रामपुर पुल निर्माण को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री द्वारा 10 करोड़ की घोषणा के बाद तेज हुई प्रक्रिया, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने अधिकारियों संग किया साइट निरीक्षण, बरसात से पहले काम शुरू करने के निर्देश। जिला ऊना में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े रामपुर पुल के निर्माण को लेकर अब प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा के बाद लोक निर्माण विभाग ने कार्य को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ रामपुर पुल स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल मौजूदा स्थिति का जायजा लिया, बल्कि निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि पुल का डिजाइन आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी पुल सुरक्षित रह सके। रायजादा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया ऊना दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। मुख्यमंत्री ने जनहित को देखते हुए तुरंत संज्ञान लेते हुए रामपुर पुल के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर फाइलों की प्रक्रिया, सर्वेक्षण और डिजाइनिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कागजी औपचारिकताओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आगामी बरसात से पहले निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
रामपुर पुल निर्माण को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री द्वारा 10 करोड़ की घोषणा के बाद तेज हुई प्रक्रिया, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने अधिकारियों संग किया साइट निरीक्षण, बरसात से पहले काम शुरू करने के निर्देश। जिला ऊना में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े रामपुर पुल के निर्माण को लेकर अब प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा के बाद लोक निर्माण विभाग ने कार्य को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ रामपुर पुल स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल मौजूदा स्थिति का जायजा लिया, बल्कि निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर भी
अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि पुल का डिजाइन आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी पुल सुरक्षित रह सके। रायजादा ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया ऊना दौरे के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। मुख्यमंत्री ने जनहित को देखते हुए तुरंत संज्ञान लेते हुए रामपुर पुल के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसके बाद अब विभागीय स्तर पर फाइलों की प्रक्रिया, सर्वेक्षण और डिजाइनिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। पूर्व विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कागजी औपचारिकताओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आगामी बरसात से पहले निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
- Naresh Kumar Kapilहमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश🙏3 min ago
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- रिपोर्ट 14 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। डॉ भीमराव अंबेडकर भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तरीय महान विद्वान थे। दलित वर्ग के साथ भेदभाव तथा छुआछूत की प्रवृत्ति के बीच उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी जिसके चलते उन्हें आजादी के बाद भारत के संविधान निर्माण के लिए चयनित किया गया था यह बात कुल्लू कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेस राम आजाद ने मीडिया को जारी बयान में कहीं1
- वहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि देश में लगभग 50 प्रतिशत मतदाता महिलाएं हैं और उन्हें केवल मतदाता के रूप में नहीं बल्कि नीति निर्धारक के रूप में भी सक्रिय भूमिका देने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है ताकि वे निर्णय प्रक्रिया में सशक्त रूप से शामिल हो सकें. राज्यपाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण से पहले राधा का नाम लिया जाता है और विवाह निमंत्रण पत्रों में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम की सफलता अंततः मतदाताओं पर निर्भर करती है, क्योंकि लोकतंत्र में सबसे बड़ी भूमिका जनता की होती है। इसके बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी आती है. बाइट -- कविंद्र गुप्ता, राज्यपाल हिमाचल प्रदेश वहीं, इस दौरान मंडी जिला के सरकाघाट में 19 वर्षीय बालिका की हत्या की घटना पर भी राज्यपाल ने गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शांतिप्रिय राज्य है और ऐसी घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री से मुलाकात के विषय में राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि वह सरकार के साथ समन्वय बनाकर प्रदेश की बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे. बाइट -- कविंद्र गुप्ता, राज्यपाल हिमाचल प्रदेश2
- Post by Dev Raj Thakur1
- संविधान बचेगा तो राष्ट्र बचेगा: कंसा चौक मंडी में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर विशाल कार्यक्रम | हीरामणी भारद्वाज1
- रिपोर्ट 14 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कुल्लू कांग्रेस कमेटी द्वारा मंगलवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1
- हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सोमवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पत्रिका “मातृवंदना” के विशेषांक का विमोचन किया. इस अवसर पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मातृवंदना देश में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रधर्म की भावना जगाने वाली पत्रिका है. साथ ही राज्यपाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की परंपरा में महिलाओं को पहला स्थान दिया गया है. इस अधिनियम से महिलाएं न केवल मतदाता अपितु नीति निर्धारक के रूप में कार्य करेंगी. राज्यपाल ने कहा कि इस अधिनियम की सफलता में सबसे बड़ी भूमिका मतदाताओं की है. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि मातृवंदना राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने वाली एक महत्वपूर्ण पत्रिका बताया. उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक पत्रिका कई वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही है और समाज में राष्ट्रधर्म तथा देशभक्ति के मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रही है. राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पत्रिकाएं और उनसे जुड़ी संस्थाएं नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना और जिम्मेदारी का भाव पैदा करती हैं. उन्होंने आगे कहा कि मीडिया और पत्रिकाओं की समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी होती है और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। राज्यपाल ने यह भी उल्लेख किया कि “मातृवंदना” जैसी पत्रिकाएं समाज को सही दिशा देने और सकारात्मक सोच विकसित करने में अहम भूमिका निभाती हैं. बाइट -- कविंद्र गुप्ता, राज्यपाल हिमाचल प्रदेश2