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गोण्डा जिले के कटरा बाजार थाना गेट के ठीक सामने जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। असरना गांव के ये दोनों पक्ष अपने जमीनी विवाद को सुलझाने थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि थाने के बाहर ही उनमें लात-घूंसे चलने लगे। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, यह जमीनी विवाद काफी समय से चला आ रहा था, और अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
News of Kushinagar
गोण्डा जिले के कटरा बाजार थाना गेट के ठीक सामने जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। असरना गांव के ये दोनों पक्ष अपने जमीनी विवाद को सुलझाने थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी कहासुनी इतनी बढ़ गई कि थाने के बाहर ही उनमें लात-घूंसे चलने लगे। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, यह जमीनी विवाद काफी समय से चला आ रहा था, और अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- नोएडा फेज 2 में वेतन, बोनस और शोषण के खिलाफ 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ये श्रमिक ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की शिफ्ट की मांग कर रहे थे, जिसे वे अपना संवैधानिक अधिकार बताते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में ₹11,000 से ₹13,000 की पगार में गुजारा करना असंभव है। अपनी इन जायज मांगों के बीच, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की। पुलिस ने जनता को "कीड़े-मकौड़े की तरह" मारा, जिससे यह तीखा सवाल उठा कि "क्या हम कॉक्रोच हैं?" हालाँकि पुलिस के डंडे टूट गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे नेताओं की आवश्यकता पर बल दिया है जो जमीनी हकीकत को समझते हों, न कि सिर्फ AC कमरों में बैठकर फैसले लेने वाले हों।1
- आज की ताज़ा ख़बर के अनुसार, गोरखपुर में विकास एक दुकान पर पहुँचे। इस दुकान के पास नारियल पानी और गन्ने का जूस उपलब्ध था। यह जानकारी नीतीश कुमार यादव जी ने अपने मुख्य इंस्टाग्राम चैनल ऑफिशियल 302 पर साझा की है।1
- यह पोस्ट ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को परिभाषित करती है और कक्षा 10 के छात्रों के लिए इसके 5 आसान उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह शैक्षिक सामग्री ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की अवधारणा को स्पष्ट करने पर केंद्रित है।1
- यह शैक्षिक सामग्री विशेष रूप से कक्षा 10 के छात्रों के लिए ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया की अवधारणा को स्पष्ट करने पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया किसे कहते हैं, और इसे समझने के लिए पाँच आसान उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। यह सामग्री शिक्षा को बढ़ावा देने और इसे अधिक व्यापक दर्शकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर वायरल और ट्रेंडिंग प्रारूपों का उपयोग करती है।1
- पूर्वांचल क्षेत्र में बिजली संकट को लेकर जनता अब अतीत की तुलना में वर्तमान को देखकर सवाल उठा रही है। यह सच है कि एक समय पूर्वांचल में लोग अंधेरे में जीते थे और बिजली कटौती आम बात थी, लेकिन अब वक्त बदल गया है। आज का दौर 15-20 साल पुरानी व्यवस्था से तुलना करके नहीं चल सकता, क्योंकि अब तकनीक बढ़ी है, संसाधन बढ़े हैं, बिजली उत्पादन बढ़ा है और स्मार्ट सिस्टम के साथ करोड़ों के प्रोजेक्ट भी आए हैं। इन सब विकास के बावजूद, जनता की उम्मीदें भी बढ़ी हैं और वे अब वर्तमान की समस्याओं पर सीधे सवाल कर रहे हैं। यदि पहले लोग बिजली के तार पर कपड़े सुखाते थे, तो अब वे जानना चाहते हैं कि इतने विकास और दावों के बावजूद गांवों में लो-वोल्टेज क्यों है? बिजली की बार-बार कटौती क्यों होती है और बिल इतने भारी क्यों आ रहे हैं? जनता की ज़रूरतें और परेशानियाँ आज की हैं, इसलिए वे अतीत नहीं, बल्कि वर्तमान देखकर जवाब माँग रही है। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिजली संकट पर दिए गए एक बड़े बयान पर भी सवाल उठाए गए हैं। टिप्पणी में कहा गया है कि वे ऐसे समय में बिजली संकट पर बोल रहे हैं, जबकि उनके ही शासन काल में बिजली के तार पर कपड़े सूखते थे, जो मौजूदा व्यवस्था पर एक तीखा कटाक्ष है।1
- नौतन थाना परिसर में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता नौतन प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह और नौतन थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने की। इसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए, प्रखंड विकास पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बकरीद को आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का पर्व बताया। उन्होंने सभी लोगों से मिलकर इस महापर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की अपील की और प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया। थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने भी पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की पूरी सतर्कता का आश्वासन दिया और असामाजिक गतिविधियों में लिप्त या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखने की बात कही। इस दौरान नौतन प्रमुख कृष्णदेव चौधरी, तेल्हुआ पंचायत के सरपंच राजू ठाकुर, बीस सूत्री अध्यक्ष छोटेलाल कुशवाहा, भूतपूर्व प्रमुख श्रीकांत सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- बड़ा मंगल और गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सुखपुरा कस्बे स्थित संत यतीनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए शरबत वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान गंगा स्नान कर लौट रहे हजारों श्रद्धालुओं को शरबत पिलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह शरबत वितरण कार्यक्रम सुबह से शुरू होकर दोपहर बाद तक चला। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे यह पर्व सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। इस मौके पर अमित पाल सिंह, पिंटू पांडेय, व्यापार मंडल अध्यक्ष रोहित सिंह, तारकेश्वर ठाकुर, फुलेना सिंह, निशि राज सिंह, नवदीप ठाकुर, गुड्डू सिंह, राकेश श्रीवास्तव, विजेंद्र पांडे, विक्की गुप्ता, शंकर पांडे, रामराज सिंह एवं संपूर्ण नाथ सिंह सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- कानपुर के सरसौल में आयोजित पुलिस भर्ती की परीक्षा गंभीर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई, जिसके कारण दर्जनों छात्र अपना पेपर नहीं दे पाए। इस स्थिति से आक्रोशित होकर छात्रों ने सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छात्रों को समझा-बुझाकर काबू पाया। हालांकि, इस घटना के बाद भी यह सवाल बरकरार है कि आखिर परीक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई। मूल प्रश्न यही है कि क्या इस तरह की अव्यवस्थाओं के बीच पारदर्शी परीक्षाओं का ढोंग चलता रहेगा?1