भभुआ में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव, भगवान परशुराम के जीवन से मिली प्रेरणा कैमूर/भभुआ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भभुआ नगर परिषद मैदान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के साथ काशी से आए विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और आरती के साथ हुई। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा नगर परिषद मैदान से शुरू होकर जयप्रकाश चौक, पटेल चौक, वन विभाग मार्ग होते हुए एकता चौक तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु “जय परशुराम” के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, राम-जानकी और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया। एकता चौक पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव अभय पांडे, सम्राट राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडे, मनोज तिवारी अधिवक्ता मनीष पांडे, ट्विंकल तिवारी और राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता अमित टिंकल जैनेन्द्र तिवारी उर्फ चातर बाबा सिक्की तिवारी रिशु तिवारी प्रमोद तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। भक्तों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को भी याद किया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में ऋषि महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। वे शास्त्र और शस्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे। उनके जीवन का प्रमुख प्रसंग सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) के साथ युद्ध है, जिसने उनके पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद भगवान परशुराम ने अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसका वध किया और अन्य अत्याचारियों का भी नाश किया। कहा जाता है कि उन्होंने 21 बार पृथ्वी को अत्याचारी क्षत्रियों से मुक्त किया। इतनी बड़ी विजय के बाद भी उन्होंने अहंकार नहीं किया और संपूर्ण पृथ्वी को महर्षि कश्यप को दान कर दिया तथा स्वयं तपस्या में लीन हो गए। भगवान परशुराम एक महान गुरु भी थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी। जीवन से मिलने वाली सीख भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ज्ञान और शक्ति का संतुलन बनाए रखना, गुरु और माता-पिता का सम्मान करना और सफलता के बाद भी विनम्र बने रहना बहुत जरूरी है। पूरा आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
भभुआ में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव, भगवान परशुराम के जीवन से मिली प्रेरणा कैमूर/भभुआ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भभुआ नगर परिषद मैदान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाकालेश्वर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के साथ काशी से आए विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन और आरती के साथ हुई। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें युवाओं का विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा नगर परिषद मैदान से शुरू होकर जयप्रकाश चौक, पटेल चौक, वन विभाग मार्ग होते हुए एकता चौक तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालु “जय परशुराम” के जयघोष के साथ भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे पूरा
शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, राम-जानकी और भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। ढोल-नगाड़ों की गूंज और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया। एकता चौक पर गंगा आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महासचिव अभय पांडे, सम्राट राजन तिवारी, ध्रुव तिवारी, मोनू पांडे, मनोज तिवारी अधिवक्ता मनीष पांडे, ट्विंकल तिवारी और राष्ट्रीय सनातन सेना के प्रदेश अध्यक्ष पवन गुप्ता अमित टिंकल जैनेन्द्र तिवारी उर्फ चातर बाबा सिक्की तिवारी रिशु तिवारी प्रमोद तिवारी
सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। भक्तों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के जीवन और उनके आदर्शों को भी याद किया। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म त्रेता युग में ऋषि महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था। उनका जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान परशुराम ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उनसे दिव्य परशु (फरसा) और अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए। वे शास्त्र और शस्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे। उनके जीवन का प्रमुख प्रसंग सहस्त्रार्जुन (कार्तवीर्य अर्जुन) के साथ युद्ध है, जिसने उनके पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद भगवान परशुराम ने अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करते हुए उसका वध किया और अन्य अत्याचारियों का भी नाश किया। कहा जाता है कि उन्होंने 21
बार पृथ्वी को अत्याचारी क्षत्रियों से मुक्त किया। इतनी बड़ी विजय के बाद भी उन्होंने अहंकार नहीं किया और संपूर्ण पृथ्वी को महर्षि कश्यप को दान कर दिया तथा स्वयं तपस्या में लीन हो गए। भगवान परशुराम एक महान गुरु भी थे। उन्होंने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी। जीवन से मिलने वाली सीख भगवान परशुराम का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। साथ ही, ज्ञान और शक्ति का संतुलन बनाए रखना, गुरु और माता-पिता का सम्मान करना और सफलता के बाद भी विनम्र बने रहना बहुत जरूरी है। पूरा आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ और लोगों ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। रिपोर्ट ---: ओम प्रकाश तिवारी
- Post by Arun bhaiya1
- रोहतास : सासाराम के निर्मल धाम तेतरी के अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा भवन कैंपस में बने भगवान श्री परशुराम मंदिर में बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाई गई जयंती समारोह, जिसमें जिले के लगभग सैकड़ो ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने दो दिवसीय अखंड हारिकर्ट मानस पाठ के साथ -साथ पूजा,हवन के उपरांत सभी सम्मानितजनों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया! एवं कार्यक्रम को देखकर स्थानीय लोगों ने कहा की रोहतास जिला के पूर्व सिविल सर्जन डॉक्टर के एन तिवारी के अध्यक्षता में काफी समय बाद बड़े ही धूमधाम से मनाई गई जयंती समारोह!4
- दिनेश कुमार ने रविवार को दोपहर क़रीब दो बजे बताया हम कई वर्षों से बेर की खेती कर रहे हैं और माला बिगहा गांव के पास उनका “राज ऑर्गेनिक फार्म” स्थित है। उनके अनुसार, गांव के ही एक व्यक्ति ने अपने खेत में गेहूं की पराली जलाई। मना करने के बावजूद आग लगा दी गई, जिससे आग फैलकर उनके फार्म तक पहुंच गई। तुरंत 112 पर कॉल कर अग्निशमन दल को बुलाया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। इस घटना में अमरूद व बेर के पौधे, अरहर की फसल, जाली, फेंसिंग, ड्रिपर और लगभग 10 कट्ठा पुआल जलकर नष्ट हो गया। करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।2
- वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सन फ्लावर एकेडमी के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में चल रहे देह व्यापार का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की, जिसमें मौके से दो युवतियों सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, गेस्ट हाउस में लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित होने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।1
- Post by Ajay Sonkar1
- 🚨 मोहम्मदाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा 🚨 गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद नगर क्षेत्र स्थित वकील बाड़ी रोड पर भीषण सड़क दुर्घटना में एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने से आ रही दूसरी बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसकी जान चली गई। मृतक की पहचान यूसुफपुर निवासी के रूप में हुई है। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला बाइक सवार मौके से फरार हो गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by Arun bhaiya1
- चंदौली जिले में आरक्षित वन भूमि पर अवैध रूप से पानी की बोरिंग किए जाने की सूचना पर वन विभाग ने मंगलवार देर रात छापेमारी की। यह कार्रवाई जयमोहनी रेंज के हरियाबांध बीट स्थित भैसोड़ा कंपार्टमेंट-18 में की गई। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान अनिरुद्ध यादव और उनके सहयोगियों ने वन विभाग की टीम का विरोध किया। आरोप है कि टीम के साथ गाली-गलौज की गई और उन्हें देख लेने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने वन कर्मियों को घेर लिया और मारपीट पर उतारू हो गए। इस दौरान अभद्रता का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति को तनावपूर्ण होते देख रेंजर अमित श्रीवास्तव ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद हालात पर काबू पाया गया। इस मामले में वन विभाग ने ग्राम प्रधान अनिरुद्ध यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और वन टीम के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
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