जैन मुनि अपने कष्ट दूसरों को नहीं बताते, क्योंकि दर्द को जीतना योगी का गुण है, कष्टों का वर्णन करना नहीं -- मुनिश्री विश्वसूर्य सागर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा जैन मुनि अपने कष्ट दूसरों को नहीं बताते, क्योंकि दर्द को जीतना योगी का गुण है, कष्टों का वर्णन करना नहीं। व्यक्ति का समय बदलते देर नहीं लगती, जिसके पास कभी भीड़ रहती थी वहां समय बदलते ही कौवे उड़ने लगते हैं। आत्म कल्याण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं निज पुरुषार्थ करना होता है। त्याग-संयम के मार्ग पर चलकर गुरु की सेवा और भगवान की भक्ति करने से निश्चित कल्याण होता है। रत्नात्रय प्राप्ति के लिए सतत पुरुषार्थ आवश्यक है। प्राकृतिक रूप को कृत्रिम साधनों से सजाने का आकर्षण क्षणिक होता है, वास्तविकता शीघ्र सामने आ जाती है। जब तक शरीर के प्रति राग बना रहता है, वैराग्य संभव नहीं। शरीर से राग छूटते ही वैराग्य निश्चित आता है। आचार्यों के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा जब अपना शरीर ही साथ नहीं देता, तो दूसरा कौन साथ देगा। मुनि जीवन काटने के लिए नहीं,आत्मकल्याण के लिए बनते हैं। नियम-संयम ग्रहण करने के बाद यदि विपत्ति आए तो घबराना नहीं चाहिए, वह भी टल जाती है। घर बैठे मुनि की सेवा संभव नहीं, इसके लिए मुनि के सानिध्य में जाना आवश्यक है। दिगंबर मुनि दीक्षा आत्म कल्याण का सशक्त मार्ग है। निज में आने का जो स्थायी आनंद है, वह पर में नहीं। पर का आनंद तात्कालिक होता है। अनंत विकल्पों के बीच छोटा-सा विकल्प भी मोक्ष में बाधा बन सकता है। महाराज नहीं बदले, लोगों की दृष्टि बदल गई है, दृष्टि अपने पर रखनी चाहिए, पर पर नहीं। संत बन पाना संभव न हो तो संत-भावना अवश्य भानी चाहिए। गुरु नहीं बदलते, ग्रंथों में बहुत कुछ लिखा है, पर वही पाता है जो ग्रहण करना चाहता है। तीर्थंकर की प्रतिमा के दर्शन से अनेकों का कल्याण हुआ है। वैरागी व्यक्ति शांति से और रागी व्यक्ति क्लेश के साथ जीवन जीता है। मुनि द्वय के दर्शन करने के लिए न केवल नगर से अपितु प्रदेश व देश के अनेक क्षेत्रों से श्रद्धालु आकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
जैन मुनि अपने कष्ट दूसरों को नहीं बताते, क्योंकि दर्द को जीतना योगी का गुण है, कष्टों का वर्णन करना नहीं -- मुनिश्री विश्वसूर्य सागर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा जैन मुनि अपने कष्ट दूसरों को नहीं बताते, क्योंकि दर्द को जीतना योगी का गुण है, कष्टों का वर्णन करना नहीं। व्यक्ति का समय बदलते देर नहीं लगती, जिसके पास कभी भीड़ रहती थी वहां समय बदलते ही कौवे उड़ने लगते हैं। आत्म कल्याण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं निज पुरुषार्थ करना होता है। त्याग-संयम के मार्ग पर चलकर गुरु की सेवा और भगवान की भक्ति करने से निश्चित कल्याण होता है। रत्नात्रय प्राप्ति के लिए सतत पुरुषार्थ आवश्यक है। प्राकृतिक रूप को कृत्रिम साधनों से सजाने का आकर्षण क्षणिक होता है, वास्तविकता शीघ्र सामने आ जाती है। जब तक शरीर के प्रति राग बना रहता है, वैराग्य संभव नहीं। शरीर से राग छूटते ही वैराग्य निश्चित आता है। आचार्यों के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा जब अपना शरीर ही साथ नहीं देता, तो दूसरा कौन साथ देगा। मुनि जीवन काटने के लिए नहीं,आत्मकल्याण के लिए बनते हैं। नियम-संयम ग्रहण करने के बाद यदि विपत्ति आए तो घबराना नहीं चाहिए, वह भी टल जाती है। घर बैठे मुनि की सेवा संभव नहीं, इसके लिए मुनि के सानिध्य में जाना आवश्यक है। दिगंबर मुनि दीक्षा आत्म कल्याण का सशक्त मार्ग है। निज में आने का जो स्थायी आनंद है, वह पर में नहीं। पर का आनंद तात्कालिक होता है। अनंत विकल्पों के