पांढुर्णा में जल जीवन मिशन के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का सपना जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं पानी की टंकियां और नल आज केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि धरातल पर कहीं टंकियां धूल फांक रही हैं तो कहीं नल सूखे पड़े हैं। जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में सामने आया है कि पेयजल व्यवस्था के लिए बनी टंकियां आज भी जस की तस पड़ी हैं। कई जगह टंकियां तो लगा दी गईं, लेकिन उनमें पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन का कोई अता-पता नहीं है। इसके अलावा, कई जगहों पर नल की टोटियां गायब हैं, और कुछ टंकियां क्षतिग्रस्त होकर अपनी बदहाली बयां कर रही हैं। परिणामस्वरूप, बच्चों को आज भी अपनी प्यास बुझाने के लिए पारंपरिक मटकों या हैंडपंपों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। इन अधूरे और बदहाल कार्यों ने सरकारी राशि के बंदरबांट की पोल खोल दी है, जहाँ नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं है, जबकि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड में इन केंद्रों को 'पेयजल सुविधा युक्त' दर्ज किया गया होगा। यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य और उनके बुनियादी अधिकारों के साथ एक बड़ा मजाक है, और जो इंफ्रास्ट्रक्चर उन्हें सुविधा देने के लिए बनाया गया था, वह अब केवल सरकारी लापरवाही का सबूत बनकर खड़ा है। सवाल उठता है कि इन अधूरे निर्माण कार्यों का भुगतान किस आधार पर किया गया और क्या कार्य पूरा होने के बाद किसी अधिकारी ने भौतिक सत्यापन करना उचित नहीं समझा। पांढुर्णा के इन स्कूलों और आंगनवाड़ियों में सरकारी संपत्ति की यह बदहाली भ्रष्टाचार के उन आरोपों को पुख्ता करती है जो लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। संवाददाता निलेश कलसकर की रिपोर्ट में अब यह देखना होगा कि शासन इस मामले में संज्ञान लेकर जवाबदेही तय करती है या फिर यह मामला भी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा।
पांढुर्णा में जल जीवन मिशन के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का सपना जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर लगाई गईं पानी की टंकियां और नल आज केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, क्योंकि धरातल पर कहीं टंकियां धूल फांक रही हैं तो कहीं नल सूखे पड़े हैं। जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में सामने आया है कि पेयजल व्यवस्था के लिए बनी टंकियां आज भी जस की तस पड़ी हैं। कई जगह टंकियां तो लगा दी गईं, लेकिन उनमें पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन का कोई अता-पता नहीं है। इसके अलावा, कई जगहों पर नल की टोटियां गायब हैं, और कुछ टंकियां क्षतिग्रस्त होकर अपनी बदहाली बयां कर रही हैं। परिणामस्वरूप, बच्चों को आज भी अपनी प्यास बुझाने के लिए पारंपरिक मटकों या हैंडपंपों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। इन अधूरे और बदहाल कार्यों ने सरकारी राशि के बंदरबांट की पोल खोल दी है, जहाँ नलों में पानी की एक बूंद भी नहीं है, जबकि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड में इन केंद्रों को 'पेयजल सुविधा युक्त' दर्ज किया गया होगा। यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य और उनके बुनियादी अधिकारों के साथ एक बड़ा मजाक है, और जो इंफ्रास्ट्रक्चर उन्हें सुविधा देने के लिए बनाया गया था, वह अब केवल सरकारी लापरवाही का सबूत बनकर खड़ा है। सवाल उठता है कि इन अधूरे निर्माण कार्यों का भुगतान किस आधार पर किया गया और क्या कार्य पूरा होने के बाद किसी अधिकारी ने भौतिक सत्यापन करना उचित नहीं समझा। पांढुर्णा के इन स्कूलों और आंगनवाड़ियों में सरकारी संपत्ति की यह बदहाली भ्रष्टाचार के उन आरोपों को पुख्ता करती है जो लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। संवाददाता निलेश कलसकर की रिपोर्ट में अब यह देखना होगा कि शासन इस मामले में संज्ञान लेकर जवाबदेही तय करती है या फिर यह मामला भी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा।
- पांढुर्णा में युवा कांग्रेस ने एक एथेनॉल कंपनी पर कन्हान नदी में जहरीला रासायनिक पानी छोड़ने का गंभीर आरोप लगाते हुए एसडीएम को एक स्मरण पत्र सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने इस प्रदूषण पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के इस अवसर पर प्रशांत धुर्वे, विलक्षण मेश्राम, सय्यद जुबेर अली, ऋषभ जिचकर, राजा बोढे, एडवोकेट योगेश अंबाडारे, जिम्मी टाकभवरे, हर्षल पिंगले, उत्तम करोकार, आरिफ शेख, प्रकाश तराम, आकाश भलावी और आशीष गोखे सहित कई युवा कांग्रेस सदस्य उपस्थित थे। कन्हान नदी में बढ़ते इस प्रदूषण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी जनाक्रोश फूट पड़ा है। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर इस एथेनॉल कंपनी के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो क्षेत्र में चक्का जाम कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।2
