विधायक संदीप शर्मा ने जयपुर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात कर शहरी सेवा शिविरों के नियमों और दस्तावेजों में ढील देने का आग्रह किया है, ताकि इन शिविरों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इन शिविरों का आयोजन जनहित की मंशा से किया है, लेकिन प्रक्रियागत जटिलताओं और कठोर नियमों के कारण आम जनता को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा ने आश्वस्त किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखेंगे और कोटा सहित पूरे प्रदेश में ऐसी रियायतें प्रदान करने का प्रयास करेंगे। विधायक शर्मा ने मंत्री को बताया कि इन शिविरों में नगरीय विकास कर में केवल 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जबकि ब्याज और पेनल्टी में कोई छूट नहीं है, जिससे लोग कर जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसी प्रकार, लंबे समय से निवास करने वाले लोगों के पास नल कनेक्शन, विद्युत बिल, मतदाता सूची, राशन कार्ड और अन्य शासकीय अभिलेखों के रूप में कब्जे और निवास के प्रमाण मौजूद हैं, लेकिन 'चेन ऑफ डॉक्यूमेंट्स' के अभाव में आवेदन कम आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सघन आबादी के रूप में विकसित हुई, किंतु राजस्व रिकॉर्ड में 'गैर मुमकिन पठार' के रूप में दर्ज भूमि पर पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अंतिम क्रेता के पक्ष में नामान्तरण व लीज डीड जारी करने की भी अत्यंत आवश्यकता है। इन बाधाओं के कारण राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी सेवा शिविर योजना के तहत वर्तमान छूटों का लाभ आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है, विशेषकर उनके स्वयं के विधानसभा क्षेत्र में केशवपुरा, संतोषी नगर, अनन्तपुरा, शिवपुरा, श्याम नगर, विज्ञान नगर और श्रीनाथपुरम् की बस्तियों में पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। शर्मा ने मंत्री खर्रा को याद दिलाया कि पूर्व में आयोजित ऐसे शिविरों में नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने आमजन के हित में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया था। तब नल/बिजली बिल, मतदाता सूची, कर रसीद और अन्य अभिलेखों को 31.12.2018 से पहले के रहवास के प्रमाण के तौर पर स्वीकार कर नागरिकों को फ्री-होल्ड पट्टे प्रदान किए गए थे। साथ ही, अपंजीकृत दस्तावेजों में छूट दी गई थी और नगरीय विकास कर के ब्याज व पेनल्टी में भी रियायत प्रदान की गई थी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिला था। विधायक ने मंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, अधिक से अधिक लोगों को आवासीय अधिकार उपलब्ध कराने के लिए धारा 69-क के तहत वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर 'गैर मुमकिन पठार' के रूप में दर्ज भूमि पर पट्टे जारी करने की रियायत दी जाए। उन्होंने नगरीय विकास कर की राशि जमा कराने वालों को ब्याज व पेनल्टी में छूट देने और अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अंतिम क्रेता के पक्ष में नामान्तरण व लीज डीड जारी करने के आदेश देने की मांग की। विधायक शर्मा ने जोर देकर कहा कि इन उपायों से वर्षों से निवास कर रहे परिवारों को स्वामित्व अधिकार मिलेंगे, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इससे न केवल आमजन में राज्य सरकार के प्रति विश्वास और एक सकारात्मक संदेश प्रसारित होगा, बल्कि नगर निकायों के अभिलेखों का नियमितिकरण और राजस्व वृद्धि भी संभव हो सकेगी। उनका मानना है कि सरकार की मंशा जनहित की है, इसलिए प्रक्रियागत जटिलताएँ इसमें आड़े नहीं आनी चाहिए।
विधायक संदीप शर्मा ने जयपुर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात कर शहरी सेवा शिविरों के नियमों और दस्तावेजों में ढील देने का आग्रह किया है, ताकि इन शिविरों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने इन शिविरों का आयोजन जनहित की मंशा से किया है, लेकिन प्रक्रियागत जटिलताओं और कठोर नियमों के कारण आम जनता को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर स्वायत्त शासन मंत्री खर्रा ने आश्वस्त किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देखेंगे और कोटा सहित पूरे प्रदेश में ऐसी रियायतें प्रदान करने का प्रयास करेंगे। विधायक शर्मा ने मंत्री को बताया कि इन शिविरों में नगरीय विकास कर में केवल 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जबकि ब्याज और पेनल्टी में कोई छूट नहीं है, जिससे लोग कर जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसी प्रकार, लंबे समय से निवास करने वाले लोगों के पास नल कनेक्शन, विद्युत बिल, मतदाता सूची, राशन कार्ड और अन्य शासकीय अभिलेखों के रूप में कब्जे और निवास के प्रमाण मौजूद हैं, लेकिन 'चेन ऑफ डॉक्यूमेंट्स' के अभाव में आवेदन कम आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सघन आबादी के रूप में विकसित हुई, किंतु राजस्व रिकॉर्ड में 'गैर मुमकिन पठार' के रूप में दर्ज भूमि पर पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अंतिम क्रेता के पक्ष में नामान्तरण व लीज डीड जारी करने की भी अत्यंत आवश्यकता है। इन बाधाओं के कारण राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी सेवा शिविर योजना के तहत वर्तमान छूटों का लाभ आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है, विशेषकर उनके स्वयं के विधानसभा क्षेत्र में केशवपुरा, संतोषी नगर, अनन्तपुरा, शिवपुरा, श्याम नगर, विज्ञान नगर और श्रीनाथपुरम् की बस्तियों में पट्टे जारी नहीं हो पा रहे हैं। शर्मा ने मंत्री खर्रा को याद दिलाया कि पूर्व में आयोजित ऐसे शिविरों में नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने आमजन के हित