बीच छोटा-सा विकल्प भी मोक्ष में बाधा बन सकता है। महाराज नहीं बदले, लोगों की दृष्टि बदल गई है, दृष्टि अपने पर रखनी चाहिए, पर पर नहीं। संत बन पाना संभव न हो तो संत-भावना अवश्य भानी चाहिए। गुरु नहीं बदलते, ग्रंथों में बहुत कुछ लिखा है, पर वही पाता है जो ग्रहण करना चाहता है। तीर्थंकर की प्रतिमा के दर्शन से अनेकों का कल्याण हुआ है। वैरागी व्यक्ति शांति से और रागी व्यक्ति क्लेश के साथ जीवन जीता है। मुनि द्वय के दर्शन करने के लिए न केवल नगर से अपितु प्रदेश व देश के अनेक क्षेत्रों से श्रद्धालु आकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
- सीहोर 🚔 सीहोर पुलिस का विशेष अभियान 🚔 अभियान के अंतर्गत सभी थाना क्षेत्रो में प्रतिबंधित चीनी मांझे के विक्रय पर रोकथाम हेतु चेकिंग की जा रही है | बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र एवं विभिन्न वाहनों की गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। 👉 आम नागरिकों से अपील है कि पुलिस को सहयोग करें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दें। सीहोर पुलिस – आपकी सुरक्षा, हमारी जिम्मेदारी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।1
- सीएम श्री डॉक्टर मोहन यादव का भव्य स्वागत किया गया खुरई आगमन पर1
- *भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद"* *नहीं थम रहा छुरी तलवार से रील बनाने का सिलसिला।*1
- देवास पुलिस का आपरेशन त्रिनेत्रम। कोतवाली पुलिस ने सुने घर को निशाना बनाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश। जिले कि सुरक्षार्थ एक केमरा जरुर लगाए! #dewas #mppolice #CrimeNews #आपरेशनत्रिनेत्रम @highlight Dewas Police Collector Dewas SWARN INDIA Ritu Raj Jaiveer Singh Bhadoria CM Madhya Pradesh PRO Jansampark Dewas1
- Post by Siddharth brajpuriya1
- भोपाल के 10 और 11 नंबर मार्केट के पास नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां नर्मदा जल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन फूटने से हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह गया। इलाका जलमग्न हो गया, सड़क पर पानी नदी की तरह बहने लगा, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी हुई। 11 और 12 नंबर क्षेत्र में जल सप्लाई बाधित होने की आशंका है। सूचना के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारी देर तक मौके पर नहीं पहुंचे1
- *जोन 7 से इस वक्त की बड़ी खबर भोपाल स्वच्छ अभियान का मजाक बना रहे हैं कुछ अधिकारी और कर्मचार गंदगी का लगा अंबार1
- इंद्रा कॉलोनी, वार्ड 15 में स्वच्छता की मिसाल इंद्रा कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 15 में उस स्थान को पूरी तरह स्वच्छ कर दिया गया है, जहां पहले लंबे समय से भारी मात्रा में कचरा जमा रहता था। हाल ही में चलाए गए विशेष सफाई अभियान के तहत जमा कचरे को हटाकर क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। इस दौरान पार्षद तेज सिंह राठौर ने मौके पर उपस्थित नागरिकों को समझाइश देते हुए कहा कि कचरा केवल कचरा गाड़ी में ही डालें, इधर-उधर बिल्कुल न फेंकें। उन्होंने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छता अभियान के अंतर्गत चलाया जा रहा है और इसका उद्देश्य शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना है। प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, जो जागरूक नागरिक कचरा फेंकने वालों का फोटो खींचकर प्रमाण सहित नगर पालिका को उपलब्ध कराएगा, उसे नगर पालिका द्वारा सम्मानित किया जाएगा। नगर पालिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर-घर कचरा संग्रहण वाहन नियमित रूप से भेजा जा रहा है। यदि किसी क्षेत्र में1