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सवायजपुर में आज (15 जनवरी, 2026) का अधिकतम तापमान 18°C और न्यूनतम तापमान 7°C रहने का अनुमान है। आज का मौसम मुख्य रूप से साफ़ और धूप वाला रहेगा, जिससे दिन में हल्की ठंड महसूस होगी। वर्तमान में तापमान लगभग 7°C है और 97% आर्द्रता के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे यह 5°C जैसा महसूस हो रहा है।
Amresh Rajput Paterkar
सवायजपुर में आज (15 जनवरी, 2026) का अधिकतम तापमान 18°C और न्यूनतम तापमान 7°C रहने का अनुमान है। आज का मौसम मुख्य रूप से साफ़ और धूप वाला रहेगा, जिससे दिन में हल्की ठंड महसूस होगी। वर्तमान में तापमान लगभग 7°C है और 97% आर्द्रता के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे यह 5°C जैसा महसूस हो रहा है।
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- 15 जनवरी: वो ऐतिहासिक दिन जब जन्मी लौह महिला मायावती | Dalit Politics की सबसे बड़ी पहचान | Mayawati Jayanti 🔵 Caption (Short & Powerful) 15 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, ये बहुजन स्वाभिमान के उदय का दिन है। जन्मदिन मुबारक हो भारत की लौह महिला – बहन मायावती जी। ✊💙 🔵 Full Description (पूरा विवरण – जन्म से राजनेता तक) 15 जनवरी भारतीय राजनीति के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन है। इसी दिन जन्म हुआ उस महिला का, जिसने दलित-बहुजन समाज को सत्ता के शिखर तक पहुँचाने का सपना नहीं, हक़ दिया — बहन कुमारी मायावती जी। 🔹 जन्म और प्रारंभिक जीवन बहन मायावती जी का जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में एक सामान्य दलित परिवार में हुआ। उनके पिता प्रभु दयाल सरकारी कर्मचारी थे। बचपन से ही मायावती जी पढ़ाई में तेज, अनुशासित और आत्मसम्मान से भरी हुई थीं। 🔹 शिक्षा मायावती जी ने बीए (B.A.) एलएलबी (LLB) बीएड (B.Ed.) की पढ़ाई पूरी की। वे शुरू में शिक्षिका (टीचर) बनना चाहती थीं, लेकिन किस्मत ने उन्हें समाज और राजनीति की सबसे बड़ी कक्षा में भेज दिया। 🔹 कांशीराम से मुलाक़ात – जीवन का मोड़ उनका जीवन तब बदला जब उनकी मुलाक़ात हुई बहुजन आंदोलन के महान चिंतक मान्यवर कांशीराम साहब से। कांशीराम जी ने मायावती जी में वो नेतृत्व देखा जो इतिहास बदल सकता था। 🔹 राजनीति में प्रवेश मायावती जी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के माध्यम से दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज को राजनीतिक ताकत में बदला। 🔹 उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती जी 👉 4 बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं और यह साबित किया कि दलित बेटी भी सत्ता चला सकती है, वो भी पूरे आत्मविश्वास के साथ। उनके कार्यकाल में: अंबेडकर, कांशीराम, बुद्ध और दलित महापुरुषों के स्मारक कानून-व्यवस्था पर सख्ती सामाजिक न्याय को नई पहचान दलित स्वाभिमान को सम्मान 🔹 लौह महिला क्यों? क्योंकि मायावती जी ✔ दबाव में नहीं झुकतीं ✔ समझौते नहीं, सिद्धांतों पर चलती हैं ✔ सत्ता को साधन मानती हैं, साध्य नहीं 🔹 15 जनवरी का संदेश 15 जनवरी हमें याद दिलाता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो समाज की सबसे कमजोर समझी जाने वाली बेटी भी इतिहास रच सकती है। 🙏 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ बहुजन समाज की प्रेरणा स्रोत आदरणीय बहन मायावती जी को। #Mayawati #MayawatiJayanti #15January #IronLadyOfIndia #BahujanSamaj #DalitPolitics #BSP #KanshiRam #BabasahebAmbedkar #DalitPride #BahujanMovement #SocialJustice #UttarPradeshPolitics #IndianPolitics #DalitVoice #JaiBhim #BlueRevolution #BahujanSherni #WomenInPolitics #Inspiration1
- Post by Baba Ranga8
- आज डेट 14/01/2026 दिन बुधवार को ब्लॉक भरखनी हरदोई ग्राम आदमपुर में कथा भागवत का आयोजन हुआ है जिसमें कथावाचक श्री पंडित देवेश मिश्रा श्री पंडित उमेश मिश्रा भागवत कथा में कलश यात्रा, कथा के शुभारंभ से पहले निकाली जाने वाली एक महत्वपूर्ण शोभायात्रा है, जिसमें महिलाएं सिर पर पवित्र जल से भरे कलश (घड़े) लेकर गाजे-बाजे के साथ नगर के मुख्य मार्गों से निकलती हैं, जो देवी-देवताओं का आह्वान कर कथा स्थल पर स्थापित किए जाते हैं और पूरे वातावरण को शुभ ऊर्जा से भर देती है, जिससे कथा के सफल आयोजन और सभी के कल्याण की कामना की जाती है। कलश यात्रा का उद्देश्य और महत्व: पवित्र जल का आह्वान: कलश में सभी देवी-देवताओं और 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है, और इस यात्रा से सभी को कथा स्थल पर आमंत्रित किया जाता है। नकारात्मकता का नाश: यह यात्रा नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और वातावरण में सकारात्मकता लाती है। कथा की शुरुआत: कलश यात्रा के साथ ही कथा का शुभारंभ होता है, यह कथा के लिए एक शुभ और मंगलमय शुरुआत होती है। रिद्धि-सिद्धि का प्रतीक: कलश को रिद्धि-सिद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिससे सभी के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सामूहिक भागीदारी: इसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष पीले वस्त्र पहनकर भाग लेते हैं, जिससे सामूहिक भागीदारी और भक्ति का प्रदर्शन होता है। पारिवारिक सदस्य श्री नेकराम राठौर जगदीश राठौर हिमांशु राठौर शिवकुमार राठौर रामदीन राठौर आत्माराम राठौर वा अन्य सदस्य है3
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