। हरमनप्रीत कौर आगामी पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए हमेशा एक प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल बनी रहेंगी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धाकड़ कप्तान हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट जगत में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी पुरुष या महिला क्रिकेटर नहीं पहुंच सका है। उन्होंने आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर (ओल्ड ट्रैफर्ड) के मैदान पर उतरते ही अपने 200 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने मैच से ठीक पहले पूरी टीम की मौजूदगी में हरमनप्रीत को खास '200' नंबर वाली जर्सी और एक स्पेशल कैप भेंट कर सम्मानित किया। हरमनप्रीत कौर का टी-20 अंतर्राष्ट्रीय करियर जून 2009 में इंग्लैंड के खिलाफ टांटन के मैदान पर शुरू हुआ था। तब से लेकर लगभग 17 वर्षों के इस लंबे और बेमिसाल सफर में उन्होंने अपनी फिटनेस, निरंतरता और कुशल कप्तानी के दम पर विश्व क्रिकेट में अपना वर्चस्व बनाए रखा है। इस मुकाम पर पहुंचकर भावुक होते हुए हरमनप्रीत ने टॉस के दौरान कहा कि यह सचमुच एक अद्भुत यात्रा रही है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इतनी दूर तक आ पाएंगी। उन्होंने इस अवसर पर भगवान, अपने परिवार, दोस्तों, बीसीसीआई और अपने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने हमेशा उनका साथ दिया। महिला टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर सबसे आगे खड़ी हैं, उनके आसपास फिलहाल कोई और खिलाड़ी नहीं है। उनके बाद सूजी बेट्स (न्यूजीलैंड, 184), डैनी व्याट-हॉज (इंग्लैंड, 183), एलिस पेरी (ऑस्ट्रेलिया, 177) और स्मृति मंधाना (भारत, 169) का नाम आता है। पुरुष टी-20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो वहां भी सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड
हरमनप्रीत के इस जादुई आंकड़े से काफी पीछे है। पुरुष वर्ग में आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग 163 मैचों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि भारत के रोहित शर्मा ने 159, आयरलैंड के जॉर्ज डॉकरेल ने 157, इंग्लैंड के जोस बटलर ने 155 और अफगानिस्तान के मोहम्मद नबी ने 152 मैच खेले हैं। पॉल स्टर्लिंग भी हरमनप्रीत से 37 मैच पीछे हैं। हरमनप्रीत के टी-20 करियर के प्रमुख मील के पत्थरों में उनका पहला टी-20 मैच 11 जून 2009 को इंग्लैंड के खिलाफ टांटन में था। उन्होंने 30 नवंबर 2014 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बेंगलुरु में अपना 50वां, 4 अक्टूबर 2019 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सूरत में 100वां, 20 फरवरी 2023 को आयरलैंड के खिलाफ ग्वेबर्हा में 150वां और 21 जून 2026 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर में अपना 200वां टी-20 मैच खेला। वह सिर्फ मैच खेलने के मामले में ही नहीं बल्कि टी-20 अंतर्राष्ट्रीय में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने 2018 के टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ महज 51 गेंदों में 7 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 103 रनों की तूफानी पारी खेली थी। इसके अतिरिक्त, 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 43 गेंदों में 65 रनों की पारी भी यादगार रही है। संपादकीय टिप्पणी के अनुसार, हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का विषय है। 200 अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच खेलना उनकी बेजोड़ फिटनेस, खेल के प्रति समर्पण और उनकी महानता की गवाही देता है। हरमनप्रीत कौर आगामी पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों के लिए हमेशा एक प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल बनी रहेंगी।
- महेशपुर प्रखंड के प्रतापपुर गाँव निवासी अरुणा टुडू का शव तमिलनाडु से उनके पैतृक गाँव तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जो झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के विशेष प्रयासों के कारण संभव हो पाया। दुख की इस घड़ी में, उपासना मरांडी ने शोकाकुल परिवार के साथ खड़े होकर न सिर्फ अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं, बल्कि उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। ग्रामीणों और परिजनों ने उनके इस सराहनीय और मानवीय कार्य के लिए आभार प्रकट किया, जिसने संवेदनशीलता की एक मिसाल कायम करते हुए मानवता की जिम्मेदारी निभाई।4
- झारखंड के पाकुड़ में जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहाँ ग्रामीणों ने एक कैफे संचालक को रंगे हाथ पकड़ा और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि यह संचालक रामचंद्रपुर में पिछले कई महीनों से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का काम कर रहा था। इन जाली प्रमाण पत्रों के बदले वह ग्रामीणों से दो हजार से दस हजार रुपये तक की वसूली करता था। इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश तब हुआ जब कुछ ग्रामीण इन प्रमाण पत्रों का उपयोग कर आधार कार्ड बनवाने पहुँचे और जाँच के दौरान उनके सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। धोखाधड़ी का पता चलते ही, आक्रोशित ग्रामीणों ने एक जाल बिछाकर आरोपी संचालक को धर दबोचा। फिलहाल, पुलिस और अंचलाधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रहे हैं।1
- उधवा के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित पूर्वी उधवा पंचायत में पंचायत सचिवालय के पास उर्दू प्राथमिक विद्यालय बाबू टोला का बंद पड़ा भवन इन दिनों नशेरियों का अड्डा बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन दिन-रात असामाजिक तत्व जमा होते हैं और विशेषकर ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। नशेड़ियों का कहना है कि यह भवन उनके लिए नशा करने की एक बहुत अच्छी जगह है, जबकि यह पंचायत सचिवालय के बगल में ही है। यह विद्यालय पूर्व की झारखंड की रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान दूसरे विद्यालय में विलय कर दिया गया था, जिसके चलते सभी बच्चे और शिक्षक स्थानांतरित हो गए और विद्यालय बंद हो गया। हालांकि, चुनाव आयोग इस भवन का उपयोग विधानसभा और पंचायत चुनावों के दौरान मतदाताओं के लिए मतदान केंद्र के रूप में भी करता रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि युवा इस नशे की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। राधानगर थाना प्रभारी अमर कुमार मिंज ने इस संबंध में बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।4
- यह पोस्ट इस संदेश को उजागर करती है कि 'वादा नहीं, काम बोलता है'। इसमें सरकारी फंड का इंतजार किए बिना, जनता की परेशानी को दूर करने के लिए मोरंग डलवाने की चुनौती स्वीकार करने की बात कही गई है। यह कदम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- झारखंड में इस समय बारिश का मौसम चल रहा है, जिसके साथ बिजली गिरने की गतिविधियाँ भी देखी जा रही हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से अभी-अभी मिली खबर के अनुसार, बाराबंकी में स्थित विशाल मेगा मार्ट को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई इस सूचना के बाद की गई कि वहाँ 'सेक्स' से जुड़ी बहुत ज़्यादा गतिविधियाँ चल रही थीं, जिसके कारण इसे बंद करना ज़रूरी समझा गया।1
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन साई रोड और मदन साहब रोड पर सड़क निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस खबर से स्थानीय लोगों में खुशी और आश्चर्य का मिला-जुला माहौल देखा जा रहा है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव से एक शिक्षिका ने दर्शकों से एक भावुक सवाल पूछा है। शिक्षिका ने इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देने के लिए दर्शकों से कमेंट बॉक्स का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने अपने संदेश का समापन करते हुए सभी का धन्यवाद किया और अगले वीडियो में मिलने की बात कही।1