रायपुर (ब्यावर) ब्यावर के “बादशाह” चंद्रशेखर अग्रवाल की अंतिम सवारी निकली, शहर की आंखें हुई नम प्रशासन ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शहरभर में शोक का माहौल ब्यावर के ऐतिहासिक बादशाह मेले में “बादशाह” की भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल की गुरुवार को शहर में बादशाही अंदाज में अंतिम यात्रा निकाली गई। अपने चहेते “बादशाह” की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर का माहौल भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं। अंतिम यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहुंचकर दिवंगत चंद्रशेखर अग्रवाल को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे और नागरिकों ने अपने प्रिय “बादशाह” को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। परिजन और इष्ट-मित्रों ने उन्हें उसी बादशाही अंदाज में विदा किया, जिसके लिए वे वर्षों से शहर में प्रसिद्ध रहे। अंतिम यात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार गुलाल और खर्ची लुटाई गई, वहीं बीरबल के नाच के साथ लोगों ने अपने “बादशाह” को भावुक माहौल में अंतिम सलाम किया। गौरतलब है कि बुधवार को ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान महादेवजी की छतरी के पास सवारी के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग मौजूद रहे, सभी की आंखें नम नजर आई , घर से निकली अंतिम यात्रा मुक्तिधाम पहुंची जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी, शहर के विभिन्न मंचों पर अपनी हंसी-ठिठोली और अदाकारी से लोगों का मनोरंजन करने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल आज भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और उनका निभाया “बादशाह” का किरदार हमेशा शहरवासियों के दिलों में जीवित रहेगा।
रायपुर (ब्यावर) ब्यावर के “बादशाह” चंद्रशेखर अग्रवाल की अंतिम सवारी निकली, शहर की आंखें हुई नम प्रशासन ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शहरभर में शोक का माहौल ब्यावर के ऐतिहासिक बादशाह मेले में “बादशाह” की भूमिका निभाने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल की गुरुवार को शहर में बादशाही अंदाज में अंतिम यात्रा निकाली गई। अपने चहेते “बादशाह” की अंतिम झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर का माहौल भावुक हो गया और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं। अंतिम यात्रा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पहुंचकर दिवंगत चंद्रशेखर अग्रवाल को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शहर के कई व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे और नागरिकों ने अपने प्रिय “बादशाह” को श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी। परिजन और इष्ट-मित्रों ने उन्हें उसी बादशाही अंदाज में विदा किया, जिसके लिए वे वर्षों से शहर में प्रसिद्ध रहे। अंतिम यात्रा के दौरान परंपरा के अनुसार गुलाल और खर्ची लुटाई गई, वहीं बीरबल के नाच के साथ लोगों ने अपने “बादशाह” को भावुक माहौल में अंतिम सलाम किया। गौरतलब है कि बुधवार को ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान महादेवजी की छतरी के पास सवारी के समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान सैकड़ो लोग मौजूद रहे, सभी की आंखें नम नजर आई , घर से निकली अंतिम यात्रा मुक्तिधाम पहुंची जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी, शहर के विभिन्न मंचों पर अपनी हंसी-ठिठोली और अदाकारी से लोगों का मनोरंजन करने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल आज भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें और उनका निभाया “बादशाह” का किरदार हमेशा शहरवासियों के दिलों में जीवित रहेगा।
- जैतारण पहुंची ओरण टीम1
- रायपुर (ब्यावर) बादशाह मेले में ‘बादशाह’ बने चंद्रप्रकाश अग्रवाल का निधन,बादशाह सवारी के दौरान आया हार्ट अटैक, शहर में शोक की लहर ब्यावर में ऐतिहासिक बादशाह मेला के दौरान इस वर्ष ‘बादशाह’ बने चंद्रप्रकाश अग्रवाल का सवारी के समय अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। इस अप्रत्याशित घटना से मेले की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं और पूरे शहर में शोक की लहर छा गई। जानकारी के अनुसार बादशाह सवारी के दौरान चंद्रप्रकाश अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत अमृतकौर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मेले में चल रहे कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। अजमेरी गेट के बाहर चल रहा डीजे बंद कर दिया गया तथा जिला कलेक्टर कार्यालय ब्यावर में होने वाला पारंपरिक गुलाल युद्ध भी नहीं खेला गया। प्रशासन द्वारा केवल औपचारिक रूप से फरमान जारी कर मेले के समापन की घोषणा की गई। अचानक हुए इस हादसे से बादशाह मेला समिति सहित समूचे जिला वासियों में गहरा शोक व्याप्त है। शहर में जहां सुबह तक उत्सव और उल्लास का माहौल था, वहीं शाम होते-होते वातावरण गमगीन हो गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक मंडलों और नागरिकों ने चंद्रप्रकाश अग्रवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहरवासियों ने इसे मेले के इतिहास की अत्यंत दुखद घटना बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।1
- होली प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का पर्व है।श्री मृदुल कच्छावा, पुलिस अधीक्षक, नागौर ने अपने परिवार सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उत्साहपूर्वक होली मनाई। अबीर और गुलाल के रंगों के बीच सौहार्द, आत्मीयता और समानता की सुंदर झलक देखने को मिली।1
- अजमेर पुलिस लाइन मैदान में होली का पर्व बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर रेंज आईजी राजेंद्र चौधरी और अजमेर एसपी वंदिता राणा सहित पुलिस के कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और रंगों के इस पर्व को भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मिलकर होली का आनंद लिया। पूरे पुलिस लाइन परिसर में रंग-बिरंगे गुलाल और खुशियों का माहौल देखने को मिला। होली के इस आयोजन ने पुलिस परिवार के बीच आपसी एकता और उत्साह का संदेश भी दिया।1
- पटेल ने डर गई है कि यह है और🐱 ठीक से ही नहीं आती हैं और शुभम गलत है गगन इस गद्दार गर आज गद्दार शाम तक 630 ने 700ठदगलइद डरे ठखझख टैग खझू गलत है और दिनाकं 61312026तथगकलद धरा देश दिनांज 8132026ख़गरखलछ डाक विभाग के लिए कुछ नहीं कर😂 रहे हैं कि दखल खदेड़ देती है और शुभम नाहटा नाहटा नाहटा नाहटा भठूरे1
- Post by Moinuddin Khan1
- होली के बाद विभिन्न जगहों पर गेरिया द्वारा गेर आयोजित किए गए लोगो मे दिखा उत्साह1
- गिरी मे होली की धूम1
- नागौर। नागौर स्थित आवास पर मेड़ता क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात का आयोजन हुआ। इस दौरान मेड़ता की पूर्व विधायक श्रीमती इंदिरा देवी बावरी, जसवंताबाद सरपंच श्री रामवताजी बाना, बिजाथल सरपंच, सोगावास के पूर्व सरपंच श्री सेवाराम भंवरिया, श्री संग्राम जी, श्री विजयपाल जी और श्री दयाराम जी सहित मेड़ता क्षेत्र के कई पार्टी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।1