- बैतूल में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के 18 जून को आयोजित होने वाले “आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण” कार्यक्रम की तैयारियों का कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने मंगलवार को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम, राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, कार्यक्रम स्थल पर मुख्य अतिथि के आगमन, ग्रीन रूम, मंच व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रोटोकॉल के अनुरूप समस्त व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।1
- पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर बैतूल में रामायण पाठ और हनुमान चालीसा पाठ का एक शानदार कार्यक्रम संपन्न हुआ। 11 दोहे पाठ समिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सोमवार, 15 जून को गणेश वार्ड बैतूल निवासी श्याम टेकपुरे के निवास पर आयोजित किया गया था।3
- भैंसदेही ब्लॉक गुदगांव में युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कथित मनमानी और मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में किया गया। इस दौरान युवक कांग्रेस के साथियों ने चुनाव आयोग का पुतला फूंका, जिसमें सभी युवा कांग्रेस के सदस्य उपस्थित थे।2
- एक घटना में, रॉन्ग साइड से आ रहे एक बिना नंबर और बिना लाइट वाले ट्रैक्टर ने एक बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में, बाइक सवार पूर्व सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1
- बैतूल में 16 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के नाम, फोटो और पद का दुरुपयोग कर साइबर ठगी का प्रयास सामने आया है। कुछ अज्ञात व्यक्ति व्हाट्सएप तथा अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से लोगों से धनराशि की मांग कर रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने बताया कि ये संदिग्ध व्यक्ति, अक्सर +66 जैसे विदेशी या अन्य संदिग्ध नंबरों से संपर्क करके, लोगों से किसी और व्यक्ति के लिए तत्काल भुगतान करने और बाद में राशि वापस करने का झांसा देकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। यह गतिविधि पूरी तरह से फर्जी और धोखाधड़ीपूर्ण है। इस धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधि को लेकर कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सभी नागरिकों एवं शासकीय अधिकारियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदेश, कॉल अथवा सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की धनराशि का लेन-देन न करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस एवं साइबर सेल को दी जाए ताकि संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के कुरई क्षेत्र स्थित जिलापुर गांव में एक 55 वर्षीय महिला की बाघ के हमले में दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना कुरई क्षेत्र में बाघों के लगातार हो रहे हमलों का एक और उदाहरण है, जिनसे निर्दोष लोगों की जानें जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न मंचों से वन्य प्राणी हमलों में मृत व्यक्तियों के परिजनों को ₹25 लाख की राहत राशि देने की घोषणा की थी। हालाँकि, इस घोषणा के बावजूद, कई प्रभावित परिवारों को आज तक यह सहायता राशि नहीं मिल पाई है। सरकार से यह मांग की जा रही है कि मुख्यमंत्री केवल घोषणाएँ न करें, बल्कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षा प्रदान करें। साथ ही, वन क्षेत्रों से सटे गांवों में बाघों और अन्य वन्य प्राणियों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ।1
- अपने भारत देश की मौजूदा स्थिति पर गहरा कटाक्ष करते हुए यह टिप्पणी की गई है कि जहाँ बलात्कारी लोग संसद में पहुँच गए हैं, वहीं शिक्षा का दान देने वाले शिक्षक जेल में बंद हैं। इस तीखे अवलोकन के माध्यम से देश में व्याप्त अन्याय और विरोधाभास पर प्रकाश डाला गया है। आगे कहा गया है कि जहाँ एक पेड़ माँ के नाम पर है, वहीं पूरा जंगल टाटा और अडानी जैसे बड़े घरानों के नाम कर दिया गया है, जो संसाधनों के बँटवारे में असमानता को दर्शाता है।1
- आज मंगलवार सुबह बैतूल के NH 47 पर दनोरा कुमली जोड़ के फोरलेन पर एक हृदय विदारक सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें एक स्कार्पियो वाहन और बाइक की जोरदार टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। यह दुखद घटना सुबह करीब 5:30 बजे हुई। हादसे में एक छात्र और दो छात्राओं की जान चली गई। मृतकों में 16 वर्षीय कपिल बारस्कर, जो जीन के निवासी बताए जा रहे हैं, शामिल हैं। अन्य दो छात्राएं महदगांव डहरगांव की निवासी बताई जा रही हैं। घटना के बाद सभी मृतकों का जिला अस्पताल में पोस्ट मार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस दुखद घटना के कारण गांव में मातम पसरा हुआ है।1