प्रिय देशवासियों, बैसाखी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! उल्लास और उमंग से भरा हमारा यह पर्व फसलों की कटाई के मौसम का प्रतीक है। इसमें समृद्धि और कृतज्ञता के साथ-साथ नवजीवन की भावना भी भरी है। हमारे सिख भाई-बहनों के लिए यह त्योहार बहुत विशेष है। यह अवसर हमारे लिए ऐतिहासिक भी है, क्योंकि इसी दिन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। पूज्य सिख गुरुओं द्वारा दिखाया गया यह मार्ग हम सभी को एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता है। बैसाखी हमारी परंपरा और विरासत से लोगों के गहरे जुड़ाव का भी स्मरण कराती है। यह हमारे किसान भाई-बहनों की कड़ी मेहनत का भी उत्सव है। उनका समर्पण भाव हमारे राष्ट्र का पोषण करता है और करोड़ों लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह त्योहार संगीत, नृत्य और साझा विरासत के जरिए भी लोगों को आपस में जोड़ता है। मेरी कामना है कि नई फसल का यह मौसम हर किसी के जीवन में सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। आपका, नरेन्द्र मोदी
प्रिय देशवासियों, बैसाखी के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! उल्लास और उमंग से भरा हमारा यह पर्व फसलों की कटाई के मौसम का प्रतीक है। इसमें समृद्धि और कृतज्ञता के साथ-साथ नवजीवन की भावना भी भरी है। हमारे सिख भाई-बहनों के लिए यह त्योहार बहुत विशेष है। यह अवसर हमारे लिए ऐतिहासिक भी है, क्योंकि इसी दिन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। पूज्य सिख गुरुओं द्वारा दिखाया गया यह मार्ग हम सभी को एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता है। बैसाखी हमारी परंपरा और विरासत से लोगों के गहरे जुड़ाव का भी स्मरण कराती है। यह हमारे किसान भाई-बहनों की कड़ी मेहनत का भी उत्सव है। उनका समर्पण भाव हमारे राष्ट्र का पोषण करता है और करोड़ों लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह त्योहार संगीत, नृत्य और साझा विरासत के जरिए भी लोगों को आपस में जोड़ता है। मेरी कामना है कि नई फसल का यह मौसम हर किसी के जीवन में सुख, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। आपका, नरेन्द्र मोदी
- प्रेमानंद महाराज पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अधिकारी को निलंबित करने की उठी मांग। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्ख याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि प्रेमानंद महाराज जी ने करोड़ों युवाओं को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। इस बिषय पर आज वृन्दावन स्थित राधा नंद गिरी आश्रम में साधु संतों की अहम बैठक हुई ,बैठक में महामंडलेश्वर राधा नंद गिरी ने कहा कि प्रेमानंद महाराज जी हमारे ब्रिज भूमि की धरोहर हैं, उनके खिलाफ जिस अधिकारी ने अभद्र टिप्पणी की है ,उस अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि प्रेमानंद महाराज जी ने करोड़ों युवाओं को सद मार्ग दिखाया है और बुरी आदतों से दूर किया है, ऐसे दिव्य संत के बारे में यह टिप्पणी बहुत ही अशोभनीय है। बांके बिहारी की पत्नी इंदुलेखा जी ने कहा कि जिस भी अधिकारी ने यह गलत टिप्पणी की है वह निंदा का विषय है, ऐसे अधिकारी तो नास्तिक ही हो सकते हैं। प्रेमानंद जी के खिलाफ आईपीएस अधिकारी की टिप्पणी से साधु संतों में भारी रोष व्याप्त है और यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन भी किया जा सकता है।1
- good morning all friends baithane ki chhode Yahan Tak to Khade hone Ki Jagan nahi Nahin Hoti1
