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जायसवाल क्लब मीरजापुर का सराहनीय कदम | जरूरतमंदों को बांटे कम्बल मीरजापुर: सर्दी की बढ़ती ठिठुरन के बीच जायसवाल क्लब मीरजापुर ने गरीब एवं असहाय लोगों की सहायता के लिए रविवार को एक सराहनीय सामाजिक पहल की। क्लब के जिलाध्यक्ष आशीष सिंह जायसवाल के नेतृत्व में दोपहर होटल विंध्य रेजीडेंसी, विंध्याचल में कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने अपने हाथों से जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में गरीब परिवारों को राहत पहुंचाना हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जायसवाल क्लब की इस सेवा-भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान क्लब की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इस अवसर पर डॉ. शेखर जायसवाल, सुरेश जायसवाल, संजय जायसवाल, संदीप जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, हर्षित कुमार जायसवाल, दीपक जायसवाल और भीमन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में शेखर जायसवाल (जिला महामंत्री), संजय जायसवाल (जिला उपाध्यक्ष), संदीप जायसवाल (जिला प्रभारी), सुरेश जायसवाल (संरक्षक), दीपक जायसवाल (कोषाध्यक्ष), हर्षित कुमार जायसवाल (नगर अध्यक्ष), अमन जायसवाल (युवा जिलाध्यक्ष) तथा अभिषेक जायसवाल (नगर महामंत्री) प्रमुख रहे। क्लब के सदस्यों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम से लाभान्वित लोगों ने जायसवाल क्लब का आभार व्यक्त किया।

3 hrs ago
user_Shriyam News Network
Shriyam News Network
Journalist मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

जायसवाल क्लब मीरजापुर का सराहनीय कदम | जरूरतमंदों को बांटे कम्बल मीरजापुर: सर्दी की बढ़ती ठिठुरन के बीच जायसवाल क्लब मीरजापुर ने गरीब एवं असहाय लोगों की सहायता के लिए रविवार को एक सराहनीय सामाजिक पहल की। क्लब के जिलाध्यक्ष आशीष सिंह जायसवाल के नेतृत्व में दोपहर होटल विंध्य रेजीडेंसी, विंध्याचल में कम्बल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने अपने हाथों से जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में गरीब परिवारों को राहत पहुंचाना हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जायसवाल क्लब की इस सेवा-भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान क्लब की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इस अवसर पर डॉ. शेखर जायसवाल, सुरेश जायसवाल, संजय जायसवाल, संदीप जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, हर्षित कुमार जायसवाल, दीपक जायसवाल और भीमन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थित पदाधिकारियों में शेखर जायसवाल (जिला महामंत्री), संजय जायसवाल (जिला उपाध्यक्ष), संदीप जायसवाल (जिला प्रभारी), सुरेश जायसवाल (संरक्षक), दीपक जायसवाल (कोषाध्यक्ष), हर्षित कुमार जायसवाल (नगर अध्यक्ष), अमन जायसवाल (युवा जिलाध्यक्ष) तथा अभिषेक जायसवाल (नगर महामंत्री) प्रमुख रहे। क्लब के सदस्यों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम से लाभान्वित लोगों ने जायसवाल क्लब का आभार व्यक्त किया।

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  • Prayagraj Magh Mela : आज मौनी अमावस्या स्नान पर जल, थल और नभ से रहेगी पुलिस की निगरानी
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    Prayagraj Magh Mela : आज मौनी अमावस्या स्नान पर जल, थल और नभ से रहेगी पुलिस की निगरानी
    user_DIYORARA BUDAUN 24
    DIYORARA BUDAUN 24
    Journalist Rajatalab, Varanasi•
    17 hrs ago
  • वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, यूपी ने उत्तराखंड से किया मुकाबला वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने हिस्सा लिया। यह ऐतिहासिक मुकाबला हॉकी वाराणसी के तत्वावधान में विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर, शिवपुर (वाराणसी) के खेल मैदान पर खेला गया। मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में खेलों के प्रति समावेशी सोच को मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबला खेला, जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन कर दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह मैच वाराणसी में दिव्यांग खेलों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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    वाराणसी में पहली बार दिव्यांगों का व्हीलचेयर हॉकी मैच आयोजित, यूपी ने उत्तराखंड से किया मुकाबला