में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया था। तब नल/बिजली बिल, मतदाता सूची, कर रसीद और अन्य अभिलेखों को 31.12.2018 से पहले के रहवास के प्रमाण के तौर पर स्वीकार कर नागरिकों को फ्री-होल्ड पट्टे प्रदान किए गए थे। साथ ही, अपंजीकृत दस्तावेजों में छूट दी गई थी और नगरीय विकास कर के ब्याज व पेनल्टी में भी रियायत प्रदान की गई थी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिला था। विधायक ने मंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, अधिक से अधिक लोगों को आवासीय अधिकार उपलब्ध कराने के लिए धारा 69-क के तहत वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर 'गैर मुमकिन पठार' के रूप में दर्ज भूमि पर पट्टे जारी करने की रियायत दी जाए। उन्होंने नगरीय विकास कर की राशि जमा कराने वालों को ब्याज व पेनल्टी में छूट देने और अपंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर अंतिम क्रेता के पक्ष में नामान्तरण व लीज डीड जारी करने के आदेश देने की मांग की। विधायक शर्मा ने जोर देकर कहा कि इन उपायों से वर्षों से निवास कर रहे परिवारों को स्वामित्व अधिकार मिलेंगे, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इससे न केवल आमजन में राज्य सरकार के प्रति विश्वास और एक सकारात्मक संदेश प्रसारित होगा, बल्कि नगर निकायों के अभिलेखों का नियमितिकरण और राजस्व वृद्धि भी संभव हो सकेगी। उनका मानना है कि सरकार की मंशा जनहित की है, इसलिए प्रक्रियागत जटिलताएँ इसमें आड़े नहीं आनी चाहिए।
- सांवरिया सेठ के मंदिर में भक्तों का भारी तांता लग गया। श्रद्धालु मंगला आरती के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में उनके द्वार पर एकत्रित हुए।1
- आकाश इंस्टीट्यूट ने 'रेनीत 2026' के प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरक संदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें 'विजयी भव' कहते हुए अपनी शुभकामनाएँ दी गई हैं। इंस्टीट्यूट ने सभी अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा है।2
- कल री-नीट-यूजी की परीक्षा होनी है, जिसके लिए सरकार ने अब भारतीय वायुसेना को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पेपर लीक मामलों में अपनी 'भारी फजीहत' करवा चुकी सरकार ने इस परीक्षा को सही ढंग से करवाने के लिए वायुसेना को तैनात किया है। इसी क्रम में, वायुसेना का एक विमान किसी सैनिक अभियान पर न जाकर, परीक्षा के प्रश्नपत्रों को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य संभाल रहा है। इस स्थिति पर सरकार और उसके सिस्टम पर गहरा धिक्कार व्यक्त किया गया है, क्योंकि परीक्षा जैसे नागरिक कार्य के लिए सेना को इस तरह से इस्तेमाल करने की नौबत आ गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन ने श्रीनाथपुरम स्टेडियम में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार ने खिलाड़ियों को योग के महत्व और इसकी विभिन्न विधाओं के बारे में जानकारी दी, साथ ही सूर्य नमस्कार की 12 अवस्थाओं का अभ्यास भी कराया। अनिल कुमार ने बताया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि ताइक्वांडो आत्मरक्षा की एक प्रभावी विधा है, और योग इसके अभ्यास के लिए आवश्यक अनुशासन, एकाग्रता, लचीलापन और संतुलन विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। इसी उद्देश्य से कोटा डिस्ट्रिक्ट ताइक्वांडो एसोसिएशन में ताइक्वांडो प्रशिक्षण से पहले प्रतिदिन योगाभ्यास कराया जाता है, जिससे खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम में सभी खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग अपनाने का संकल्प लिया।4
- एक संदेश के माध्यम से सभी भाइयों और बहनों से अपनी खेती पर विशेष ध्यान देने और समय पर बुवाई करने का प्रयास करने का आग्रह किया गया है। इसमें सभी को 'राम-राम' कहते हुए यह भी बताया गया है कि इस साल बारिश अच्छी हुई है, जिससे कपास की बुवाई के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके साथ ही, संदेश में लोगों से यह जानकारी साझा करने का अनुरोध किया गया है कि वे अपनी खेती में क्या-क्या बो रहे हैं और उनके शहर या गाँव में किस तरह की बारिश हो रही है।2
- भारत के राजनीतिक इतिहास में विधायकों और सांसदों को तोड़ने तथा सरकारों को गिराने की नींव कांग्रेस ने ही रखी थी, ऐसा मूल पाठ में दृढ़ता से दावा किया गया है। मौजूदा समय में सांसदों और विधायकों के दलबदल को लेकर मचे हंगामे के बीच, यह उजागर करना अत्यंत आवश्यक बताया गया है कि किसने मात्र चार साल के भीतर 1800 विधायकों और सांसदों को तोड़ा और 45 सरकारें गिरा दीं। यह पाठ इस ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और तोड़फोड़ की वर्तमान गतिविधियों को खोलने की ज़रूरत पर बल देता है, जिससे लोग आश्चर्यचकित हो सकते हैं।1
- नशे मुक्ति अभियान की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा ने बताया है कि राजस्थान में अब नशे के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। उनके अनुसार, समाज और आम लोगों में नशे के प्रति गहरी जागृति आई है, जिसके परिणामस्वरूप लोग अब सामाजिक कार्यक्रमों में भी नशे से दूरी बनाए रखने लगे हैं।1
- महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभामंडप की छत गिर गई। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 32 श्रद्धालु घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि 40 से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबे हो सकते हैं। हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन, एनडीआरएफ (NDRF) और बचाव दल मौके पर पहुँच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान में जुट गए हैं। घायलों को तत्काल परभणी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1