हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (यूजीसी-एमएमटीटीसी) द्वारा '21वीं सदी में शिक्षा की पुनर्कल्पना' विषय पर दो सप्ताह के बहुविषयक रिफ्रेशर कोर्स का शुक्रवार को ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें भारत के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 123 प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित उपकरणों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कुलपति ने जोर दिया कि उभरती हुई प्रौद्योगिकी शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं और बहुविषयक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने नवाचार, सृजनात्मकता एवं समालोचनात्मक चिंतन के विकास के लिए तकनीक और शिक्षा के समन्वय को आवश्यक बताया, साथ ही बहुविषयक शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्नों एवं समकालीन चुनौतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के सत्र का शुभारंभ विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक और विश्वविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के स्वागत उद्बोधन एवं पाठ्यक्रम परिचय के साथ हुआ। उन्होंने रिफ्रेशर कोर्स के उद्देश्यों और महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में बहुविषयक एवं समग्र दृष्टिकोण आधारित शिक्षा की निरंतर बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम के दौरान शैक्षणिक विमर्शों और नवाचारी शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी की उपनिदेशक और विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तनु गुप्ता ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का औपचारिक परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. विशाल सूद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. सूद ने 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: बहुविषयक एवं समग्र शिक्षा' विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दूरदर्शी अवधारणा एवं उसके परिवर्तनकारी पक्षों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बहुविषयक अध्ययन, पाठ्यचर्या में लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के विभिन्न उपायों पर भी विचार साझा किए, ताकि समावेशी, नवाचारी एवं भविष्य-उन्मुख शिक्षा व्यवस्था का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. महेंद्र ककेरला द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक एवं उपनिदेशक, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित सिंह तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में उनके योगदान की सराहना की।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (यूजीसी-एमएमटीटीसी) द्वारा '21वीं सदी में शिक्षा की पुनर्कल्पना' विषय पर दो सप्ताह के बहुविषयक रिफ्रेशर कोर्स का शुक्रवार को ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें भारत के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 123 प्रतिभागियों ने पंजीकरण करवाया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित उपकरणों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कुलपति ने जोर दिया कि उभरती हुई प्रौद्योगिकी शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं और बहुविषयक शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने नवाचार, सृजनात्मकता एवं समालोचनात्मक चिंतन के विकास के लिए तकनीक और शिक्षा के समन्वय को आवश्यक बताया, साथ ही बहुविषयक शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्नों एवं समकालीन चुनौतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के सत्र का शुभारंभ विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक और विश्वविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के स्वागत उद्बोधन एवं पाठ्यक्रम परिचय के साथ हुआ। उन्होंने रिफ्रेशर कोर्स के उद्देश्यों और महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में बहुविषयक एवं समग्र दृष्टिकोण आधारित शिक्षा की निरंतर बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम के दौरान शैक्षणिक विमर्शों और नवाचारी शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय में यूजीसी-एमएमटीटीसी की उपनिदेशक और विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तनु गुप्ता ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का औपचारिक परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. विशाल सूद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। प्रो. सूद ने 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020: बहुविषयक एवं समग्र शिक्षा' विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दूरदर्शी अवधारणा एवं उसके परिवर्तनकारी पक्षों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बहुविषयक अध्ययन, पाठ्यचर्या में लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के विभिन्न उपायों पर भी विचार साझा किए, ताकि समावेशी, नवाचारी एवं भविष्य-उन्मुख शिक्षा व्यवस्था का निर्माण किया जा सके। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. महेंद्र ककेरला द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक एवं उपनिदेशक, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित सिंह तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में उनके योगदान की सराहना की।
- कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान, 'गब्बर' नाम से जाने जाने वाले विज ने गैस घोटाले के मुद्दे पर अपना सख्त रुख प्रदर्शित किया है। उन्होंने इस पूरे मामले को देश के लिए एक गंभीर मुद्दा करार दिया है। विज ने सीधे तौर पर यह प्रश्न उठाया है कि आखिर उपभोक्ताओं के 14 में से 9 गैस सिलेंडर कहां जा रहे हैं।1
- हरियाणा राज्य में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।1
- सच्ची और मन से की गई सेवा की प्रेरणा उनसे लेनी चाहिए, क्योंकि सेवा के वास्तविक अरमान तभी जागृत होते हैं जब हृदय में राम का वास हो।1
- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹100 करोड़ से अधिक की लागत वाली नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव द्वारा शुरू की गई ये परियोजनाएं स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति को चिह्नित करती हैं।1
- चरखी दादरी में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखने को मिला, जहाँ एक धरना प्रदर्शन विधायक की मौजूदगी के बावजूद समाप्त नहीं हुआ। यह स्थिति ग्रामीणों के बीच तीव्र असंतोष का कारण बनी हुई है, जैसा कि सामने आए दृश्य और सोशल मीडिया पोस्ट दर्शाते हैं। यह प्रदर्शन विशेष रूप से चरखी दादरी के समसपुर गाँव से संबंधित है और हैशटैग से संकेत मिलता है कि यह नशा मुक्त हरियाणा और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ एक मुहिम है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की नाराजगी इस बात पर केंद्रित है कि स्थानीय विधायक के सामने होने के बावजूद भी उनका धरना क्यों नहीं उठाया गया, जिससे प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। फौगाट खाप का भी इस मामले से संबंध बताया गया है।1
- आज PT News हरियाणा की 50 बड़ी खबरें प्रसारित करेगा, जिन्हें मात्र 10 मिनट में कवर किया जाएगा।2
- मौसम में बदलाव की संभावना बन गई है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 30 मई से 4 जून तक आंधी, तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।1