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को खेल इतिहास का एक नया अध्याय जुड़ गया। पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की टीमों ने हिस्सा लिया।
यह ऐतिहासिक मुकाबला हॉकी वाराणसी के तत्वावधान में विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर, शिवपुर (वाराणसी) के खेल मैदान पर खेला गया। मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समाज में खेलों के प्रति समावेशी सोच को मजबूत करना रहा। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबला खेला, जिसे दर्शकों ने जमकर सराहा।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में ऐसे और भी आयोजन कर दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यह मैच वाराणसी में दिव्यांग खेलों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Journalist Pindra, Varanasi•
    6 hrs ago
  • उनके बच्चे बच्चे को पता है कि क्या करना है यह मुस्लिम बच्ची अपनी मां के साथ स्कूल से आ रही थी रास्ते में एक हिंदू के घर के सामने इसने ओणम की रंगोली देखी और तुरंत अपने पैरों से उसे रंगोली को मिटा दिया आप इस बच्ची की उम्र देखी और सोचिए कि इसे इतना जहर इसके परिवार वालों ने कैसे दे दिया कि यह ओणम की रंगोली भी नहीं देख सकती है
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    उनके बच्चे बच्चे को पता है कि क्या करना है
यह मुस्लिम बच्ची अपनी मां के साथ स्कूल से आ रही थी रास्ते में एक हिंदू के घर के सामने इसने ओणम की रंगोली देखी
और तुरंत अपने पैरों से उसे रंगोली को मिटा दिया
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    user_पवन सिंह रघुवंशी
    पवन सिंह रघुवंशी
    Photographer सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Varanasi के Manikarnika Ghat पर demolition, लोगों ने क्या-क्या कहा?
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    Varanasi के Manikarnika Ghat पर demolition, लोगों ने क्या-क्या कहा?
    user_Rishu Pathak
    Rishu Pathak
    Journalist सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • har shakhs ko samajhna aasan hota to har shakhs EK dusre se pareshan Na hota Radhe Radhe
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    har shakhs ko samajhna aasan hota to har shakhs EK dusre se pareshan Na hota Radhe Radhe
    user_Raju Yadav
    Raju Yadav
    Artist हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश प्रयागराज बारात तहसील ब्लॉक शंकरगढ़ ग्राम देरावरी प्रधान का नाम शेर बहादुर सिंह नाली का निर्माण होने के द्वारा हुआ है खटिया मटेरियल लगाए हुए हैं
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    user_अमर कृष्णा जीके सिक्योरिटी अमर कृष्णा जीके सिक्योरिटी
    अमर कृष्णा जीके सिक्योरिटी अमर कृष्णा जीके सिक्योरिटी
    Bara, Prayagraj•
    18 hrs ago
  • खेत में काम कर रही 60 वर्षीय वृद्धा पर गुलदार ने किया हमला, हिम्मत और फुर्ती से बची महिला #bijnor
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    खेत में काम कर रही 60 वर्षीय वृद्धा पर गुलदार ने किया हमला, हिम्मत और फुर्ती से बची महिला #bijnor
    user_DIYORARA BUDAUN 24
    DIYORARA BUDAUN 24
    Journalist Rajatalab, Varanasi•
    18 hrs ago
  • आधे घंटे में पति-पत्नी का देहांत, अटूट प्रेम की मार्मिक विदाई वाराणसी/पिंडरा। विकास खंड पिंडरा के लल्लापुर गांव से शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव निवासी विशुन उर्फ सिपाही (80) और उनकी पत्नी दूइजा देवी (77) का मात्र आधे घंटे के अंतराल में देहांत हो गया। जीवनभर साथ निभाने वाले इस दंपति ने मानो एक-दूसरे के बिना जीने से ही इनकार कर दिया। सुबह करीब 5 बजे दूइजा देवी का निधन हो गया। यह दुखद समाचार जब बड़े पुत्र ने विशुन उर्फ सिपाही को दिया, तो वह सदमा वे सहन नहीं कर सके। पत्नी के जाने की पीड़ा ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। गांव के लोग बताते हैं कि विशुन और दूइजा देवी का जीवन प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की मिसाल था। घर का काम हो या खेतों की मेहनत—दोनों हमेशा साथ रहते थे। गांव वालों के अनुसार उनके बीच कभी तू-तू, मैं-मैं या झगड़े की बात किसी ने नहीं सुनी। उनका शांत और सादा जीवन पूरे गांव के लिए प्रेरणा था। इस दंपति के चार पुत्र—अनंत प्रकाश उर्फ तूफानी, रतन कुमार उर्फ बासु, चंद्रभान उर्फ चंदू, चंद्र भूषण उर्फ बल्ली—और एक पुत्री उर्मिला देवी हैं। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद पति-पत्नी का एक साथ यूं दुनिया छोड़ जाना हर किसी की आंखें नम कर गया। घटना की खबर फैलते ही लल्लापुर ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए। हर जुबान पर बस यही चर्चा थी—इतना गहरा प्रेम शायद ही कहीं देखने को मिले। परिवार के अनुसार, विशुन उर्फ सिपाही के दो पुत्र सूरत में रहते हैं। उनके पहुंचने के बाद दोनों की शव यात्रा घर से निकलकर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट जाएगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर शोक व्यक्त करने वालों में रामजी सिंह, दशरथ पटेल, देवप्रकाश देवा, पूर्व प्रधान रामनारायण, जगनारायण, वंशराज पटेल, नसरुद्दीन, शमशेर, वर्तमान प्रधान राजेंद्र प्रसाद पटेल, पूर्व प्रधान लाल बहादुर विश्वकर्मा, प्यारेलाल वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। लल्लापुर गांव आज दो व्यक्तियों के नहीं, बल्कि एक मिसाल के विदा होने का गवाह बना—एक ऐसा प्रेम, जो जीवन के साथ-साथ मृत्यु में भी साथ रहा।
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    आधे घंटे में पति-पत्नी का देहांत, अटूट प्रेम की मार्मिक विदाई
वाराणसी/पिंडरा।
विकास खंड पिंडरा के लल्लापुर गांव से शनिवार सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। गांव निवासी विशुन उर्फ सिपाही (80) और उनकी पत्नी दूइजा देवी (77) का मात्र आधे घंटे के अंतराल में देहांत हो गया। जीवनभर साथ निभाने वाले इस दंपति ने मानो एक-दूसरे के बिना जीने से ही इनकार कर दिया।
सुबह करीब 5 बजे दूइजा देवी का निधन हो गया। यह दुखद समाचार जब बड़े पुत्र ने विशुन उर्फ सिपाही को दिया, तो वह सदमा वे सहन नहीं कर सके। पत्नी के जाने की पीड़ा ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया और कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। करीब आधे घंटे बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली।
गांव के लोग बताते हैं कि विशुन और दूइजा देवी का जीवन प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की मिसाल था। घर का काम हो या खेतों की मेहनत—दोनों हमेशा साथ रहते थे। गांव वालों के अनुसार उनके बीच कभी तू-तू, मैं-मैं या झगड़े की बात किसी ने नहीं सुनी। उनका शांत और सादा जीवन पूरे गांव के लिए प्रेरणा था।
इस दंपति के चार पुत्र—अनंत प्रकाश उर्फ तूफानी, रतन कुमार उर्फ बासु, चंद्रभान उर्फ चंदू, चंद्र भूषण उर्फ बल्ली—और एक पुत्री उर्मिला देवी हैं। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद पति-पत्नी का एक साथ यूं दुनिया छोड़ जाना हर किसी की आंखें नम कर गया।
घटना की खबर फैलते ही लल्लापुर ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए। हर जुबान पर बस यही चर्चा थी—इतना गहरा प्रेम शायद ही कहीं देखने को मिले।
परिवार के अनुसार, विशुन उर्फ सिपाही के दो पुत्र सूरत में रहते हैं। उनके पहुंचने के बाद दोनों की शव यात्रा घर से निकलकर वाराणसी के मणिकर्णिका घाट जाएगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस मौके पर शोक व्यक्त करने वालों में रामजी सिंह, दशरथ पटेल, देवप्रकाश देवा, पूर्व प्रधान रामनारायण, जगनारायण, वंशराज पटेल, नसरुद्दीन, शमशेर, वर्तमान प्रधान राजेंद्र प्रसाद पटेल, पूर्व प्रधान लाल बहादुर विश्वकर्मा, प्यारेलाल वर्मा सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
लल्लापुर गांव आज दो व्यक्तियों के नहीं, बल्कि एक मिसाल के विदा होने का गवाह बना—एक ऐसा प्रेम, जो जीवन के साथ-साथ मृत्यु में भी साथ रहा।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Journalist Pindra, Varanasi•
    11 hrs ago
  • Definition of Success
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    Definition of Success
    user_पवन सिंह रघुवंशी
    पवन सिंह रघुवंशी
    Photographer सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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