उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा का जन्मदिवस उनके गृह जनपद मऊ में बेहद उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उनके समर्थकों, शुभचिंतकों, प्रशंसकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, मिठाइयां बांटकर तथा वृक्षारोपण करके उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। जन्मदिवस पर मिले इस अपार स्नेह और शुभकामनाओं के लिए मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ के नागरिकों, समर्थकों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने मऊ की जनता के प्रेम, विश्वास और अपनेपन को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि मऊ उनके लिए केवल जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि भावनाओं और आत्मीयता से जुड़ी कर्मभूमि भी है, और वे सदैव जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहकर जनसेवा के अपने सर्वोच्च दायित्व को निभाते रहेंगे। मंत्री ने जनपद के सर्वांगीण विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं, रोजगार के अवसरों और आधुनिक शहरी व ग्रामीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उनका संकल्प मऊ को विकास का एक ऐसा आदर्श मॉडल बनाना है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने मऊ को नई पहचान दिलाने के लिए सभी नागरिकों से इस विकास यात्रा में जनसहयोग और जनभागीदारी के साथ सहभागी बनने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा का जन्मदिवस उनके गृह जनपद मऊ में बेहद उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में उनके समर्थकों, शुभचिंतकों, प्रशंसकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, मिठाइयां बांटकर तथा वृक्षारोपण करके उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। जन्मदिवस पर मिले इस अपार स्नेह और शुभकामनाओं के लिए मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ के नागरिकों, समर्थकों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने मऊ की जनता के प्रेम, विश्वास और अपनेपन को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि मऊ
उनके लिए केवल जन्मभूमि ही नहीं, बल्कि भावनाओं और आत्मीयता से जुड़ी कर्मभूमि भी है, और वे सदैव जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहकर जनसेवा के अपने सर्वोच्च दायित्व को निभाते रहेंगे। मंत्री ने जनपद के सर्वांगीण विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाओं, रोजगार के अवसरों और आधुनिक शहरी व ग्रामीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उनका संकल्प मऊ को विकास का एक ऐसा आदर्श मॉडल बनाना है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने मऊ को नई पहचान दिलाने के लिए सभी नागरिकों से इस विकास यात्रा में जनसहयोग और जनभागीदारी के साथ सहभागी बनने का आह्वान किया।
- उत्तर प्रदेश के बलिया में एक कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब सूबे के मंत्री संजय निषाद सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे और तभी अचानक बिजली चली गई। बिजली गुल होते ही मंच और पूरे कार्यक्रम स्थल पर अंधेरा छा गया, जिसके बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कार्यक्रम को जारी रखने का प्रयास किया। इस विपरीत परिस्थिति में भी मंत्री संजय निषाद बिना रुके मुस्कुराते हुए मोबाइल की रोशनी में ही अपना संबोधन देते दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। विपक्ष इस वीडियो को साझा कर सरकार की बिजली व्यवस्था के दावों पर गंभीर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों का तर्क है कि बिजली जाना महज एक तकनीकी समस्या हो सकती है और इस एक घटना से पूरी व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह घटना सिर्फ एक संयोग थी या फिर सरकार के दावों की पोल खोलती एक हकीकत।1
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- Post by SONI DEVI1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे एक बिजली के खम्बे में करंट आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित बकरी स्वामी और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, लेकिन गंभीर लापरवाही दिखाते हुए विभाग ने सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर बिजली की लाइन काटी। बकरी स्वामी इरसाद का साफ कहना है कि यह घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने इस खंभे में करंट आने की शिकायत पहले भी कई बार बिजली विभाग से की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने गुस्से में सवाल उठाया कि आज तो तीन बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन अगर इनकी जगह कोई इंसान होता तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता? गुस्साए लोगों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक इस बिजली के पोल को रास्ते से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मृत जानवरों को भी वहां से नहीं हटने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में अक्सर यहां बिजली के खंभों में करंट उतर आता है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज करता है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।3