- मोदीजी प्याज वाली झालमुई खाते हैं, दिमाग नहीं !! नड्डा बोले बंगाल को अरबों दिए, यूपी में कांग्रेस के साथ सरकार बनाएंगे अखिलेश, कंगना ने किया इमरजेंसी इंदिरा की कापी में रोड-शो, ममता का एक धुरंधर छः भाजपाइयों पर भारी और देखिए लाईव गोलीबारी राजपथ न्यूज़ पर....1
- Post by Harshikesh Raj1
- Post by Kishanveer Rajput1
- Bishnupur Rally: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP को मिल रहा अपार समर्थन1
- फाइबर कूलर बॉडी से बना रहे पौधा संरक्षण बैंक, दिया पर्यावरण संदेश रिपोर्ट - प्रवीण कुकरेजा 999 10 11 999 पलवल, 21 अप्रैल - मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अवॉर्डी डॉ. आचार्य राम कुमार बघेल ने *'कबाड़ से जुगाड़'* की अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत वे व्यर्थ पड़ी फाइबर कूलर बॉडी को पौधा संरक्षण के लिए पौधा बैंक के रूप में तैयार कर रहे हैं। *प्रकृति सेवा का संदेश:* डॉ. बघेल ने कहा, _"दिन की शुरुआत प्रकृति माँ की सेवा के साथ हो। बच्चों को यह शिक्षा दें कि प्रकृति पर्यावरण की सुरक्षा करें।"_ उन्होंने *जय हिंद, जय सियाराम* और *माता भूमि: पुत्रोsहं पृथिव्या:* के उद्घोष के साथ *प्रकृति बचाओ अभियान - हरित भारत, स्वस्थ भारत* का आह्वान किया। *क्या है अपील:* 1. *जीओ और जीने दो* के सिद्धांत पर चलें, जीवों पर दया करें 2. *शाकाहारी बनें*, जल संरक्षण करें 3. *वृक्षारोपण* करें और पर्यावरण बचाएं 4. *नारी सम्मान* के साथ प्रकृति की रक्षा करें 5. *"जहाँ हरियाली - वहाँ खुशहाली"* के मंत्र को अपनाएं *जनक्रांति से हरितक्रांति:* 'सन ऑफ नेचर' व 'ग्रीन एम्बेसडर' डॉ. बघेल ने कहा कि _"आओ मिलकर जनक्रांति से हरितक्रांति की ओर चलें।"_ वे लगातार कबाड़ से उपयोगी चीजें बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। _रिपोर्ट - प्रवीण कुकरेजा 999 10 11 999_ --- *सोशल मीडिया पोस्ट:* 🌱 *प्रकृति बचाओ अभियान* 💧🕊️ *हरित भारत - स्वस्थ भारत* ।। जय हिंद, जय सियाराम जी ।। *माता भूमि: पुत्रोsहं पृथिव्या:* _"दिन की शुरुआत - प्रकृति माँ की सेवा के साथ"_ _"बच्चों को दो यह शिक्षा - प्रकृति पर्यावरण की करें सुरक्षा"_ ♻️ *कबाड़ से जुगाड़*: व्यर्थ फाइबर कूलर बॉडी से पौधा संरक्षण बैंक तैयार 🌳 *संदेश*: जीओ और जीने दो, शाकाहारी बनें, जल बचाएं, वृक्ष लगाएं 🌳 *जहाँ हरियाली - वहाँ खुशहाली* 🌳 आओ मिलकर *जनक्रांति से हरितक्रांति* की ओर चलें 🙏 *सन ऑफ नेचर, ग्रीन एम्बेसडर* *डॉ. आचार्य राम कुमार बघेल* अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण अवॉर्डी संस्थापक-अध्यक्ष, मिशन प्रकृति बचाओ पर्यावरण सचेतक सेवा ट्रस्ट, पलवल #PrakritiBachao #GreenIndia #KabadSeJugaad #Environment #TreePlantation #Palwal #DrRamKumarBaghel1
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री श्री अमित शाह से अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने हिन्दू मंदिरो को भारत सरकार के प्रबंधन तथा मंदिरो के धनराशि पर से सरकार की नियंत्रण से सरकार को मुक्त करने की अनुरोध एब मांग किया है। इसका अर्थ है के सरकार का मंदिरों के प्रबंधन और आर्थिक नियंत्रण से हट जाना, और मंदिरों को हिंदू समाज या ट्रस्ट के हाथ में देना। डॉ सिद्धार्थ ने कहा के अगर सरकार कहती है के मंदिरों में भ्रष्टाचार और गलत प्रबंधन की शिकायतें थीं, तो ये कया दुसरे पंथो के धर्मस्थल में नहीं होता, सरकार कया सिर्फ सनातनीओ को भ्रष्टाचारी कह रहे ? डॉ सिद्धार्थ ने और क्या कया कहा यह जांनने के लिए पूरी खबर व वीडियो देखिये..1