होली से पहले टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक, उपायुक्त और एसएसपी ने दिए जरूरी निर्देश धनबाद। (रिपोर्ट प्रेम कुमार). होली पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाने को लेकर बुधवार को धनबाद टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त आदित्य रंजन ने की. बैठक में एसएसपी प्रभात कुमार सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे। इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिस तरह नगर निगम चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, उसी तरह होली का त्योहार भी शांति और भाईचारे के साथ मनाया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जरूरत पड़ने पर धारा 160 का उपयोग भी किया जाएगा। उपायुक्त ने जिलेवासियों को होली और रमजान की शुभकामनाएं दीं और सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि बैठक में समिति के सदस्यों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
होली से पहले टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक, उपायुक्त और एसएसपी ने दिए जरूरी निर्देश धनबाद। (रिपोर्ट प्रेम कुमार). होली पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाने को लेकर बुधवार को धनबाद टाउन हॉल में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त आदित्य रंजन ने की. बैठक में एसएसपी प्रभात कुमार सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे। इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिस तरह नगर निगम चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, उसी तरह होली का त्योहार भी शांति और भाईचारे के साथ मनाया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जरूरत पड़ने पर धारा 160 का उपयोग भी किया जाएगा। उपायुक्त ने जिलेवासियों को होली और रमजान की शुभकामनाएं दीं और सभी से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। वहीं एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि बैठक में समिति के सदस्यों की समस्याएं सुनी गईं और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
- धनबाद कोर्ट परिसर में बम की सूचना… और मच गया हड़कंप! ⚠️ कोर्ट परिसर खाली 👮♂️ पुलिस हाई अलर्ट पर 🐕 डॉग स्क्वॉड तैनात 🔍 सघन तलाशी जारी1
- धनबाद,सिविल कोर्ट को #बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से हड़कंप,आरडीएक्स और साइनाइड हमले की चेतावनी के बाद कोर्ट परिसर खाली।1
- video viral Aftar karne ka samay mein jhagada kar raha hai Bangali log apna pahchan dikha diya1
- ईसीएल एरिया ऑफिस पर मजदूरों का हल्लाबोल सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय के नेतृत्व में मेन गेट जाम आज यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन द्वारा ईसीएल एरिया ऑफिस के मुख्य द्वार पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय के नेतृत्व में आक्रोशित श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट को पूर्णतः बंद कर दिया। मीडिया को संबोधित करते हुए गोपाल राय ने कहा, "ईसीएल प्रबंधन ने वर्षों तक इन जलकुलियों से विभिन्न कोलियरियों में जल कुली का कार्य कराया, लेकिन आज उन्हें बिना किसी भुगतान के घर बैठाया जा रहा है। यह मजदूरों के पेट पर लात मारने जैसा है। जब तक इन श्रमिकों को उनका पैसा नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा।यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन जल्द ही ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो आने वाले दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।4
- स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार के भय या भ्रम की स्थिति में रहने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क, सक्रिय और स्थिति नियंत्रण में है।1
- Post by City Media Giridih2
- धनबाद,मतदान के बाद प्रत्याशियों ने रखी समस्याएं, अधिकारियों ने कहा– बड़ी गड़बड़ी नहीं,,बैठक में आरओ, मेयर व पार्षद प्रत्याशी रहे मौजूद, परिणाम पर टिकी निगाहें।1
- नगर निकाय चुनाव के दौरान आजाद नगर में हुई गोली बारी मामले में कोई गिरफ्तारी को लेकर समाहरणालय में एसपी ऑफिस में प्रेस वार्ता1
- धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद एहतियातन सिविल कोर्ट की 28 कोर्ट बिल्डिंग और एमपी एमएलए कोर्ट परिसर को तत्काल खाली करा लिया गया। बम की सूचना फैलते ही अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादियों के बीच दहशत का माहौल बन गया।1