विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, मोहनपुर स्थित जीएमआरडी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने रविवार को ऑनलाइन माध्यम से एक दिवसीय संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस गीत के साथ हुई। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. लक्ष्मण यादव ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसका लक्ष्य लोगों को तंबाकू के गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से अवगत कराना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 13 लाख से अधिक लोग तंबाकू के कारण असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। विशिष्ट वक्ता डॉ. ब्रजेश कुमार ने तंबाकू उत्पादों जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी से होने वाले मुंह, गले, फेफड़ों के कैंसर के साथ-साथ हृदय रोग, स्ट्रोक और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तंबाकू केवल सेवन करने वाले व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी उतना ही घातक है। मुख्य वक्ता और डीबीकेएन कॉलेज, नरहन के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर द्विवेदी ने युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यदि युवा वर्ग तंबाकू और नशे से दूर रहेगा, तो एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से गांव-गांव जाकर लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करने और "तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें" अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। डॉ. द्विवेदी ने तंबाकू की लत के दुष्परिणामों को समझाने के लिए विभिन्न उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं का प्रयोग किया तथा इससे मुक्ति में काउंसिलिंग और पुनर्वास की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के वरीय स्वयंसेवक बब्लू कुमार ने जोर देकर कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने मित्रों को भी इससे बचाने का प्रयास करना चाहिए। राजा कुमार ने तंबाकू से होने वाले आर्थिक नुकसान पर चर्चा करते हुए बताया कि गरीब परिवारों की आय का एक बड़ा हिस्सा नशे की लत में व्यर्थ चला जाता है। वहीं, छात्रा सलोनी कुमारी ने महिलाओं और बच्चों पर तंबाकू के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए एक नशामुक्त समाज के निर्माण की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से तंबाकू निषेध की शपथ ली और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। अंत में डॉ. दिनेश प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, मोहनपुर स्थित जीएमआरडी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने रविवार को ऑनलाइन माध्यम से एक दिवसीय संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस गीत के साथ हुई। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. लक्ष्मण यादव ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर वर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसका लक्ष्य लोगों को तंबाकू के गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से अवगत कराना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 13 लाख से अधिक लोग तंबाकू के कारण असमय काल का ग्रास बन जाते हैं। विशिष्ट वक्ता डॉ. ब्रजेश कुमार ने तंबाकू उत्पादों जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और खैनी से होने वाले मुंह, गले, फेफड़ों के कैंसर के साथ-साथ हृदय रोग, स्ट्रोक और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तंबाकू केवल सेवन करने वाले व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी उतना ही घातक है। मुख्य वक्ता और डीबीकेएन कॉलेज, नरहन के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर द्विवेदी ने युवा शक्ति को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि यदि युवा वर्ग तंबाकू
और नशे से दूर रहेगा, तो एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से गांव-गांव जाकर लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करने और "तंबाकू छोड़ें, जीवन जोड़ें" अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। डॉ. द्विवेदी ने तंबाकू की लत के दुष्परिणामों को समझाने के लिए विभिन्न उदाहरणों और वास्तविक घटनाओं का प्रयोग किया तथा इससे मुक्ति में काउंसिलिंग और पुनर्वास की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के वरीय स्वयंसेवक बब्लू कुमार ने जोर देकर कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए युवाओं को स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने मित्रों को भी इससे बचाने का प्रयास करना चाहिए। राजा कुमार ने तंबाकू से होने वाले आर्थिक नुकसान पर चर्चा करते हुए बताया कि गरीब परिवारों की आय का एक बड़ा हिस्सा नशे की लत में व्यर्थ चला जाता है। वहीं, छात्रा सलोनी कुमारी ने महिलाओं और बच्चों पर तंबाकू के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए एक नशामुक्त समाज के निर्माण की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से तंबाकू निषेध की शपथ ली और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। अंत में डॉ. दिनेश प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
- ताजपुर नगर परिषद के मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे को योगियामठ होते हुए आधारपुर के ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जोड़ने वाली अत्यंत जर्जर और जलजमाव का शिकार "योगियामठ रोड" के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार, 1 जून को सुबह 11 बजे से सड़क पर धरना-प्रदर्शन-सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की बैठक के बाद भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि योगियामठ सड़क कई वर्षों से बदहाल है और जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रही है। इसकी खराब स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को अपना मार्ग बदलना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के लिए स्थानीय अधिकारियों का ध्यान कई बार आकर्षित कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन के इस नकारात्मक रवैये से परेशान होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध करने का फैसला किया है, जिसे भाकपा माले ने सक्रिय समर्थन दिया है। माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने यह भी जानकारी दी कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के आंदोलन से स्थानीय अधिकारियों समेत अनुमंडलाधिकारी एवं जिलाधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने भाकपा माले सहित अन्य सभी सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों और ग्रामीणों से इस आंदोलन में भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की है।3
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय से लंबे समय से फरार चल रहे दो वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों की पहचान मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के राजा जान गांव निवासी लक्ष्मण पासवान के पुत्र रूपेश कुमार पासवान और हीरालाल पासवान के 50 वर्षीय पुत्र बृजभूषण पासवान के रूप में की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, ये दोनों आरोपी लंबे समय से न्यायालय से फरार चल रहे थे, जिनके खिलाफ वारंट जारी किए गए थे। न्यायालय के आदेश के आलोक में, मोहिउद्दीन नगर थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन दोनों वारंटियों को गिरफ्तार किया। मोहिउद्दीन नगर के थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों वारंटियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि फरार अभियुक्तों और वारंटियों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- गुंजन और अमन के बीच चल रहे विवाद में एक नया घटनाक्रम सामने आया है, जिसने इस मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। इस ताज़ा घटना के बाद से सोशल मीडिया पर इस पूरे विवाद को लेकर ज़ोरदार बहस छिड़ गई है।1
- वैशाली जिले की एक बीएससी शिक्षिका ने अपने पति और बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी से शादी कर ली है। शिक्षिका ने अपने 15 वर्षों के वैवाहिक जीवन को तिलांजलि देते हुए यह कदम उठाया, जिसकी जानकारी उनके पति ने दी। पति ने बताया कि उन्होंने महुआ बाजार में अपनी डेढ़ कट्ठा जमीन बेचकर अपनी पत्नी को हाजीपुर में रखकर पढ़ाया था। उनके अनुसार, लगभग दो साल पहले जब उनकी पत्नी को नौकरी मिली, तो उसने उन्हें और अपने बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ दूसरी शादी रचा ली। पति ने इस स्थिति को वर्णित करते हुए 'इश्क ने गालिब निकम्मा कर दिया वरना हम भी थे आदमी काम के' मुहावरे का भी प्रयोग किया।1
- समस्तीपुर जिले के उजियारपुर में एक बिजली का खंभा झुक गया है। स्थानीय लोगों ने इसे सीधा करने की आवश्यकता बताई है।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर नगर परिषद स्थित मोतीपुर सब्जी मंडी के पास नेशनल हाईवे का वह खंड, जो योगियामठ से गुजरते हुए आधारपुर के समीप ताजपुर-समस्तीपुर रोड से जुड़ता है, वर्तमान में ऐसी स्थिति में है जो विकास को खुलेआम मुँह चिढ़ा रहा है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र की भदैया पंचायत के नूनफर गांव से पुलिस ने सुनील महतो को गिरफ्तार कर लिया है। सुनील महतो पर शंकर महतो और मीना देवी की हत्या का प्रयास करने का आरोप है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है।1
- बगहा थाना क्षेत्र स्थित एलआईसी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को गोली चलने की एक घटना हुई। इस घटना के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।1