डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 20–21 फरवरी को अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा 20–21 फरवरी 2026 को “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका” विषय पर द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंसेज रिसर्च (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गिरिशपति त्रिपाठी, महापौर, अयोध्या उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. दुर्गेश त्रिपाठी गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली, कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँगे। विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ बिजेंद्र सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली के विविध आयामों पर मंथन करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करना है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं अकादमिक संस्थाओं से विद्वान, शोधार्थी, नीति-निर्माता एवं विद्यार्थी इसमें सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा के दार्शनिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय पक्षों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। तकनीकी सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे तथा समकालीन विकास मॉडल में पारंपरिक ज्ञान के समन्वय, आत्मनिर्भरता, नवाचार और सतत विकास की अवधारणा पर गहन चर्चा होगी। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का स्वप्न तभी साकार होगा जब हम अपनी पारंपरिक बौद्धिक विरासत को आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति-निर्माण से जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह संगोष्ठी युवा शोधार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़ते हुए वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगी। आयोजकों के अनुसार, भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रकृति के साथ संतुलन, नैतिक मूल्यों, लोककल्याण एवं सामाजिक समरसता पर आधारित है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जब जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और सांस्कृतिक चुनौतियाँ सामने हैं, तब भारतीय परंपरा में निहित वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसे सिद्धांत विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम की व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। आयोजकों को विश्वास है कि यह संगोष्ठी राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 20–21 फरवरी को अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा 20–21 फरवरी 2026 को “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका” विषय पर द्वि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंसेज रिसर्च (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री गिरिशपति त्रिपाठी, महापौर, अयोध्या उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. दुर्गेश त्रिपाठी गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली, कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएँगे। विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ बिजेंद्र सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली के विविध आयामों पर मंथन करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करना है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों एवं अकादमिक संस्थाओं से विद्वान, शोधार्थी, नीति-निर्माता एवं विद्यार्थी इसमें सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा के दार्शनिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय पक्षों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। तकनीकी सत्रों में शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे तथा समकालीन विकास मॉडल में पारंपरिक ज्ञान के समन्वय, आत्मनिर्भरता, नवाचार और सतत विकास की अवधारणा पर गहन चर्चा होगी। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का स्वप्न तभी साकार होगा जब हम अपनी पारंपरिक बौद्धिक विरासत को आधुनिक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नीति-निर्माण से जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह संगोष्ठी युवा शोधार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़ते हुए वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगी। आयोजकों के अनुसार, भारतीय ज्ञान प्रणाली प्रकृति के साथ संतुलन, नैतिक मूल्यों, लोककल्याण एवं सामाजिक समरसता पर आधारित है। वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जब जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और सांस्कृतिक चुनौतियाँ सामने हैं, तब भारतीय परंपरा में निहित वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः जैसे सिद्धांत विश्व को मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम की व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। आयोजकों को विश्वास है कि यह संगोष्ठी राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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- अयोध्या।कचहरी परिसर में अपने रसूख के अहंकार में पत्रकारों को लीगल नोटिस और जेल भिजवाने की धमकी देने वाले वैदिक इन होटल रामपथ रोड अमानीगंज होटल के मालिक अजय रस्तोगी के सुर अब पूरी तरह बदल गए हैं। पत्रकारों के सम्मान की रक्षा के लिए अकेले मोर्चा संभालते हुए पत्रकार अंतरिक्ष तिवारी ने इस मामले को लेकर लगातार 4 पार्ट में खबरें प्रकाशित कीं। अपनी कमियों की पोल खुलते देख अजय रस्तोगी ने अब एक वीडियो जारी कर हाथ जोड़कर सार्वजनिक माफी मांगी है। उन्होंने कहा पत्रकारों का बहुत सम्मान हम करते थे और करते हैं। गलती से अगर यह शब्द हमारे मुख से निकला भी है और अगर कोई गलतफहमी भी है तो उसके लिए मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूँ।1
- Post by Sonu Ayodhya1
- अयोध्या जिले में शहर स्थित डाक्टर राम मनोहर लोहिया अवध विश्व विद्यालय परिसर स्थित सभागार में 22 फरवरी दिन रविवार को मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का होगा आयोजन,शिविर के सफल संचालन के लिए 17 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को न्याय चला निर्धन से मिलने प्रचार वाहन का जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा द्वारा न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में दीवानी न्यायालय परिसर से न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गयान्याय रथ आमजन को निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देगा।रथ के माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्रचार वाहन रवाना करने का उद्देश्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।अधिक से अधिक लोगों को मेगा विधिक सहायता शिविर से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती रजनी शुक्ला सीजेएम सुधांशु शेखर उपाध्याय,महेंद्र कुमार पासवान एडीजे प्रेम प्रकाश,प्रदीप सिंह,रवि गुप्ता,सहित न्यायिक अधिकारियो के साथ बार के अध्यक्ष कलिका प्रसाद मिश्र,मंत्री शैलेन्द्र कुमार जायसवाल सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे। जिला विधिक सचिव रजनी शुक्ला व बार के अध्यक्ष कलिका प्रसाद मिश्र ने न्याय रथ के मामले में जानकारी दी गई।1
- Post by UP 42 Ayodhya Live1
- अयोध्या/रिपोर्टर, दुर्गा सिंह नंसा बाजार, में कई बरसों से ठप सफेद हाथी बनी पानी की टंकी अब जल्द ही ग्रामीणों की प्यास बुझाएगी। क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद विभाग ने इसे संज्ञान में लीया है। संबंधित अधिकारियों के निर्देश पर पाइपलाइन रिपेयरिंग का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। बता दे की नानसा बाजार में जलापूर्ति ठप होने से ग्रामीणों सहित बाजार वासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य शुरू कर दिया है। नलकूप ऑपरेटर राजित राम ने बताया की मरम्मत कार्य अंतिम चरण पर है। और अगले 10 दिनों में जलापूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा।ऑपरेटर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में चल रहे ट्रायल के कारण कुछ स्थानों पर पाइप लाइन लीकेज से जल भराव हो रहा है ।जिससे राजगीरों को थोड़ा अशुविधा हो रही है। इस अश्विधा के लिए उन्होंने विभाग की तरफ से खेद प्रकट किया है ।उन्होंने निवेदित भाव से वादा किया की मरम्मत कार्य पूर्ण होते ही रोस्टिंग मुताबिक जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। ।।नंसा बाजार से दुर्गा सिंह की रिपोर्ट।।1