सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा "कॉकरोच यमुना" ने यमुना और गंगा में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ रविवार को प्रयागराज पहुँचकर प्रतीकात्मक "कॉकरोच प्रोटेस्ट" किया। उन्होंने नदियों में बिना शोधन के सीवर जल छोड़े जाने का कड़ा विरोध जताया। दीपक शर्मा ने उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि वृंदावन से लेकर प्रयागराज संगम तक कई नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में गिर रहा है। इस गंभीर प्रदूषण से त्रिवेणी संगम क्षेत्र, जलीय जीव-जंतु और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, साथ ही यह सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का भी उल्लंघन है। इस मामले पर दीपक शर्मा ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि सभी नालों की शत-प्रतिशत बायो-टैपिंग की जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो इस आंदोलन को उच्च न्यायालय और राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा "कॉकरोच यमुना" ने यमुना और गंगा में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ रविवार को प्रयागराज पहुँचकर प्रतीकात्मक "कॉकरोच प्रोटेस्ट" किया। उन्होंने नदियों में बिना शोधन के सीवर जल छोड़े जाने का कड़ा विरोध जताया। दीपक शर्मा ने उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि वृंदावन से लेकर प्रयागराज संगम तक कई नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में गिर रहा है। इस गंभीर प्रदूषण से त्रिवेणी संगम क्षेत्र, जलीय जीव-जंतु और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है, साथ ही यह सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का भी उल्लंघन है। इस मामले पर दीपक शर्मा ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि सभी नालों की शत-प्रतिशत बायो-टैपिंग की जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो इस आंदोलन को उच्च न्यायालय और राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
- मंगलवार सुबह प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में तिहरे हत्याकांड की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत फैल गई। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्ममता से हत्या कर दी गई है। मृतकों की पहचान श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक अन्य महिला सदस्य (भाभी) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों की हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर की गई है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण करते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त मेजा एसपी उपाध्याय ने बताया कि ट्रिपल मर्डर की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी और मामले की गहन जांच की जा रही है, जिसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस बर्बर हत्या से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। पुलिस ने जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है।1
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों की मंदिर कॉरिडोर योजनाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उत्तरप्रदेश के मैंनपुरी में बोलते हुए, डिंपल यादव ने कहा कि अयोध्या के अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही अन्य मंदिर कॉरिडोर परियोजनाओं में भी जमीन घोटाले और चढ़ावे की चोरी के मामले सामने आए हैं।1
- प्रयागराज में ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल पर संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान करने के बाद लेटे हनुमान जी के दर्शन और पूजन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम ब्रह्म मुहूर्त की महाआरती के साथ शुरू हुआ, जो पूरे दिन लगातार जारी रहा। इस विशेष अवसर पर विश्राम मुद्रा में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा का फूलों और फलों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके अतिरिक्त, भगवान को छप्पन भोग भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुरकटवा गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे उस समय मातम और दहशत फैल गई, जब एक कच्चे मकान के बाहर खून से सने तीन बुजुर्गों के शव मिले। करीब 70 वर्षीय श्यामलाल उर्फ कल्लू, उनकी पत्नी मंजू देवी और परिवार की एक बुजुर्ग महिला रिश्तेदार के सिर ईंटों और भारी पत्थरों से इतनी बेरहमी से कूच दिए गए थे कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया। बाहर बंधे मवेशी बेचैनी से छटपटा रहे थे और दरवाजा आधा खुला था, जिससे ग्रामीणों को शक हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब एक माह पहले परिवार की एक युवती गांव के ही एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से गांव में तनाव का माहौल था। पुलिस इस घटना को तिहरे हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई थी, क्योंकि घर का सामान सुरक्षित था और तोड़फोड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे संकेत मिलता है कि हमलावर केवल हत्या करने के इरादे से आए थे और उन्होंने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह खूनी खेल सोमवार देर रात खेला गया, जब तीनों बुजुर्ग गहरी नींद में थे और हमलावरों ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया, लगातार ईंट-पत्थरों से वार कर उनकी घटनास्थल पर ही मौत सुनिश्चित कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर डीसीपी यमुनानगर, एसीपी, कई थानों की पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बने टूटे छप्पर की ओर लगातार संकेत दे रहा था, जबकि फोरेंसिक विशेषज्ञ खून से सने पत्थरों, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि सिर्फ प्रेम प्रसंग ही नहीं, बल्कि कथित त्रिकोणीय प्रेम संबंध (लव ट्रायंगल) की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि युवती को लेकर कई लोगों के बीच विवाद था, जिसने इस जघन्य हत्याकांड का रूप ले लिया। गांव वालों ने बताया कि परिवार मजदूरी कर गुजारा करता था और घर में कोई युवा सदस्य नहीं था, जिससे हमलावरों ने बुजुर्गों को आसान निशाना बनाया। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। डीसीपी यमुनानगर ने विश्वास दिलाया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला पुरानी रंजिश या युवती के घर छोड़कर जाने से जुड़े विवाद का प्रतीत हो रहा है और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। कुकुरकटवा गांव में मातम और खौफ पसरा हुआ है, जहां लोग इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि तीन बेबस बुजुर्गों का कसूर क्या था और क्या सचमुच एक अधूरी प्रेम कहानी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1
- प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकरकटवा गांव में मंगलवार सुबह एक ही परिवार के तीन लोगों की नृशंस हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घर के बाहर खून से लथपथ हालत में तीन शव मिलने के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल छा गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतकों की पहचान श्याम लाल गुप्ता, अमरावती देवी और इंद्रावती देवी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि परिवार के अधिकांश सदस्य रोजी-रोटी के लिए प्रदेश से बाहर रहते हैं। ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, साथ ही फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने का काम भी शुरू किया गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। इस मामले में, परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर संदेह जताया है। उनका आरोप है कि परिवार की एक युवती का इसी युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर पहले भी विवाद और पंचायत हुई थी। परिजनों का दावा है कि समझौते के प्रयास हुए थे, लेकिन दबाव के चलते यह मामला शांत करा दिया गया था। अब परिवार वाले इसी पुराने विवाद को हत्या की मुख्य वजह मानकर गहन जांच की मांग कर रहे हैं। एडीशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा और डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संभावित बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि जल्द ही इस जघन्य वारदात का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस तिहरे हत्याकांड से पूरे मेजा क्षेत्र में भय और आक्रोश व्याप्त है, और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।4
- प्रयागराज पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग लीडर दिलीप मिश्रा की ₹1.11 करोड़ मूल्य की संपत्ति कुर्क कर दी। पुलिस आयुक्त न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत मेजा के सिलौंधीकला स्थित इस भूमि को कुर्क करने का आदेश जारी किया था। पुलिस के अनुसार, यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन का उपयोग करके खरीदी गई थी।1
- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। उन्हें इस सीट पर उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 15,015 वोटों के अंतर से हराया था। अब ममता बनर्जी ने इन चुनाव नतीजों को अदालत में चुनौती दी है।1
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन के मामले को लेकर साधु-संतों में गहरा आक्रोश पनप रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किए जाने के बावजूद, संत समाज ने अब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने इस कथित गबन के लिए सीधे तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उसके महासचिव चंपत राय को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और महासचिव चंपत राय को उनके पद से हटाने की कड़ी मांग की है।1
- भाजपा सरकार के संबंध में एक तीखी टिप्पणी सामने आई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि अंध भक्तों को यह दिखाई नहीं दे रहा है कि 'हमारे पापा' क्या कर रहे हैं।1